ईरान की चेतावनी: यमन पर हमला हुआ तो बाब अल-मंदेब अमेरिका के लिए बंद, आईआरजीसी अधिकतम अलर्ट पर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँचता दिख रहा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के सैन्य अधिकारी और लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी ने 20 सितंबर 2026 को चेतावनी दी कि यदि अमेरिका यमन पर हमला करता है, तो बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य अमेरिका के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा — एक ऐसी कार्रवाई जो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को गहरा झटका दे सकती है। इसी के साथ ईरान ने अपने सशस्त्र बलों के लिए सर्वोच्च अलर्ट स्तर 'कोड 100' जारी कर दिया है।
जोल्फागारी की धमकी — क्या कहा एक्स पर
लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट किया: 'अगर ट्रंप यमन पर हमला करते हैं तो अमेरिकियों की जान खतरे में डालने वाले हैं। यमन पर हमला करते ही बाब अल-मंदेब का रास्ता अमेरिका के लिए बंद हो जाएगा। पश्चिम में गरीबी आ जाएगी।' यह बयान उस समय आया है जब मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य गतिविधि को लेकर क्षेत्रीय शक्तियाँ पहले से ही सशंकित हैं।
बाब अल-मंदेब — क्यों है यह इतना अहम
बाब अल-मंदेब वह समुद्री जलडमरूमध्य है जो लाल सागर और अदन की खाड़ी को आपस में जोड़ता है। वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा — खासकर तेल, प्राकृतिक गैस और उपभोक्ता वस्तुएँ — इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यह यूरोप और एशिया के बीच सबसे छोटे समुद्री मार्गों में से एक है। गौरतलब है कि हूती समूह पहले भी इस जलमार्ग के आसपास वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना चुका है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
अमेरिकी दूतावासों ने जारी किए सुरक्षा अलर्ट
रविवार को लेबनान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, इराक, इजरायल, ओमान, सऊदी अरब और तुर्की में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने वहाँ रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी किए। इराक में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने नागरिकों को सलाह दी कि वे उड़ान रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में रुकावट आने जैसी संभावनाओं के लिए तैयार रहें।
अमेरिकी दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान समर्थित हूती समूह पहले ही सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों समेत कई ठिकानों पर हमले कर चुका है, और यह सैन्य संघर्ष बेहद तेजी से बढ़ सकता है।
ईरान का 'कोड 100' — अधिकतम सैन्य अलर्ट
ईरान ने संभावित खतरे के मद्देनजर अपने आईआरजीसी, सेना और समस्त सुरक्षाबलों के लिए सर्वोच्च अलर्ट स्तर 'कोड 100' जारी किया है। यह कदम दर्शाता है कि तेहरान स्थिति को असाधारण रूप से गंभीर मान रहा है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के अनुसार, यह अलर्ट मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की सीधी प्रतिक्रिया है।
व्यापक खतरे की चेतावनी — मध्य पूर्व के बाहर भी
अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को मध्य पूर्व के बाहर भी संभावित खतरे की चेतावनी दी गई है। अलर्ट के अनुसार, ईरान और उसके समर्थक समूह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिकी कंपनियों, संस्थाओं और नागरिकों को भी निशाना बना सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब हूती गुट और अमेरिका के बीच सीधे टकराव की आशंका पहले से कहीं अधिक प्रबल दिख रही है। आने वाले दिन इस क्षेत्र में तनाव की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकते हैं।