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मदुरै: अजगर पहाड़ियों पर अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर में कुंभाभिषेकम संपन्न, 5,000 से अधिक भक्त उमड़े

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मदुरै: अजगर पहाड़ियों पर अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर में कुंभाभिषेकम संपन्न, 5,000 से अधिक भक्त उमड़े

सारांश

मदुरै की अजगर पहाड़ियों पर भगवान मुरुगन के पवित्र धामों में से एक अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर में कुंभाभिषेकम संपन्न हुआ। 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं पर तीन ड्रोन से पवित्र जल बरसाया गया — परंपरा और तकनीक का अनूठा संगम।

मुख्य बातें

अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर , मदुरै में रविवार, 6 जुलाई 2025 को कुंभाभिषेकम भव्य रूप से संपन्न हुआ।
समारोह में 5,000 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए; तीन ड्रोन और स्प्रिंकलर प्रणाली से पवित्र जल वर्षा की गई।
अनुष्ठान सुबह 4 बजे याग पूजा से शुरू होकर 5:45 से 6:30 बजे के बीच मुख्य कुंभाभिषेकम के साथ संपन्न हुआ।
सुरक्षा के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मी , सीसीटीवी और वॉच टावर तैनात किए गए।
भक्तों के लिए 6 एलईडी स्क्रीन , विशेष बसें, चिकित्सा केंद्र और अन्नदान की व्यवस्था की गई।

तमिलनाडु के मदुरै जिले में अजगर पहाड़ियों पर विराजित अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर में 6 जुलाई 2025 (रविवार) को कुंभाभिषेकम — अर्थात पवित्र अभिषेक समारोह — अत्यंत भव्यता और धार्मिक श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। भगवान मुरुगन के छह पवित्र धामों में से एक माने जाने वाले इस मंदिर में 5,000 से अधिक श्रद्धालु एकत्रित हुए और समूचा परिसर 'अरोहारा! अरोहारा!' के जयघोष से गूंज उठा।

अनुष्ठान का क्रम और समय

समारोह का शुभारंभ सुबह 4 बजे छठे चरण की याग पूजा से हुआ। ठीक 5:35 बजे पारंपरिक वाद्ययंत्रों, औपचारिक छतरियों, मशालों और मंदिर के सेवकों के साथ पवित्र कलशों की शोभायात्रा निकाली गई। 5:45 बजे से 6:30 बजे के मध्य मुख्य कुंभाभिषेकम विधिवत संपन्न हुआ।

5:57 बजे सर्वप्रथम वल्ली और देवसेना सहित अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी के विमानम पर पवित्र जल से अभिषेक किया गया। तत्पश्चात राजगोपुरम के शीर्ष पर स्थापित कलशों पर पवित्र जल अर्पित किया गया और विशेष दीपाराधना की गई।

मुख्य गर्भगृह में अभिषेक

मुख्य अनुष्ठानों के अंतर्गत गर्भगृह में विराजमान सुब्रमण्य स्वामी, वल्ली, देवसेना, विठगा विनायक, आदिवेल और अन्य पारिवारिक देवताओं का भी कुंभाभिषेकम किया गया। इसके उपरांत महादीपाराधना संपन्न हुई, जिसने समारोह को आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की।

श्रद्धालुओं पर ड्रोन से पवित्र जल वर्षा

अनुष्ठान पूर्ण होने के पश्चात मंदिर प्रांगण में उपस्थित 5,000 से अधिक भक्तों पर तीन ड्रोन की सहायता से पवित्र जल का छिड़काव किया गया। इसके अतिरिक्त स्प्रिंकलर प्रणाली के माध्यम से भी श्रद्धालुओं पर पवित्र जल बरसाया गया। यह दृश्य आस्था और आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम का प्रतीक बना।

सुरक्षा और सुविधाएँ

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। परिसर में सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर भी स्थापित किए गए थे। भक्तों को समारोह का सीधा दर्शन कराने हेतु 6 एलईडी स्क्रीन लगाई गईं।

