स्वतंत्रता दिवस पर CM भगवंत मान का ऐलान: पंजाब में 65 लाख महिलाओं को सम्मान राशि, 'नफरत नहीं, प्यार के फूल खिलेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 15 अगस्त 2026 को फिरोजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कहा कि भारत की आजादी का यह 80वाँ वर्ष पंजाब की महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता का वर्ष बन रहा है। उन्होंने घोषणा की कि 'मावां धीयां सत्कार योजना' के तहत पंजीकृत 74.59 लाख महिलाओं में से 65 लाख से अधिक को पहले ही सम्मान राशि मिलनी शुरू हो चुकी है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री मान ने फिरोजपुर की ऐतिहासिक भूमि को नमन करते हुए कहा कि यह शहर भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने सारागढ़ी युद्ध के 21 वीर सिख सैनिकों को श्रद्धांजलि दी, जिनकी स्मृति में ऐतिहासिक गुरुद्वारा सारागढ़ी साहिब स्थित है।
हुसैनीवाला के शहीदों को याद करते हुए मान ने कहा कि यह पवित्र भूमि शहीद-ए-आजम भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव के बलिदान की निरंतर याद दिलाती है। उन्होंने बताया कि महान क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त और भगत सिंह की माता विद्यावती का अंतिम संस्कार भी इसी भूमि पर हुआ था।
हुसैनीवाला हेरिटेज कॉम्प्लेक्स
मुख्यमंत्री ने बताया कि हुसैनीवाला में शहीदों की स्मृति को सजीव रखने के लिए ₹25 करोड़ की लागत से एक विरासत परिसर (हेरिटेज कॉम्प्लेक्स) का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने इस सीमावर्ती जिले के लोगों की सराहना की जो सीमा पार की साजिशों, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य चुनौतियों के बावजूद मजबूती से डटे हुए हैं।
विभाजन की त्रासदी और पंजाबी अस्मिता
मान ने 1947 के विभाजन की पीड़ा को याद करते हुए कहा कि आजादी की सबसे बड़ी कीमत पंजाब ने चुकाई थी — लाखों परिवारों को अपने घर और जमीन छोड़नी पड़ी। उन्होंने कहा, 'शब्दों में यह केवल देश का विभाजन था, लेकिन वास्तव में यह परिवारों, रिश्तों और भावनाओं का विभाजन था।' उन्होंने यह भी कहा कि आज भी हर पंजाबी सीमा पार स्थित अपने पवित्र गुरुद्वारों के दर्शन के लिए खुले रास्ते की प्रार्थना करता है।
सरकार की उपलब्धियाँ और विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार महान स्वतंत्रता सेनानियों के पदचिह्नों पर चलते हुए एक समृद्ध और 'रंगला पंजाब' बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, युवाओं को रोजगार, खेतों तक नहर का पानी पहुँचाने, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने को सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में गिनाया।
शांति और सांप्रदायिक सौहार्द की चेतावनी
पंजाब की शांति को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली ताकतों को कड़ी चेतावनी देते हुए मान ने कहा, 'पंजाब की पवित्र धरती ने हमेशा एकता और सौहार्द का संदेश दिया है। हम 'सरबत दा भला' की कामना करने वाले लोग हैं — यहाँ केवल प्यार के फूल खिल सकते हैं, नफरत के नहीं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती पंजाब में सांप्रदायिक तनाव और बाहरी साजिशों को लेकर चिंताएँ समय-समय पर उठती रही हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन और महिला सशक्तिकरण के वास्तविक असर पर नज़र रहेगी।