मूकाम्बिका मंदिर दर्शन: सीएम जोसेफ विजय मंगलुरु पहुंचे, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय शुक्रवार, 13 जून 2025 को कर्नाटक के उडुपी जिले में स्थित प्रसिद्ध कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के लिए मंगलुरु पहुंचे। वे दिल्ली से विशेष उड़ान के जरिए मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे और सड़क मार्ग से 125 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पहुंचेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री विजय के दौरे को देखते हुए कर्नाटक पुलिस ने मंदिर परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी है। जब तक मुख्यमंत्री अपनी पूजा-अर्चना पूरी नहीं कर लेते, तब तक आम भक्तों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई गई है। मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
इस दौरे के लिए कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों राज्यों की पुलिस के जवान संयुक्त रूप से तैनात हैं। तमिलनाडु से आए काफिले की गाड़ियां हवाई अड्डे के परिसर में पहले से ही खड़ी थीं। मुख्यमंत्री विजय को जेड प्लस सुरक्षा कवर प्रदान किया गया है, और उनके करीबी सुरक्षा दल में तमिलनाडु पुलिस के डीआईजी और एसपी सहित कुल 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
भारी भीड़ की आशंका
कर्नाटक में मुख्यमंत्री विजय की जबरदस्त फैन फॉलोइंग को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को मंदिर परिसर में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। स्थानीय पुलिस ने मंगलुरु से मूकाम्बिका मंदिर तक के पूरे 125 किलोमीटर के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और विरोध की आशंका
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब तमिलनाडु सरकार मेकेदातु परियोजना का विरोध कर रही है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस परियोजना को शुरू न करने का आग्रह किया है। इस राजनीतिक पृष्ठभूमि के चलते कन्नड़ समर्थक संगठनों ने पहले ही घोषणा की है कि वे मुख्यमंत्री विजय को काले झंडे दिखाएंगे — यही कारण है कि पुलिस किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठा रही।
गौरतलब है कि मेकेदातु परियोजना कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी नदी जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद का विषय रही है।
मूकाम्बिका मंदिर का महत्व
कोल्लूर स्थित श्री मूकाम्बिका मंदिर कर्नाटक के उडुपी जिले का एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यह परशुराम द्वारा रचित मोक्ष के सात धामों में से एक माना जाता है और इसकी स्थापना आदि शंकराचार्य ने की थी। यहाँ देवी शक्ति के रूप में मूकाम्बिका देवी की पूजा होती है, जो आदि शक्ति का स्वरूप हैं। इस लिंग के बाईं ओर महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती विराजमान हैं, जबकि उद्भवलिंग के रूप में दाईं ओर ब्रह्मा, विष्णु और शिव को भी समाहित किया गया है — यह अद्वितीय संयोजन केवल यहीं देखा जा सकता है।
आगे का कार्यक्रम
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री विजय शाम 5:30 बजे मंगलुरु से चेन्नई के लिए विशेष उड़ान भरेंगे। यह दौरा तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच जल विवाद की तनावपूर्ण पृष्ठभूमि में हो रहा है, और आने वाले दिनों में दोनों राज्यों के बीच राजनीतिक संवाद की दिशा पर नज़र रहेगी।