मंदिर प्रशासन ने पेयजल, चिकित्सा सहायता केंद्र और अस्थायी शौचालयों की विशेष व्यवस्था की। श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए विशेष बसें संचालित की गईं और सभी उपस्थित भक्तों के लिए अन्नदान की भी समुचित व्यवस्था रही।

धार्मिक महत्त्व

अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर भगवान मुरुगन के षण्मुख स्थलों (छह पवित्र धामों) में से एक है और तमिल आस्था में इसका विशेष स्थान है। कुंभाभिषेकम हिंदू मंदिर परंपरा में मंदिर के जीर्णोद्धार या निर्धारित अवधि के पश्चात किया जाने वाला सर्वोच्च पवित्र अनुष्ठान माना जाता है, जिसमें मंदिर के शिखर और विग्रहों को पवित्र जल से अभिषिक्त किया जाता है। इस बार के समारोह में आधुनिक तकनीक — ड्रोन और एलईडी स्क्रीन — का उपयोग परंपरा और समकालीनता के सम्मिलन की मिसाल बना।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तमिल मंदिर प्रशासन की बदलती कार्यशैली का प्रतीक भी है — जहाँ ड्रोन और एलईडी स्क्रीन जैसी तकनीक को सदियों पुरानी परंपरा के साथ सहजता से जोड़ा गया। यह प्रश्न उठाना उचित है कि क्या अन्य प्रमुख तमिलनाडु मंदिर भी इस मॉडल को अपनाएँगे, विशेषकर जब भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालु सुरक्षा राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुके हैं। 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती यह भी रेखांकित करती है कि धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा-नियोजन अब उतना ही अनिवार्य है जितना स्वयं अनुष्ठान।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का कुंभाभिषेकम क्या है?
कुंभाभिषेकम हिंदू मंदिर परंपरा में जीर्णोद्धार या निर्धारित अवधि के पश्चात किया जाने वाला सर्वोच्च पवित्र अनुष्ठान है, जिसमें मंदिर के शिखर, कलश और विग्रहों को पवित्र जल से अभिषिक्त किया जाता है। मदुरै के अजगर पहाड़ियों पर स्थित इस मंदिर में यह समारोह 6 जुलाई 2025 को संपन्न हुआ।
यह मंदिर भगवान मुरुगन के कितने पवित्र धामों में से एक है?
अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर भगवान मुरुगन के छह पवित्र धामों — जिन्हें षण्मुख स्थल कहा जाता है — में से एक माना जाता है। यह तमिल आस्था और संस्कृति में विशेष धार्मिक महत्त्व रखता है।
कुंभाभिषेकम में ड्रोन का उपयोग क्यों किया गया?
5,000 से अधिक श्रद्धालुओं पर पवित्र जल का समान रूप से छिड़काव करने के लिए तीन ड्रोन की सहायता ली गई। इसके साथ ही स्प्रिंकलर प्रणाली भी उपयोग में लाई गई, जो परंपरागत अनुष्ठान में आधुनिक तकनीक के समावेश का उदाहरण है।
समारोह में सुरक्षा की क्या व्यवस्था थी?
मंदिर प्रशासन और पुलिस ने 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर भी लगाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 6 एलईडी स्क्रीन, विशेष बसें, चिकित्सा केंद्र और अन्नदान की भी व्यवस्था की गई।
कुंभाभिषेकम समारोह किस समय शुरू और समाप्त हुआ?
समारोह सुबह 4 बजे छठे चरण की याग पूजा से शुरू हुआ। 5:35 बजे कलश शोभायात्रा निकली और मुख्य कुंभाभिषेकम 5:45 से 6:30 बजे के बीच संपन्न हुआ। 5:57 बजे सर्वप्रथम सुब्रमण्य स्वामी के विमानम पर अभिषेक किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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