तमिलनाडु CM विजय 11 जून को नीति आयोग बैठक में होंगे शामिल, राहुल-सोनिया से मुलाकात की संभावना
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय बुधवार, 11 जून को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक के लिए विजय 9 जून को सुबह लगभग 8 बजे एक निजी विमान से चेन्नई से रवाना हुए। यह उनकी तीन दिवसीय राष्ट्रीय राजधानी यात्रा है।
पहले दौरे से जुड़ी पृष्ठभूमि
यह यात्रा मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय की दूसरी आधिकारिक दिल्ली यात्रा है। इससे पहले 27 मई को उन्होंने नई दिल्ली का दौरा किया था, जो तमिलनाडु की सत्ता संभालने के बाद राष्ट्रीय राजधानी की उनकी पहली यात्रा थी। उस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर तमिलनाडु से जुड़े कई अहम मुद्दों पर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था।
उस दौरे में विजय ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी भेंट की और राज्य के विकास तथा वित्तीय आवश्यकताओं पर चर्चा की। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस-समर्थित गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने के बावजूद उन्होंने उस दौरे में सोनिया गांधी या राहुल गांधी से मुलाकात नहीं की थी।
तमिलनाडु की प्रमुख मांगें
पिछले दौरे में मुख्यमंत्री विजय ने दो बड़े मुद्दे केंद्र के सामने रखे थे — कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना को मंजूरी न दिए जाने की माँग और तमिलनाडु के मछुआरों की समस्याओं का स्थायी समाधान। इस बार भी विजय इस अवसर का उपयोग राज्य की विकास प्राथमिकताओं को दोहराने और प्रमुख परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से अधिक समर्थन जुटाने के लिए करेंगे।
नीति आयोग बैठक का महत्व
11 जून को होने वाली नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में देश भर के मुख्यमंत्रियों के भाग लेने की संभावना है। इस बैठक में राज्यों के विकास, वित्तीय सहायता और सहकारी संघवाद से जुड़े मुद्दों पर विमर्श होने की उम्मीद है। यह मंच राज्यों को केंद्र के समक्ष अपनी प्राथमिकताएँ रखने का महत्वपूर्ण अवसर देता है।
राजनीतिक नज़रिए से अहम दौरा
राजनीतिक गलियारों में इस दौरे पर गहरी नज़र है। सूत्रों के अनुसार, विजय अपने दिल्ली प्रवास के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ गठबंधन में कांग्रेस की अहम सहयोगी भूमिका को देखते हुए ये संभावित मुलाकातें राज्य और राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा का अवसर बन सकती हैं।
यह दौरा तमिलनाडु और केंद्र सरकार के बीच संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।