क्या पंजाब में बाढ़ प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कमेटी बनाई?

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क्या पंजाब में बाढ़ प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कमेटी बनाई?

सारांश

पंजाब में बाढ़ प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कमेटी का गठन किया है। जालंधर में फ्लड कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जिससे बाढ़ की स्थिति पर निगरानी रखी जा सके। क्या यह कदम बाढ़ की समस्या को नियंत्रित करने में मदद करेगा? जानिए इस रिपोर्ट में।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री ने कमेटी का गठन किया।
  • फ्लड कंट्रोल रूम की स्थापना की गई।
  • मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौपी गई हैं।
  • राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • वर्तमान स्थिति बारिश के कारण उत्पन्न हुई है।

चंडीगढ़, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब में बाढ़ की स्थिति को प्रभावी तरीके से नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक नई फ्लड मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया है। जालंधर में पहले से ही एक फ्लड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

कमेटी में शामिल मंत्रियों को विभिन्न जिलों में बाढ़ प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुड़िया और बरिंदर कुमार गोयल पूरे पंजाब में बाढ़ की स्थिति पर निगरानी रखेंगे।

कपूरथला में मोहिंदर भगत और हरदीप सिंह मुंडिया को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि तरन तारन में लालजीत सिंह भुल्लर और हरभजन सिंह ईटीओ हालात पर ध्यान देंगे। फाजिल्का में डॉ. बलजीत कौर और तरुणप्रीत सिंह सौंध को प्रभारी नियुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले पंजाब सरकार ने मंगलवार को स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर बचाव और राहत अभियान जारी रखने के लिए जमीनी स्तर पर चौबीसों घंटे मौजूद रहने के निर्देश जारी किए थे। इसके साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

मौजूदा स्थिति जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे रणजीत सागर बांध अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच गया है।

इस उफनते बांध से पानी छोड़े जाने से रावी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसके अलावा, उझ और अन्य नदियों में भी जलस्तर बहुत तेज हुई है, जिससे नरोट जैमल सिंह और बामियाल ब्लॉक के अधिकांश गांव जलमग्न हो गए हैं।

ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के कारण, रणजीत सागर बांध से लगभग 1,10,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे रावी नदी मक्खनपुर, पोला, तास और बहादुरपुर सहित कई गांवों के तटबंधों के पास खतरनाक स्तर पर बह रही है।

Point of View

और सरकार द्वारा उठाए गए कदम महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की पहल से यह उम्मीद है कि बाढ़ प्रबंधन में सुधार होगा और प्रभावित लोगों को राहत मिलेगी। यह एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें सभी संबंधित अधिकारियों की सक्रियता जरूरी है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ प्रबंधन के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ प्रबंधन के लिए एक नई फ्लड मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया है।
फ्लड कंट्रोल रूम कहां स्थापित किया गया है?
फ्लड कंट्रोल रूम जालंधर में स्थापित किया गया है।
किस मंत्रियों को बाढ़ प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है?
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुड़िया और बरिंदर कुमार गोयल को जिम्मेदारी दी गई है।