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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत ने 10वें दिन 16 मेडल जीते, राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने खिलाड़ियों को सराहा

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत ने 10वें दिन 16 मेडल जीते, राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने खिलाड़ियों को सराहा

सारांश

ग्लासगो में भारत के लिए 10वां दिन यादगार रहा — मुक्केबाजी में 10 समेत कुल 16 मेडल, गुलवीर सिंह की एक दिन में दोहरी उपलब्धि, और राष्ट्रपति मुर्मु व उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की खिलाड़ियों को भावभीनी बधाई। भारतीय खेल का यह उभार अब वैश्विक मंच पर साफ़ दिख रहा है।

मुख्य बातें

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत ने कुल 16 मेडल जीते, जिनमें 10 मुक्केबाजी में आए।
गुलवीर सिंह ने एक ही दिन में 5000 मीटर में ब्रॉन्ज और 10,000 मीटर में सिल्वर जीतकर इतिहास रचा — दोनों इवेंट में भारत का पहला कॉमनवेल्थ मेडल।
मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल (80 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), प्रिया घांघस (60 किग्रा) और साक्षी चौधरी (51 किग्रा) ने गोल्ड मेडल जीते।
लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (90+ किग्रा) ने सिल्वर मेडल हासिल किए।
उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा जूडो में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.
राधाकृष्णन ने एक्स पर पोस्ट कर खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 मेडल अपने नाम किए, जिनमें से 10 मेडल अकेले मुक्केबाजी में आए। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भारतीय खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके जज्बे और समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

गुलवीर सिंह की ऐतिहासिक दोहरी उपलब्धि

लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने एक ही दिन में दो मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल और इससे पहले 10,000 मीटर में सिल्वर मेडल जीता। राष्ट्रपति मुर्मु ने एक्स पर लिखा, "ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर गुलवीर सिंह को बहुत-बहुत बधाई। आपकी यह उपलब्धि कॉमनवेल्थ गेम्स में इस इवेंट में भारत का पहला मेडल है और पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में आपकी पिछली सफलता के बाद, आपके यादगार सफर में एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ती है।" उल्लेखनीय है कि 5000 मीटर और 10,000 मीटर — दोनों इवेंट में कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला मेडल जीतना भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक नया मील का पत्थर है।

मुक्केबाजी में भारत का दबदबा

भारतीय मुक्केबाजों ने ग्लासगो में अपना परचम लहराया। अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता, जबकि सचिन सिवाच ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। नरेंद्र बेरवाल ने पुरुषों के 90+ किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया।

महिला वर्ग में अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), प्रिया घांघस (60 किग्रा) और साक्षी चौधरी (51 किग्रा) ने गोल्ड मेडल जीते। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल प्राप्त किया।

जूडो में भी भारत को सफलता

उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा जूडो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत की पदक तालिका को और समृद्ध किया। यह जूडो में भारत के लिए इस संस्करण की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंकुश पंघाल को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, "रिंग में आपके शानदार प्रदर्शन ने आपको सर्वोच्च सम्मान दिलाया है और देश को जश्न मनाने का एक और मौका दिया है। मेडल सेरेमनी में तिरंगे को शान से लहराते हुए देखकर हर भारतीय गर्व और खुशी से भर गया।" सचिन सिवाच के गोल्ड पर उन्होंने कहा, "कड़े मुकाबले वाले फाइनल में आपके दृढ़ प्रदर्शन और संयम ने आपको पोडियम पर शीर्ष स्थान दिलाया है।"

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अपने संदेश में कहा, "आपके बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और लड़ने के जज्बे ने देश का मान बढ़ाया है।" उन्होंने सभी पदक विजेताओं के लिए वैश्विक मंच पर निरंतर सफलता की कामना की।

आगे क्या

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का अभियान जारी है और मुक्केबाजी सहित अन्य खेलों में और पदकों की उम्मीद बनी हुई है। इस प्रदर्शन से उत्साहित भारतीय दल अब शेष दिनों में अपनी पदक संख्या बढ़ाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

या कॉमनवेल्थ की सफलता अपने आप में एक द्वीप बनकर रह जाएगी। पदकों की संख्या उत्साहजनक है, लेकिन ओलंपिक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए ढाँचागत निरंतरता की ज़रूरत है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत ने कितने मेडल जीते?
भारत ने 10वें दिन कुल 16 मेडल जीते, जिनमें से 10 मेडल अकेले मुक्केबाजी में आए। यह दिन भारतीय खेल इतिहास में एक यादगार दिन के रूप में दर्ज हुआ।
गुलवीर सिंह ने ग्लासगो में क्या उपलब्धि हासिल की?
गुलवीर सिंह ने एक ही दिन में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर और 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीता। ये दोनों इवेंट में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के पहले मेडल हैं।
भारतीय मुक्केबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन-से मेडल जीते?
अंकुश पंघाल (80 किग्रा गोल्ड), सचिन सिवाच (60 किग्रा गोल्ड), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा गोल्ड), प्रिया घांघस (60 किग्रा गोल्ड), साक्षी चौधरी (51 किग्रा गोल्ड), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा सिल्वर) और नरेंद्र बेरवाल (90+ किग्रा सिल्वर) ने मेडल जीते।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने खिलाड़ियों को क्यों बधाई दी?
राष्ट्रपति मुर्मु ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के उत्कृष्ट प्रदर्शन, विशेषकर मुक्केबाजी और एथलेटिक्स में मेडल जीतने पर खिलाड़ियों को एक्स पर बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों के जज्बे और संयम की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्नति शर्मा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन-सा मेडल जीता?
उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा जूडो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उनकी इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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