2 सितंबर 2026
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ट्रंप की ईरान को चेतावनी: 'बड़ा हमला अभी बाकी है, देश का कुछ हिस्सा ही बचेगा'

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ट्रंप की ईरान को चेतावनी: 'बड़ा हमला अभी बाकी है, देश का कुछ हिस्सा ही बचेगा'

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है — अब तक के हमले 'सबसे बड़े नहीं' हैं। सेंटकॉम ने आईआरजीसी के ठिकानों पर नए हमलों की पुष्टि की, ईरान ने जवाबी मिसाइलें दागीं, और होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकर निशाना बने। वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा अब सीधे खतरे में है।

मुख्य बातें

अमेरिकी सेना ने 2 सितंबर 2026 को आईआरजीसी के ठिकानों पर नए हवाई हमले किए, जिनकी पुष्टि सेंटकॉम ने की।
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर चेतावनी दी कि यदि ईरान ने जवाब दिया तो इससे भी बड़ी कार्रवाई होगी और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का बहुत कम हिस्सा बचेगा।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार नेटवर्क को भारी नुकसान पहुँचाया है।
ईरान की तस्नीम एजेंसी के अनुसार, ईरानी सेना ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं।
होर्मुज स्ट्रेट में दो कच्चे तेल के टैंकर अज्ञात प्रोजेक्टाइल्स की चपेट में आए; जिम्मेदारी अभी अस्पष्ट।
बंदर अब्बास , सिरिक और केश्म द्वीप में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 सितंबर 2026 को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अब तक किए गए हमले 'सबसे बड़े नहीं' हैं — इससे भी विनाशकारी कार्रवाई अभी बाकी है। अमेरिकी सेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ठिकानों पर नए हवाई हमले किए, जिससे वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है।

ट्रंप की चेतावनी और 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में होर्मुज स्ट्रेट के निकट आईआरजीसी के ठिकानों पर किए गए हमलों को 'बड़ा और शक्तिशाली' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ईरान इन हमलों का जवाब देता है, तो उस पर इससे भी कड़ी और बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जाएगी। ट्रंप ने कहा कि जब वह तीसरा और सबसे बड़ा हमला पूरा हो जाएगा, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का बहुत कम हिस्सा शेष बचेगा।

फॉक्स न्यूज़ इंटरव्यू में दावे

फॉक्स न्यूज़ को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार नेटवर्क को भारी नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने कहा, 'आज का हमला बहुत बड़ा था। हमने उनके काफी रडार सिस्टम नष्ट कर दिए, जिनमें वे सिस्टम भी शामिल हैं जिन्हें ईरान फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।' ट्रंप ने यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन विमानवाहक पोत का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना 'हर तरह से तैयार' है।

सेंटकॉम की पुष्टि और ईरान की जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार को पुष्टि की कि उसने दोपहर 12 बजे (ईस्टर्न टाइम) ईरान में आईआरजीसी से जुड़े ठिकानों पर नए हमले किए। सेंटकॉम के अनुसार, यह कार्रवाई आईआरजीसी की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर कथित हमलों की कोशिशों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के विरुद्ध की गई कार्रवाइयों के जवाब में की गई।

ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरानी सेना ने मंगलवार शाम क्षेत्र के विभिन्न देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं। ईरान की फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि अमेरिका को इन नए हमलों पर पछताना पड़ेगा।

होर्मुज स्ट्रेट में टैंकरों पर हमला, ऊर्जा मार्ग खतरे में

ग्रीस स्थित समुद्री जोखिम निगरानी संस्था 'मारिस्का' ने बताया कि सोमवार शाम होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो कच्चे तेल के टैंकर अज्ञात प्रोजेक्टाइल्स की चपेट में आ गए। फिलहाल इन हमलों की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस घटना ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न कर दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को ईरान के बंदर अब्बास, सिरिक और केश्म द्वीप में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

क्या होगा आगे

रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि ताजा हमलों से पहले खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों को इसकी जानकारी दे दी गई थी। यह संकट ऐसे समय में गहरा रहा है जब वैश्विक तेल बाजार पहले से ही अनिश्चितता में है और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर दुनिया की निगाहें टिकी हैं। दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि खाड़ी के सहयोगी इस बढ़ते तनाव में कहाँ खड़े हैं और क्या कोई कूटनीतिक निकास मार्ग बचा है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ईरान पर नए हमले क्यों किए?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, ये हमले आईआरजीसी की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर कथित हमलों की कोशिशों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के विरुद्ध की गई कार्रवाइयों के जवाब में किए गए। सेंटकॉम ने 2 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे (ईस्टर्न टाइम) इन हमलों की पुष्टि की।
ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि अब तक के हमले 'सबसे बड़े नहीं' हैं और यदि ईरान ने जवाब दिया तो इससे भी बड़ी कार्रवाई होगी जिसके बाद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का बहुत कम हिस्सा बचेगा। उन्होंने यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन विमानवाहक पोत का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना 'हर तरह से तैयार' है।
ईरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब कैसे दिया?
तस्नीम समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरानी सेना ने मंगलवार शाम क्षेत्र के विभिन्न देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं। फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि अमेरिका को इन हमलों पर पछताना पड़ेगा।
होर्मुज स्ट्रेट में क्या हुआ और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
समुद्री जोखिम निगरानी संस्था 'मारिस्का' के अनुसार, सोमवार शाम होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो कच्चे तेल के टैंकर अज्ञात प्रोजेक्टाइल्स की चपेट में आए। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है और यहाँ किसी भी व्यवधान का वैश्विक तेल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ता है।
अमेरिका ने किन ईरानी शहरों पर हमले किए?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को ईरान के बंदर अब्बास, सिरिक और केश्म द्वीप में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। सेंटकॉम ने पुष्टि की कि हमले आईआरजीसी से जुड़े ठिकानों पर किए गए, हालाँकि विशिष्ट स्थानों का आधिकारिक विवरण सीमित है।
राष्ट्र प्रेस
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