29 जुलाई 2026
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: हरजिंदर कौर और गुलवीर सिंह ने जीते सिल्वर मेडल, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने दी बधाई

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: हरजिंदर कौर और गुलवीर सिंह ने जीते सिल्वर मेडल, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने दी बधाई

सारांश

ग्लासगो 2026 के छठे दिन भारत को दोहरी खुशी मिली — हरजिंदर कौर ने 69 किग्रा वेटलिफ्टिंग में 227 किग्रा उठाकर सिल्वर जीता, और गुलवीर सिंह 10,000 मीटर में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और CM योगी ने दी बधाई।

मुख्य बातें

हरजिंदर कौर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 69 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में 227 किलोग्राम भार उठाकर सिल्वर मेडल जीता।
नायब सूबेदार गुलवीर सिंह पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में कॉमनवेल्थ गेम्स पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।
राधाकृष्णन ने एक्स पर दोनों एथलीटों को बधाई दी और कहा कि उनके प्रदर्शन ने 'देश का मान बढ़ाया' ।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी एक्स पर दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुलवीर को 'उत्तर प्रदेश का सपूत' बताते हुए उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक करार दिया।

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन, 29 जुलाई को, भारत ने दो रजत पदक अपनी झोली में डाले — महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने महिलाओं के 69 किग्रा वर्ग में 227 किलोग्राम भार उठाकर सिल्वर मेडल जीता, जबकि नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल कर इतिहास रच दिया। गुलवीर इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

ऐतिहासिक उपलब्धि: गुलवीर का कीर्तिमान

गुलवीर सिंह की यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक नया अध्याय है। 10,000 मीटर की दौड़ में कॉमनवेल्थ गेम्स के मंच पर किसी भारतीय का यह पहला पदक है। उत्तर प्रदेश के इस सपूत ने सेना की वर्दी पहनते हुए देश का तिरंगा ऊँचा किया। गौरतलब है कि लंबी दूरी की दौड़ में भारत का प्रदर्शन ऐतिहासिक रूप से सीमित रहा है, जिसे देखते हुए यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

हरजिंदर कौर का दमदार प्रदर्शन

महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने 69 किग्रा वर्ग में 227 किलोग्राम का कुल भार उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। भारतीय भारोत्तोलन में यह एक और उल्लेखनीय योगदान है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग में अपनी पकड़ मज़बूत करता रहा है।

उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों की बधाई

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने एक्स पर दोनों एथलीटों को बधाई देते हुए लिखा, "आपके शानदार प्रदर्शन ने देश का मान बढ़ाया है। हरजिंदर का दृढ़ संकल्प और पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में भारत के पहले कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट के तौर पर गुलवीर की ऐतिहासिक उपलब्धि अनगिनत युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी।"

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुलवीर को 'ऐतिहासिक और मिसाल कायम करने वाला' बताते हुए कहा कि यह उनकी "बेमिसाल प्रतिभा, कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प का नतीजा है।" हरजिंदर के लिए उन्होंने लिखा कि वह "खेल के प्रति बेहतरीन प्रदर्शन और जबरदस्त लगन की मिसाल हैं।"

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी एक्स पर दोनों एथलीटों को बधाई दी। गुलवीर के लिए उन्होंने लिखा "पोडियम की ओर बढ़ते हुए", और हरजिंदर के प्रदर्शन को "दमदार प्रदर्शन, जोश और पोडियम पर जगह" कहकर सराहा।

उत्तर प्रदेश को गर्व: योगी का संदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर गुलवीर को 'उत्तर प्रदेश का सपूत' बताते हुए लिखा, "आपकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि अथक परिश्रम, अनुशासन एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश एवं देश को आप पर गर्व है।"

भारत की पदक तालिका और आगे की राह

इन दो रजत पदकों के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की पदक संख्या में इज़ाफा हुआ है। गुलवीर की ऐतिहासिक जीत भारतीय लंबी दूरी की दौड़ के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है, और आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय एथलेटिक्स से और बड़े प्रदर्शन की उम्मीद बंधती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 मीटर में यह जीत भारतीय एथलेटिक्स के उस रिक्त स्थान को भरती है जहाँ लंबी दूरी की दौड़ में दशकों से कोई अंतरराष्ट्रीय पदक नहीं आया था — यह संयोग नहीं, सेना की संरचित ट्रेनिंग प्रणाली का परिणाम है। हरजिंदर कौर की सफलता भारतीय वेटलिफ्टिंग की उस निरंतरता को रेखांकित करती है जो मीराबाई चानू के बाद से महिला वर्ग में दिख रही है। राजनीतिक बधाइयों की बाढ़ के बीच असली सवाल यह है कि क्या इन एथलीटों को मिलने वाला संस्थागत समर्थन — बुनियादी ढाँचा, कोचिंग, वित्त पोषण — पदक के बाद भी बना रहेगा, या यह सिर्फ सुर्खियों तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरजिंदर कौर ने कौन-सा मेडल जीता?
हरजिंदर कौर ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 69 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में 227 किलोग्राम भार उठाकर सिल्वर मेडल जीता। यह भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए एक और उल्लेखनीय उपलब्धि है।
गुलवीर सिंह की जीत ऐतिहासिक क्यों है?
गुलवीर सिंह पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में कॉमनवेल्थ गेम्स पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। इससे पहले किसी भी भारतीय ने इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ मंच पर पदक नहीं जीता था।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने क्या कहा?
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने एक्स पर लिखा कि दोनों एथलीटों के शानदार प्रदर्शन ने देश का मान बढ़ाया है और उनकी उपलब्धियाँ अनगिनत युवा एथलीटों को प्रेरित करेंगी। उन्होंने गुलवीर को 10,000 मीटर में भारत का पहला कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट बताया।
गुलवीर सिंह कौन हैं और वे किस राज्य से हैं?
गुलवीर सिंह भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं और उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें 'उत्तर प्रदेश का सपूत' बताते हुए उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन भारत को कितने पदक मिले?
29 जुलाई 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स के छठे दिन भारत को दो सिल्वर मेडल मिले — एक हरजिंदर कौर को वेटलिफ्टिंग में और एक गुलवीर सिंह को 10,000 मीटर दौड़ में।
राष्ट्र प्रेस
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