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मूकाम्बिका मंदिर दर्शन: सीएम जोसेफ विजय मंगलुरु पहुंचे, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

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मूकाम्बिका मंदिर दर्शन: सीएम जोसेफ विजय मंगलुरु पहुंचे, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय का कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर दर्शन धार्मिक आस्था और राजनीतिक तनाव का अनूठा संगम बन गया है — मेकेदातु विवाद की पृष्ठभूमि में कन्नड़ संगठनों के विरोध और जेड प्लस सुरक्षा के बीच यह यात्रा दोनों राज्यों के रिश्तों की नब्ज़ टटोलती है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय कर्नाटक के कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के लिए मंगलुरु पहुंचे।
मुख्यमंत्री को जेड प्लस सुरक्षा दी गई है; दल में डीआईजी , एसपी सहित 40 पुलिसकर्मी शामिल।
मंदिर में पूजा के दौरान आम भक्तों के प्रवेश पर अस्थायी रोक ; 125 किलोमीटर के पूरे मार्ग पर सुरक्षा तैनात।
कन्नड़ समर्थक संगठनों ने काले झंडे दिखाने की घोषणा की — मेकेदातु परियोजना विवाद इस तनाव की जड़ में।
विजय शाम 5:30 बजे मंगलुरु से चेन्नई के लिए विशेष उड़ान भरेंगे।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय शुक्रवार, 13 जून 2025 को कर्नाटक के उडुपी जिले में स्थित प्रसिद्ध कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के लिए मंगलुरु पहुंचे। वे दिल्ली से विशेष उड़ान के जरिए मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे और सड़क मार्ग से 125 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पहुंचेंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मुख्यमंत्री विजय के दौरे को देखते हुए कर्नाटक पुलिस ने मंदिर परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी है। जब तक मुख्यमंत्री अपनी पूजा-अर्चना पूरी नहीं कर लेते, तब तक आम भक्तों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई गई है। मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

इस दौरे के लिए कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों राज्यों की पुलिस के जवान संयुक्त रूप से तैनात हैं। तमिलनाडु से आए काफिले की गाड़ियां हवाई अड्डे के परिसर में पहले से ही खड़ी थीं। मुख्यमंत्री विजय को जेड प्लस सुरक्षा कवर प्रदान किया गया है, और उनके करीबी सुरक्षा दल में तमिलनाडु पुलिस के डीआईजी और एसपी सहित कुल 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं।

भारी भीड़ की आशंका

कर्नाटक में मुख्यमंत्री विजय की जबरदस्त फैन फॉलोइंग को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को मंदिर परिसर में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। स्थानीय पुलिस ने मंगलुरु से मूकाम्बिका मंदिर तक के पूरे 125 किलोमीटर के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और विरोध की आशंका

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब तमिलनाडु सरकार मेकेदातु परियोजना का विरोध कर रही है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस परियोजना को शुरू न करने का आग्रह किया है। इस राजनीतिक पृष्ठभूमि के चलते कन्नड़ समर्थक संगठनों ने पहले ही घोषणा की है कि वे मुख्यमंत्री विजय को काले झंडे दिखाएंगे — यही कारण है कि पुलिस किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठा रही।

गौरतलब है कि मेकेदातु परियोजना कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी नदी जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद का विषय रही है।

मूकाम्बिका मंदिर का महत्व

कोल्लूर स्थित श्री मूकाम्बिका मंदिर कर्नाटक के उडुपी जिले का एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यह परशुराम द्वारा रचित मोक्ष के सात धामों में से एक माना जाता है और इसकी स्थापना आदि शंकराचार्य ने की थी। यहाँ देवी शक्ति के रूप में मूकाम्बिका देवी की पूजा होती है, जो आदि शक्ति का स्वरूप हैं। इस लिंग के बाईं ओर महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती विराजमान हैं, जबकि उद्भवलिंग के रूप में दाईं ओर ब्रह्मा, विष्णु और शिव को भी समाहित किया गया है — यह अद्वितीय संयोजन केवल यहीं देखा जा सकता है।

आगे का कार्यक्रम

पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री विजय शाम 5:30 बजे मंगलुरु से चेन्नई के लिए विशेष उड़ान भरेंगे। यह दौरा तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच जल विवाद की तनावपूर्ण पृष्ठभूमि में हो रहा है, और आने वाले दिनों में दोनों राज्यों के बीच राजनीतिक संवाद की दिशा पर नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दो राज्यों के बीच बढ़ते जल-विवाद की राजनीतिक परछाईं भी है। मेकेदातु परियोजना पर तमिलनाडु के कड़े विरोध के बाद कर्नाटक की धरती पर उनका आना और कन्नड़ संगठनों की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि अंतर-राज्यीय जल विवाद अब सड़क तक उतर आए हैं। जेड प्लस सुरक्षा और दो राज्यों की पुलिस की संयुक्त तैनाती यह भी बताती है कि प्रशासन इस यात्रा को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संवेदनशील राजनीतिक घटना के रूप में देख रहा है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम जोसेफ विजय कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर क्यों गए?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय कर्नाटक के उडुपी जिले में स्थित कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के लिए गए। यह उनकी व्यक्तिगत धार्मिक यात्रा बताई जा रही है।
मूकाम्बिका मंदिर दर्शन के दौरान इतनी सुरक्षा क्यों लगाई गई?
कन्नड़ समर्थक संगठनों ने मुख्यमंत्री विजय को काले झंडे दिखाने की घोषणा की थी, जो मेकेदातु परियोजना पर तमिलनाडु के विरोध से जुड़ी है। इसी कारण कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों राज्यों की पुलिस को तैनात किया गया और जेड प्लस सुरक्षा दी गई।
कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर का क्या महत्व है?
कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर कर्नाटक के उडुपी जिले में स्थित है और परशुराम द्वारा रचित मोक्ष के सात धामों में से एक माना जाता है। इसकी स्थापना आदि शंकराचार्य ने की थी और यहाँ देवी मूकाम्बिका की आदि शक्ति के रूप में पूजा होती है।
मेकेदातु परियोजना और इस दौरे का क्या संबंध है?
तमिलनाडु सरकार मेकेदातु परियोजना का विरोध कर रही है और मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर इसे न शुरू करने का आग्रह किया है। इस विवाद की पृष्ठभूमि में कन्नड़ संगठनों ने विजय के दौरे का विरोध करने की घोषणा की, जिससे सुरक्षा की ज़रूरत बढ़ गई।
सीएम विजय मंगलुरु में कितने समय रहेंगे?
मुख्यमंत्री विजय दिल्ली से विशेष उड़ान से मंगलुरु पहुंचे और पूजा-अर्चना के बाद शाम 5:30 बजे मंगलुरु से चेन्नई के लिए रवाना होंगे। यह एक दिवसीय दौरा है।
राष्ट्र प्रेस
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