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पंजाब: भगवंत मान ने जालंधर में ₹61.82 करोड़ की धुस्सी बांध लिंक रोड परियोजना की रखी नींव

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पंजाब: भगवंत मान ने जालंधर में ₹61.82 करोड़ की धुस्सी बांध लिंक रोड परियोजना की रखी नींव

सारांश

जालंधर के शाहकोट और लोहियां इलाके दशकों से हर मानसून में बाढ़ की मार झेलते आए हैं। अब ₹61.82 करोड़ की धुस्सी बांध लिंक रोड परियोजना एक साथ सड़क और बाढ़-सुरक्षा तटबंध का काम करेगी — 15 गांवों के 15,000 से अधिक निवासियों के लिए यह राहत की बड़ी उम्मीद है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 19 जून 2026 को जालंधर जिले में धुस्सी बांध लिंक रोड परियोजना की आधारशिला रखी।
परियोजना की कुल लागत ₹61.82 करोड़ और सड़क की लंबाई 37.93 किलोमीटर होगी।
यह सड़क शाहकोट-मोगा रोड को लोहियां-मखू रोड से जोड़ेगी और एक प्रभावी बाईपास का काम करेगी।
लगभग 15 गांवों के 15,000–16,000 निवासियों को दैनिक आवागमन और बाढ़ सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
परियोजना सतलुज नदी के तटबंध को मजबूत करेगी और मानसून में ग्रामीण कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल भी उपस्थित रहे।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को जालंधर जिले में ₹61.82 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली 37.93 किलोमीटर लंबी धुस्सी बांध लिंक रोड परियोजना की आधारशिला रखी। यह परियोजना सतलुज नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में दशकों से जारी बाढ़ की विभीषिका का स्थायी समाधान देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

परियोजना का स्वरूप और डिज़ाइन

यह लिंक रोड शाहकोट-मोगा-रामपुर मार्ग को गिद्दरपिंडी धुस्सी बांध से जोड़ेगी। इसकी खासियत यह है कि इसे एक साथ दो भूमिकाओं के लिए अभिकल्पित किया गया है — एक प्रमुख सड़क कॉरिडोर और बाढ़ के विरुद्ध एक सुदृढ़ सुरक्षा तटबंध। यह शाहकोट-मोगा रोड को लोहियां-मखू रोड से जोड़कर एक प्रभावी बाईपास के रूप में भी काम करेगी, जिससे मौजूदा मार्गों पर यातायात का दबाव उल्लेखनीय रूप से कम होगा।

किसे होगा फायदा

मुख्यमंत्री मान ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि यह सड़क क्षेत्र के लगभग 15 गांवों में रहने वाले करीब 15,000 से 16,000 निवासियों के दैनिक आवागमन को सुगम बनाएगी। मानसून के दौरान किसान, स्कूल बसें और आम नागरिक बिना किसी व्यवधान के यात्रा कर सकेंगे — यह उन इलाकों के लिए बड़ी राहत है जहाँ बारिश के मौसम में गाँव मुख्यधारा से कट जाते थे।

मुख्यमंत्री की बात

मान ने कहा कि शाहकोट और लोहियां इलाकों के लोग दशकों से बाढ़ के निरंतर खतरे में जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने कहा, 'पिछली सरकारों ने चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन इस ग्रामीण क्षेत्र की बुनियादी ढांचागत जरूरतों को नज़रअंदाज़ कर दिया।' उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार झूठे आश्वासनों की बजाय ठोस परिणामों में विश्वास रखती है और उन्होंने स्वयं इस क्षेत्र के लोगों की कठिनाइयाँ देखी हैं।

बुनियादी ढांचे को मिलेगी मजबूती

यह परियोजना राज्य सरकार के विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क विकसित करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। धुस्सी बांध पर सड़क के निर्माण से सतलुज नदी का तटबंध और अधिक सुदृढ़ होगा, जिससे बाढ़ जनित आपदाओं की आशंका में कमी आएगी। साथ ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियाँ और कनेक्टिविटी दोनों बेहतर होंगी।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

आधारशिला रखने के इस अवसर पर राज्यसभा सांसद संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। परियोजना के पूर्ण होने पर यह क्षेत्र बाढ़-प्रबंधन और कनेक्टिविटी दोनों मोर्चों पर एक नई मिसाल कायम करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि पंजाब में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी और लागत-वृद्धि की मिसालें पहले भी रही हैं। सड़क और तटबंध की दोहरी भूमिका अभिनव जरूर है, पर इसके लिए उच्च-गुणवत्ता निर्माण अनिवार्य है — अन्यथा बाढ़ में ही यह ढांचा जोखिम में पड़ सकता है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धुस्सी बांध लिंक रोड परियोजना क्या है?
यह ₹61.82 करोड़ की लागत से जालंधर जिले में बनने वाली 37.93 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना है, जो शाहकोट-मोगा-रामपुर मार्ग को गिद्दरपिंडी धुस्सी बांध से जोड़ेगी। यह एक साथ सड़क कॉरिडोर और सतलुज नदी के तटबंध को मजबूत करने वाली बाढ़-सुरक्षा संरचना के रूप में काम करेगी।
इस परियोजना से किन इलाकों को फायदा होगा?
शाहकोट और लोहियां क्षेत्र के लगभग 15 गांवों के 15,000 से 16,000 निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। मानसून के दौरान किसान, स्कूल बसें और आम नागरिक बिना रुकावट के आवागमन कर सकेंगे।
इस परियोजना की आधारशिला किसने और कब रखी?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 19 जून 2026 को जालंधर जिले में इस परियोजना की आधारशिला रखी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल भी उपस्थित रहे।
यह परियोजना बाढ़ की समस्या कैसे हल करेगी?
धुस्सी बांध पर बनने वाली यह सड़क सतलुज नदी के तटबंध को और सुदृढ़ करेगी, जिससे बाढ़ के पानी के फैलाव पर रोक लगेगी। साथ ही, यह एक बाईपास के रूप में काम करेगी ताकि मानसून में गांव मुख्यधारा से कटें नहीं।
पिछली सरकारों ने इस क्षेत्र के लिए क्या किया था?
मुख्यमंत्री मान के अनुसार, पिछली सरकारों ने चुनावों के दौरान बड़े वादे किए लेकिन शाहकोट और लोहियां जैसे ग्रामीण इलाकों की बुनियादी ढांचागत जरूरतों को नज़रअंदाज़ किया। यह परियोजना उन वादों को पूरा करने की दिशा में एक ठोस कदम बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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