डीआरसी में इबोला के 7,258 कन्फर्म मामले, 3,510 मौतें; 7 प्रांतों में संक्रमण जारी
सारांश
मुख्य बातें
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में 15 सितंबर 2026 को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार इबोला के 7,258 कन्फर्म मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें 3,510 मौतें और 1,726 लोग स्वस्थ हुए हैं। महामारी की कुल मृत्यु दर 48.4 प्रतिशत दर्ज की गई है। हालांकि समग्र रुझान नीचे की ओर है, कई प्रांतों में संक्रमण का प्रसार अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।
मुख्य आंकड़े और वर्तमान स्थिति
रविवार तक की सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 905 मरीज आइसोलेशन में थे या अस्पताल में भर्ती थे। यह प्रकोप सात प्रांतों के 62 स्वास्थ्य क्षेत्रों को प्रभावित कर चुका है — जिनमें इटुरी, नॉर्थ किवू, साउथ किवू, हाउत-उएले, बास-उएले, त्शोपो और सुद-उबांगी शामिल हैं।
इटुरी, नॉर्थ किवू और हाउत-उएले में संक्रमण का प्रसार अभी भी जारी है, जबकि त्शोपो और बास-उएले में छिटपुट मामले सामने आ रहे हैं। प्रकोप के हालिया विस्तार से पहले प्रभावित 10 स्वास्थ्य क्षेत्रों में कम से कम 21 दिनों से कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ — जो सीमित सुधार का संकेत है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
किंशासा में सोमवार को आयोजित एक रणनीतिक समन्वय बैठक के बाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रमुख डियूडोन म्वाम्बा कजादी ने कहा कि महामारी का ग्राफ नीचे की ओर जा रहा है और यह अपने चरम पर अगस्त 2026 के मध्य में पहुंच चुकी थी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यह गिरावट देशभर में एक समान नहीं है — नॉर्थ किवू जैसे प्रांतों में अभी भी मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया
सरकार के प्रवक्ता पैट्रिक मुयाया ने शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक की रिपोर्ट पढ़ते हुए कहा, 'यह 17वां इबोला प्रकोप अब नियंत्रण में है और इसका चरम अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह की शुरुआत में आया था।' यह जानकारी उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा के हवाले से दी।
सरकार ने स्वीकार किया कि स्थानीय स्तर पर नए संक्रमण, बीमारी का सातवें प्रांत तक विस्तार और क्षेत्रीय असमानताएँ अभी भी चुनौती बनी हुई हैं। अधिकांश प्रमुख संकेतक गिरावट की ओर हैं, लेकिन प्रकोप पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
ऐतिहासिक संदर्भ और वैश्विक परिप्रेक्ष्य
मई 2026 में घोषित यह प्रकोप डीआरसी के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे घातक इबोला महामारी बन गया है। वैश्विक स्तर पर यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इबोला प्रकोप है। इससे बड़ा प्रकोप केवल 2014-2016 के दौरान पश्चिम अफ्रीका में दर्ज किया गया था, जिसमें 11,000 से अधिक मौतें हुई थीं।
यह ऐसे समय में आया है जब डीआरसी पहले से ही कई मानवीय संकटों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि देश में यह 17वाँ इबोला प्रकोप है, जो दर्शाता है कि यह वायरस डीआरसी में बार-बार लौटता रहा है।
आगे की राह
स्वास्थ्य अधिकारियों ने पूर्वी प्रांत इटुरी के कई इलाकों में संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ने को राहत की बात बताया है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार जब तक नॉर्थ किवू और हाउत-उएले में मामलों पर पूर्ण नियंत्रण नहीं होता, तब तक प्रकोप के पुनः फैलने का खतरा बना रहेगा। अगले कुछ सप्ताहों में इन प्रांतों में निगरानी और टीकाकरण अभियान की गति निर्णायक होगी।