CWG 2026: हरजिंदर कौर ने 69 किग्रा वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर, भारत का वेटलिफ्टिंग में सातवाँ पदक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने 29 जुलाई 2026 को ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की 69 किग्रा स्पर्धा में सिल्वर मेडल हासिल किया। कुल 227 किग्रा वजन उठाकर हरजिंदर ने पूरी प्रतियोगिता में पदक की दौड़ में अपनी जगह बनाए रखी और भारत की वेटलिफ्टिंग पदक तालिका में यह सातवाँ पदक जोड़ा।
स्कोरकार्ड: कैसा रहा मुकाबला
हरजिंदर ने स्नैच में 101 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 126 किग्रा — अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन — उठाकर कुल 227 किग्रा का स्कोर दर्ज किया। कनाडा की शार्लेट सिमोन्यू ने 108 किग्रा स्नैच और 132 किग्रा क्लीन एंड जर्क के साथ कुल 240 किग्रा उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया की न्या फीबे हेमैन 218 किग्रा (97+121) के साथ ब्रॉन्ज मेडल पर रहीं।
क्लीन एंड जर्क के अंतिम प्रयास में 126 किग्रा सफलतापूर्वक उठाकर हरजिंदर ने दूसरा स्थान सुनिश्चित किया — यह उनके करियर का एक निर्णायक क्षण था।
भारत की वेटलिफ्टिंग पदक तालिका
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग में भारत का यह सातवाँ पदक है — 1 गोल्ड, 5 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज। मीराबाई चानू ने 49 किग्रा वर्ग में गोल्ड दिलाया। ऋषिकांता सिंह चनंबम, राजा मुथुपंडी, वल्लुरी अजय बाबू, ज्ञानेश्वरी यादव और हरजिंदर कौर ने सिल्वर पदक जीते। बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबम ने एकमात्र ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है।
खेतों से लिफ्टिंग प्लेटफॉर्म तक: हरजिंदर की कहानी
14 अक्टूबर 1996 को पंजाब के नाभा के निकट मेहास गाँव में एक किसान परिवार में जन्मीं हरजिंदर ने बचपन से आर्थिक संघर्ष का सामना किया। एक कमरे के घर में पली-बढ़ीं हरजिंदर के पिता के लिए उनकी ट्रेनिंग का खर्च वहन करना आसान नहीं था।
हरजिंदर रोज़ाना घंटों तक हाथ से चलने वाली भारी चारा काटने की मशीन चलाती थीं। इस अनजाने शारीरिक परिश्रम ने उनके शरीर के ऊपरी हिस्से में असाधारण ताकत और मस्कुलर पावर विकसित की, जो आगे चलकर लिफ्टिंग प्लेटफॉर्म पर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
आगे क्या
हरजिंदर के इस प्रदर्शन ने भारतीय वेटलिफ्टिंग की गहराई को एक बार फिर रेखांकित किया है। ग्लासगो में जारी खेलों में भारतीय दल का प्रदर्शन आने वाले दिनों में और पदकों की उम्मीद जगाता है।