मीनाक्षी सुंदरेश्वरर मंदिर का महाकुंभाभिषेकम: 17 साल बाद मदुरै में भव्य आयोजन, CM विजय ने दी शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 16 सितंबर 2026 को मदुरै स्थित ऐतिहासिक अरुलमिगु मीनाक्षी सुंदरेश्वरर मंदिर के महाकुंभाभिषेकम — जिसे महाअभिषेक एवं पुनर्प्राण प्रतिष्ठा भी कहा जाता है — के अवसर पर श्रद्धालुओं और आम जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस आयोजन को 17 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित हो रहे एक ऐतिहासिक धार्मिक पर्व के रूप में बताया, जो तमिलों की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत की महानता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सदियों से तमिलों की आध्यात्मिकता, कला, संस्कृति, वास्तुकला और शिल्पकला की गौरवगाथा सुनाने वाले इस मंदिर का कुंभाभिषेकम महोत्सव इतने भव्य रूप में आयोजित हो रहा है — यह उनके लिए अत्यंत हर्ष का विषय है।
उन्होंने कहा कि यह शुभ अवसर तमिल संस्कृति की दिव्य पहचान को पूरी दुनिया तक पहुंचाने और इस भूमि की आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत की महिमा को उजागर करने का माध्यम बनेगा। विजय ने यह भी कामना की कि भगवान की कृपा से सभी श्रद्धालुओं के जीवन में स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली आए।
विरासत संरक्षण का आह्वान
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में जनता से प्राचीन मंदिरों और उनकी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन मंदिरों की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महिमा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि मीनाक्षी सुंदरेश्वरर मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि द्रविड़ स्थापत्य कला के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में भी विश्वभर में विख्यात है।
मदुरै में व्यापक तैयारियां
गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को होने वाले महाकुंभाभिषेकम के लिए मदुरै में व्यापक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। तमिलनाडु सरकार ने लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मदुरै जिले में विशेष स्थानीय अवकाश घोषित किया है।
जिला प्रशासन, मदुरै नगर निगम, मंदिर प्रशासन और पुलिस ने दर्शन, यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और भीड़ प्रबंधन के लिए संयुक्त रूप से विशेष इंतजाम किए हैं। रंग-कोड वाले पास के आधार पर श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए सात अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं और प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग व दिशा-सूचक बोर्ड लगाए गए हैं।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था
पुथु मंडपम में स्थापित एकीकृत कंट्रोल रूम से मंदिर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी एलईडी स्क्रीन के जरिए की जाएगी। सुरक्षा को और चाक-चौबंद बनाने के लिए 241 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही 70 स्थानों पर फेस रिकग्निशन कैमरे भी स्थापित किए गए हैं — जो इस स्तर के किसी धार्मिक आयोजन में तकनीकी निगरानी का उन्नत प्रयोग दर्शाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में बड़े धार्मिक आयोजनों के प्रबंधन में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर बढ़ रहा है। आने वाले समय में इस आयोजन की सफलता प्रदेश में भविष्य के धार्मिक पर्यटन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।