अमेरिका ने ईरान पर दोबारा हमला किया, ट्रंप बोले — तीन सैनिकों के सम्मान में की कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जुलाई को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर एक बार फिर सैन्य हमला किया है। ट्रंप के अनुसार यह हमला उन तीन अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में किया गया, जिनके मारे जाने की आशंका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि तेहरान को भारी सैन्य नुकसान पहुँचा है और अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान का नियंत्रण नहीं रहा।
ट्रंप के बयान का सार
रिपोर्टरों से बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'हमें बहुत बुरा लग रहा है। वे महान लोग, वे महान देशभक्त, ईरान के पास परमाणु हथियार न हो, इसके लिए लड़ रहे थे।' उन्होंने आगे कहा, 'हमने आज रात उन्हें फिर से बहुत जोरदार तरीके से मारा और हमने ऐसा शायद तीन (सैनिकों) के सम्मान में किया।'
ट्रंप ने सैनिकों की पहचान या उनकी मृत्यु के हालात के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि तीनों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है या यह अभी भी आशंका के स्तर पर है।
ईरान की सैन्य स्थिति पर ट्रंप का दावा
ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर कहा, 'ईरान को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने सेना के तौर पर लगभग सब कुछ खो दिया है। उनके पास बहुत कम बचा है — कुछ मिसाइलें, कुछ ड्रोन, और मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता भी ज्यादा नहीं है।' यह दावे अमेरिकी प्रशासन की ओर से हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण के बारे में ट्रंप ने कहा, 'हम स्ट्रेट को कंट्रोल करते हैं; वे किसी चीज को कंट्रोल नहीं करते।' गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के सबसे महत्त्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में गिना जाता है।
होर्मुज और वैश्विक ऊर्जा पर असर
इस जलमार्ग से प्रभावित होने वाली कोई भी सैन्य कार्रवाई वैश्विक शिपिंग को बाधित कर सकती है और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर दबाव डाल सकती है। भारत जैसे देश, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात पर निर्भर हैं, इस संघर्ष के आर्थिक प्रभावों से सीधे प्रभावित हो सकते हैं।
एयर फोर्स वन और कनाडा पर भी बोले ट्रंप
ट्रंप ने एयर फोर्स वन के रूप में इस्तेमाल हो रहे कतर के विमान और उसकी मिसाइल डिफेंस क्षमताओं पर कहा कि इन्हें लगभग एक महीने में पूरी तरह सक्रिय किया जाएगा। अलग से उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से कनाडा में लगी जंगल की आग और उससे निकलने वाले धुएँ पर बातचीत का उल्लेख किया, जो अमेरिका में प्रवेश कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि इससे अमेरिकी हवा जहरीली हो रही है और उन्होंने कनाडा से इस पर कार्रवाई की माँग की — साथ ही टैरिफ या हर्जाने का भी संकेत दिया।
आगे क्या
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि और उनकी पहचान सामने आना अगला बड़ा घटनाक्रम होगा। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर ट्रंप के दावों की स्वतंत्र सत्यापन भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अहम होगी। यह संघर्ष आने वाले दिनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार और कूटनीतिक समीकरणों को गहराई से प्रभावित कर सकता है।