बिंद्यारानी देवी ने CWG 2026 में 58 किग्रा वर्ग में जीता ब्रॉन्ज, भारत का छठा पदक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला वेटलिफ्टर बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबम ने 27 जुलाई 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 58 किग्रा भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। एसईसी आर्माडिलो में हुई इस प्रतियोगिता में बिंद्यारानी ने कुल 199 किग्रा (स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा) भार उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस पदक के साथ भारत ने इन खेलों में अपना छठा मेडल अपने नाम किया।
मुख्य घटनाक्रम
स्नैच राउंड में बिंद्यारानी देवी ने अपने तीनों प्रयासों में क्रमशः 83 किग्रा, 85 किग्रा और 87 किग्रा सफलतापूर्वक उठाया। इंग्लैंड की एलिजा प्रैट ने भी 87 किग्रा वजन उठाया, लेकिन प्रयासों के क्रम (काउंटबैक) के नियम के तहत बिंद्यारानी उनसे पीछे रहीं।
स्वर्ण पदक विजेता नाइजीरिया की रफियातू फोलाशादे लावाल ने स्नैच में 103 किग्रा उठाकर कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड और गेम्स रिकॉर्ड दोनों अपने नाम किए। कनाडा की एन सोफी ताशेरो 94 किग्रा के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
क्लीन एंड जर्क राउंड का प्रदर्शन
क्लीन एंड जर्क राउंड में रफियातू फोलाशादे लावाल ने 117 किग्रा, 122 किग्रा और 126 किग्रा के तीनों प्रयासों में सफलता पाई, और कुल 229 किग्रा के साथ गोल्ड मेडल जीता। एन सोफी ताशेरो ने 111 किग्रा, 115 किग्रा और 121 किग्रा उठाकर कुल 215 किग्रा के साथ रजत पदक हासिल किया।
बिंद्यारानी देवी का 110 किग्रा का पहला प्रयास असफल रहा, लेकिन उन्होंने दूसरे प्रयास में 112 किग्रा सफलतापूर्वक उठाया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 116 किग्रा का लक्ष्य रखा, परंतु इसमें सफलता नहीं मिली।
भारत का पदक तालिका में सफर
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पदक अभियान उत्साहजनक रहा है। पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल से भारत का खाता खोला। इसके बाद ऋषिकांत सिंह ने पुरुष वेटलिफ्टिंग (60 किग्रा) में सिल्वर जीता। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 48 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल से देश को गौरवान्वित किया।
इसके अलावा मुथुपांडी राजा ने पुरुष वेटलिफ्टिंग (65 किग्रा) में सिल्वर और ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला वेटलिफ्टिंग (53 किग्रा) में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। बिंद्यारानी के ब्रॉन्ज के साथ भारत की पदक संख्या 6 हो गई है।
आगे की राह
गौरतलब है कि बिंद्यारानी देवी ने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 55 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था, और इस बार वे भार वर्ग बदलकर भी पोडियम पर अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहीं। भारतीय वेटलिफ्टिंग दल का प्रदर्शन इन खेलों में अब तक सबसे मजबूत स्तंभ बना हुआ है।