कांगो में इबोला का 17वां प्रकोप: 7,022 मामले, 3,398 मौतें — खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं
सारांश
मुख्य बातें
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) सरकार ने 13 सितंबर 2026 को घोषणा की कि देश में फैला इबोला का 17वां प्रकोप अब नियंत्रण में है और अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में अपने चरम को पार कर चुका है। बावजूद इसके, सातवें प्रांत सुद-उबांगी तक संक्रमण फैलने और नए मामलों के उभरने से खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं है।
सरकार का आकलन और मौजूदा स्थिति
सरकार के प्रवक्ता पैट्रिक मुयाया ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक की रिपोर्ट पढ़ते हुए स्वास्थ्य मंत्री रोजर कंबा के हवाले से कहा, 'इबोला का 17वां प्रकोप काबू में है और अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह की शुरुआत में यह अपने चरम पर पहुंच गया था।' सरकार का कहना है कि सभी मुख्य संकेत मामलों में गिरावट की ओर इशारा कर रहे हैं।
प्रभावित 10 स्वास्थ्य क्षेत्रों में कम से कम 21 दिनों से कोई नया मामला सामने नहीं आया है। इसके साथ ही, प्रकोप के मुख्य केंद्र पूर्वी प्रांत इटुरी के कई इलाकों में संक्रमण की रफ्तार धीमी हुई है। अधिकारियों ने कड़ी निगरानी और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
कांगो के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और मौजूदा सांसद जीन-जैक्स मबुंगानी मबांडा ने इस आकलन को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने शनिवार को कहा कि कुछ इलाकों में मामलों में कमी का अर्थ यह नहीं है कि हर जगह संक्रमण पर काबू पा लिया गया है।
मबांडा के अनुसार, जब संक्रमण कई जगहों से एक साथ फैल रहा हो, तो अलग-अलग क्षेत्र अलग-अलग समय पर अपने चरम पर पहुंच सकते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि महामारी का ग्राफ केवल पहचाने गए मामलों को दर्शाता है और समुदायों में मौजूद अज्ञात संक्रमणों की वजह से वास्तविक तस्वीर भिन्न हो सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का मूल्यांकन
अपनी नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि यह प्रकोप 'अभी भी अनियंत्रित और विषम (हेटरोजीनस) बना हुआ है।' संगठन ने स्पष्ट किया कि कुछ क्षेत्रों में संक्रमण घट रहा है, जबकि अन्य जगहों पर यह बढ़ रहा है या भौगोलिक रूप से फैल रहा है। संगठन के शब्दों में, 'यह प्रकोप एक समान रूप से घटने के बजाय भौगोलिक रूप से अलग-अलग तरह का व्यवहार दिखा रहा है।'
सातवें प्रांत तक पहुंचा संक्रमण
डीआरसी सरकार ने गुरुवार को पुष्टि की कि उत्तर-पश्चिमी प्रांत सुद-उबांगी में इबोला का पहला मामला सामने आया है, जिससे यह प्रभावित होने वाला सातवां प्रांत बन गया है। गौरतलब है कि सुद-उबांगी की सीमा पहले से प्रभावित किसी भी प्रांत से नहीं लगती। मबांडा के अनुसार, इस प्रांत में पहुंचा 23 वर्षीय मरीज़ — जिसकी बाद में मृत्यु हो गई — ने सुद-उबांगी आने से पहले कई प्रांतों और पड़ोसी देशों रवांडा तथा युगांडा की यात्रा की थी, जिसमें सड़क और नदी दोनों मार्ग शामिल थे।
मामलों और मौतों का आँकड़ा
10 सितंबर 2026 तक डीआरसी में इबोला के 7,022 कन्फर्म मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें 3,398 मौतें शामिल हैं। मृत्यु दर 48.4% दर्ज की गई है। यह बीमारी अब सात प्रांतों के 62 स्वास्थ्य क्षेत्रों में फैल चुकी है।
मई 2026 में घोषित यह प्रकोप डीआरसी के इतिहास में इबोला की सबसे बड़ी और सबसे घातक महामारी बन गया है। विश्व स्तर पर यह दूसरी सबसे बड़ी महामारी है — इससे बड़ी महामारी 2014-2016 में पश्चिम अफ्रीका में फैली थी। आने वाले हफ्तों में सुद-उबांगी जैसे नए और दूरस्थ प्रांतों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और टीकाकरण अभियान की सफलता यह तय करेगी कि यह प्रकोप वाकई अंतिम चरण में है या नहीं।