CM विजय की पहली दिल्ली यात्रा 27 मई को, PM मोदी और वित्त मंत्री सीतारमण से मुलाकात संभव
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय 27 मई को नई दिल्ली के दौरे पर जाएंगे — मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक राजधानी यात्रा होगी। सूत्रों के अनुसार, विजय उसी दिन चेन्नई लौट सकते हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के नेतृत्व में कई दशकों बाद राज्य में पहली गठबंधन सरकार बनी है।
दौरे का उद्देश्य
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री विजय इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि वह तमिलनाडु के लिए अधिक वित्तीय सहायता और कई अहम बुनियादी ढाँचा व विकास परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी दिलाने की माँग रखेंगे।
बैठकों में बुनियादी ढाँचे के विस्तार, लंबित केंद्रीय निधि जारी करने, औद्योगिक विकास योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और बड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर समर्थन की माँग उठाए जाने की संभावना है।
ऐतिहासिक चुनावी पृष्ठभूमि
यह दौरा विजय और उनकी पार्टी TVK के शानदार चुनावी प्रदर्शन के कुछ ही हफ्तों बाद हो रहा है। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाली TVK ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। इसके साथ ही राज्य में लंबे समय से चले आ रहे द्रविड़ दलों — द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) — के राजनीतिक वर्चस्व को पहली बार गंभीर चुनौती मिली।
गौरतलब है कि बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों का आँकड़ा TVK अकेले नहीं छू सकी, जिसके बाद चुनाव के बाद तेज़ राजनीतिक गतिविधियाँ शुरू हुईं। विजय को कांग्रेस, वामपंथी दलों, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और विदुथलाई चिरुथाइगल काची समेत कई दलों का समर्थन मिला, जिससे बहुमत का रास्ता साफ हुआ।
राजनीतिक महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में कई दशकों बाद गठबंधन सरकार बनी है — अब तक राज्य में अधिकतर समय DMK या AIADMK के नेतृत्व वाली एकल-दल सरकारों का ही दबदबा रहा था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा संकेत देगा कि नई सरकार केंद्र के साथ किस तरह का कार्यकारी संबंध बनाना चाहती है।
आगे क्या
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस दौरे से यह स्पष्ट होगा कि तमिलनाडु की नई गठबंधन सरकार केंद्र सरकार के साथ किस प्रकार तालमेल बनाकर अपनी विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना चाहती है। बैठकों के परिणाम राज्य-केंद्र संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।