कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: जूडो-डेकाथलॉन में ऐतिहासिक मेडल, राष्ट्रपति मुर्मु और अमित शाह ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 1 अगस्त को भारत के लिए 9वाँ दिन ऐतिहासिक रहा — जूडो और डेकाथलॉन में देश ने पहली बार पदक हासिल किए, जबकि जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह ने एक साथ पोडियम पर जगह बनाकर दोहरी खुशी दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी पदक विजेताओं को बधाई दी।
जैवलिन थ्रो में भारत की दोहरी सफलता
नीरज चोपड़ा ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता, जबकि यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने एक्स पर लिखा, 'पोडियम पर आपकी यह यादगार दोहरी जीत आपके अटूट समर्पण और खेल में आपकी असाधारण उत्कृष्टता को दर्शाती है।' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दोनों खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके बेहतरीन कौशल और दृढ़ संकल्प ने देश का मान बढ़ाया है।
तेजस्विन शंकर: डेकाथलॉन में इतिहास रचा
तेजस्विन शंकर ने पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में इस इवेंट में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय एथलीट बनने का गौरव प्राप्त किया। उल्लेखनीय यह है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, तेजस्विन ने यह उपलब्धि चोट से जूझते हुए हासिल की। राष्ट्रपति मुर्मु ने उन्हें बधाई देते हुए लिखा, 'इस शानदार प्रदर्शन के साथ, आप कॉमनवेल्थ गेम्स में डेकाथलॉन में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।' गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि तेजस्विन ने 'देश भर के एथलीट्स के लिए एक प्रेरणादायक राह बनाई है।'
यामिनी मौर्य: जूडो में तीसरा पदक
यामिनी मौर्य ने महिलाओं के 57 किग्रा जूडो इवेंट में सिल्वर मेडल जीता, जिससे ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जूडो में भारत का यह तीसरा पदक बन गया। राष्ट्रपति ने कहा, 'आपकी हिम्मत, पक्के इरादे और लड़ने के जज्बे ने देश का मान बढ़ाया है।' गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, 'बहुत बढ़िया, यामिनी मौर्या। आपने सीडब्ल्यूजी 2026 में महिलाओं के 57 किग्रा जूडो इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता है।'
राष्ट्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, 'ये शानदार प्रदर्शन हमारे खिलाड़ियों की प्रतिभा, लगन और दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं। देश आपकी सफलता का जश्न मनाता है।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी पदक तालिका को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गौरतलब है कि जूडो और डेकाथलॉन जैसे इवेंट्स में भारत की यह सफलता देश में खेल प्रशिक्षण के विस्तार का संकेत देती है।
आगे क्या
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 अभी जारी हैं और भारत के अन्य एथलीट भी विभिन्न स्पर्धाओं में पदक की दौड़ में हैं। तेजस्विन शंकर की चोट के बाद उनकी रिकवरी पर भी नज़र रहेगी, जिसके लिए रक्षा मंत्री ने उनके 'जल्द ठीक होने की कामना' की है। जूडो में भारत के प्रदर्शन की यह निरंतरता आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए उत्साहजनक संकेत है।