'खेडां वतन पंजाब दियां' का चौथा सीजन बठिंडा से शुरू, CM भगवंत मान करेंगे उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान शनिवार को बठिंडा में 'खेडां वतन पंजाब दियां' के चौथे सीजन का उद्घाटन करेंगे। इस बार के आयोजन में 38 खेलों के मुकाबले होंगे और 14 से 70 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ी नौ आयु वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। उद्घाटन समारोह में पंजाबी कलाकार गुरदास मान और कुलविंदर बिल्ला सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे।
मुख्य घटनाक्रम
इस सीजन में चार पैरा-स्पोर्ट्स को भी आयोजन में शामिल किया गया है। इसके अलावा लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए गांव स्तर पर टेनिस-बॉल क्रिकेट के प्रदर्शनी मुकाबले भी रखे गए हैं — जो खिलाड़ियों की मांग पर जोड़े गए हैं। यह आयोजन विभिन्न पीढ़ियों को एक मंच पर लाता है, जहाँ दादा-दादी से लेकर नाती-पोते तक एक साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
खिलाड़ियों को सीधे मिलेगी इनामी राशि
आप पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने शुक्रवार को बताया कि भगवंत मान सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पुरस्कार राशि बिना किसी देरी के सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में स्थानांतरित हो।
पन्नू के अनुसार, 'खेडां वतन पंजाब दियां' में जीतने वाले हर खिलाड़ी की पुरस्कार राशि तुरंत उनके खाते में भेजी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों और ओलंपिक के लिए चयनित खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले ही वित्तीय सहायता प्रदान कर दी जाती है, ताकि उन्हें तैयारी के दौरान पैसों की चिंता न करनी पड़े।
भारतीय हॉकी टीम को ₹1 करोड़ प्रति खिलाड़ी
बलतेज पन्नू ने भारतीय हॉकी टीम के उदाहरण का जिक्र करते हुए बताया कि जब टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल कर लौटी, तो पंजाब सरकार ने वादे के अनुसार प्रत्येक खिलाड़ी को तुरंत ₹1 करोड़ का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पुरस्कार राशि बाद में आई, लेकिन पंजाब ने अपने खिलाड़ियों को प्रतीक्षा नहीं कराई।
3,100 से अधिक ग्राम स्तरीय स्टेडियम
पन्नू ने बताया कि पंजाब भर में 3,100 से अधिक ग्राम स्तरीय खेल स्टेडियम चालू किए जा रहे हैं। इन मैदानों को फ्लडलाइट और आवश्यक खेल उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है। शाम के समय बच्चे वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट और अन्य खेलों के लिए इन मैदानों का भरपूर उपयोग कर रहे हैं।
खेल और नशामुक्ति का संकल्प
यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि खेलों से जुड़ाव युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें एक सकारात्मक दिशा देने में अहम भूमिका निभाता है। गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक गंभीर सामाजिक चुनौती रही है, और यह पहल उसी संदर्भ में एक नीतिगत प्रतिक्रिया के रूप में सामने आई है। आने वाले हफ्तों में राज्यभर में मुकाबले आयोजित होंगे और विजेताओं को सीधे वित्तीय लाभ पहुँचाया जाएगा।