कांगो में इबोला के 452 कंफर्म मामले, 82 मौतें; बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से तेज़ फैलाव
सारांश
मुख्य बातें
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस के कंफर्म मामलों की संख्या बढ़कर 452 हो गई है और अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय की 6 जून 2026 को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से फैल रहा यह प्रकोप तेज़ और लगातार सामुदायिक संक्रमण का संकेत दे रहा है।
ताज़ा आँकड़े और संक्रमण की स्थिति
4 जून को स्वास्थ्य अधिकारियों ने इतुरी और नॉर्थ किवु प्रांतों में एक ही दिन में 71 नए कंफर्म मामले दर्ज किए, जिनमें 21 मौतें शामिल थीं। फिलहाल 258 मरीज आइसोलेशन या अस्पताल की देखरेख में हैं, जबकि केवल 8 मरीज अब तक ठीक हो सके हैं।
गौरतलब है कि यह DRC में इबोला का एक और गंभीर प्रकोप है — देश पहले भी इस वायरस की कई लहरें झेल चुका है, लेकिन बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए उपलब्ध चिकित्सा उपाय सीमित हैं, जो इस बार की चुनौती को और बड़ा बनाता है।
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में बड़ी खामियाँ
रिपोर्ट के अनुसार, तीनों प्रांतों में जिन 4,766 संपर्कों की निगरानी की जानी थी, उनमें से केवल 2,755 तक ही पहुँचा जा सका — यानी फॉलो-अप दर मात्र 57.8 प्रतिशत रही। इसका सीधा अर्थ है कि हर दस में से चार संभावित संक्रमित व्यक्ति निगरानी से बाहर हैं।
डीआरसी के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान स्वैब लेने का विरोध, इलाज की अपर्याप्त क्षमता, ज़रूरी दवाओं की कमी, नॉर्थ किवु में संक्रमण-रोधी सामग्री की अनुपलब्धता और कमज़ोर अलर्ट रिपोर्टिंग मिलकर स्थिति को और नाज़ुक बना रही हैं। इन सबके ऊपर 2.15 करोड़ अमेरिकी डॉलर की फंडिंग की कमी भी एक बड़ी बाधा है।
युगांडा तक पहुँचा संक्रमण
युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को पुष्टि की कि देश में इबोला के 3 नए मामले सामने आए हैं, जिससे युगांडा में कुल संक्रमितों की संख्या 19 हो गई है। यह संकेत है कि वायरस अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ पार कर रहा है, जो क्षेत्रीय स्तर पर चिंता बढ़ाता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और फंडिंग
अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को पूरे महाद्वीप के लिए इबोला प्रकोप की तैयारी और प्रबंधन की योजना शुरू की। जून से नवंबर 2026 के बीच अफ्रीकी देशों को तैयार रखने के लिए 51.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
Africa CDC और WHO के अनुसार, अब तक 34 स्वास्थ्यकर्मी इबोला से संक्रमित हुए हैं — जिनमें से 7 की मौत हो चुकी है और 6 ठीक हो गए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों का संक्रमित होना प्रतिक्रिया क्षमता को सीधे कमज़ोर करता है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब DRC का स्वास्थ्य तंत्र पहले से ही कई आपात स्थितियों से जूझ रहा है। कमज़ोर बुनियादी ढाँचा, लोगों की अधिक आवाजाही, सशस्त्र संघर्ष के कारण विस्थापन और गलत जानकारी का प्रसार — ये सभी कारक मिलकर प्रकोप पर काबू पाने की कोशिशों को बाधित कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की फंडिंग और तकनीकी सहायता के बिना स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।