नीति आयोग बैठक में भगवंत मान की बड़ी मांग: पंजाब को विशेष राज्य दर्जा और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज
सारांश
मुख्य बातें
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली में राज्य से जुड़े कई दीर्घकालिक और लंबित मुद्दों को केंद्र सरकार के सामने रखा। उन्होंने पंजाब को विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा देने और सभी केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में 90:10 फंडिंग पैटर्न लागू करने की माँग की — ठीक वैसे जैसे पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू-कश्मीर को मिलता है।
सीमावर्ती राज्य की विशेष चुनौतियाँ
मुख्यमंत्री मान ने रेखांकित किया कि पंजाब की पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो इसे देश की सुरक्षा की अग्रिम पंक्ति बनाती है। उन्होंने कहा कि राज्य लगातार सीमा पार आतंकवाद, ड्रोन के ज़रिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इन गतिविधियों का सीधा असर युवाओं में नशे की लत, संगठित अपराध और सीमावर्ती किसानों की आजीविका पर पड़ रहा है।
मान ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 की विनाशकारी बाढ़ में पंजाब के 2,300 से अधिक गाँव प्रभावित हुए और राज्य को लगभग ₹12,905 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद उत्पन्न हुई परिस्थितियों का भी सामना किया, जिसे पूरे देश ने देखा।
वाइब्रेंट विलेज योजना पर सवाल
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर सीमावर्ती इलाकों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में 2,000 से अधिक गाँव और कस्बे सीमा के निकट हैं, लेकिन हाल ही में शुरू की गई वाइब्रेंट विलेज-II योजना में केवल 107 गाँवों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में दशकों से निवेश की कमी के चलते उद्योगों का पलायन हुआ और समग्र विकास बाधित रहा।
स्वास्थ्य, शिक्षा और नशामुक्ति में उपलब्धियाँ
बैठक में मान ने पंजाब सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा भी दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत राज्य के हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है, जो लगभग 900 सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध है। राज्य में 990 आम आदमी क्लीनिक संचालित हैं, जिनमें 107 आवश्यक दवाएँ और 47 प्रकार की जाँचें निःशुल्क उपलब्ध हैं। अब तक इन क्लीनिकों में 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट दर्ज हो चुकी हैं और प्रतिदिन लगभग 84,000 मरीज़ सेवाएँ ले रहे हैं।
नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान के अंतर्गत राज्य में 547 क्लीनिक, 183 नशा मुक्ति केंद्र और 90 पुनर्वास केंद्र संचालित हो रहे हैं। 'स्कूल नशे विरुद्ध' कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 8 लाख विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में मान ने दावा किया कि नीति आयोग की एजुकेशन क्वालिटी रिपोर्ट 2026 में पंजाब देश का सर्वश्रेष्ठ स्कूल शिक्षा तंत्र बनकर उभरा है।
मोहाली को सेमीकंडक्टर हब बनाने का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने मोहाली को राष्ट्रीय ज्ञान एवं शिक्षा केंद्र घोषित करने और वहाँ एक इंटीग्रेटेड सेमीकंडक्टर मेगा-क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि मोहाली में स्थित सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी (SCL), प्रशिक्षित मानव संसाधन और सुदृढ़ बुनियादी ढाँचा भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण में वैश्विक शक्ति बना सकता है। केंद्र द्वारा SCL के आधुनिकीकरण के लिए घोषित ₹4,500 करोड़ के निवेश का उपयोग मोहाली को भारत के प्रमुख सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करने में किया जाना चाहिए।
विकसित भारत 2047 से जोड़ा पंजाब का भविष्य
मान ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि सुरक्षित और समृद्ध पंजाब के बिना 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य अधूरा रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब केंद्र सरकार के साथ मिलकर राष्ट्रीय विकास के इस संकल्प को पूरा करने में अपनी पूरी भूमिका निभाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती राज्यों की विशेष ज़रूरतों पर राष्ट्रीय नीति-निर्माण में नए सिरे से विचार हो रहा है।