ट्रंप ने ईरान को सैन्य नुकसान का दावा किया, अमेरिका की ताकत का किया बखान
सारांश
Key Takeaways
- डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी सैन्य ऑपरेशनों ने ईरान को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।
- ईरान की सेना, नौसेना और संचार प्रणाली को कमजोर किया गया है।
- ट्रंप ने ईरानी नेताओं पर अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ हमलों की साजिश का आरोप लगाया।
- अमेरिकी सेना की प्रशंसा करते हुए ट्रंप ने उनके अभियानों को शक्तिशाली बताया।
- इस स्थिति से वैश्विक सुरक्षा पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
वाशिंगटन, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को भारी सैन्य नुकसान का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरान के सशस्त्र बलों को काफी कमजोर किया है और उनके सैन्य ढांचे को लगभग नष्ट कर दिया है।
व्हाइट हाउस में कॉलेज एथलेटिक्स पर आयोजित एक राउंडटेबल बैठक में राष्ट्रपति ट्रंप ने वैश्विक हालात पर पूछे गए सवाल के जवाब में संक्षेप में ईरान की स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "ईरान के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं। किसी ने पूछा कि 0 से 10 के पैमाने पर आप इसे कैसे आंकेंगे? मैंने कहा मैं इसे 12 से 15 दूंगा।"
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन ने ईरान की सेना को गंभीर नुकसान पहुँचाया है, जिसमें उनकी नौसेना और संचार प्रणाली भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, "उनकी सेना, नौसेना और संचार प्रणाली के साथ-साथ उनके नेता भी समाप्त हो गए हैं।"
ट्रंप ने बताया कि ईरानी एयरफोर्स भी कमजोर हो गई है और उनके सैन्य नेतृत्व की कई पंक्तियाँ समाप्त कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अब वे तीसरे स्तर के नेतृत्व तक पहुँच गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति ने आगे दावा किया कि अभियान के दौरान ईरान की नौसैनिक शक्ति पूरी तरह से नष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास 32 जहाज थे, जो सभी समुद्र की गहराई में हैं।
राष्ट्रपति ने अमेरिकी सेना के ऑपरेशन की प्रशंसा करते हुए कहा कि हाल के सैन्य अभियानों ने अमेरिका की शक्तियों और क्षमताओं को सिद्ध किया है। उन्होंने कहा, "हमारी सेना अद्भुत काम कर रही है। लोग हमारी सेना से बहुत प्रभावित हैं।"
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर पहले किए गए अमेरिकी हवाई हमलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सामने ईरान समर्थित ताकतों के हमले झेलते रहने और निर्णायक सैन्य कार्रवाई करने के बीच एक ही विकल्प था। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हमारे पास एक विकल्प था। हम इसे सालों तक ऐसे ही चला सकते थे या इसके बारे में कुछ कर सकते थे और हमने इसके बारे में कुछ किया।"
उन्होंने ईरानी नेताओं पर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के जरिए अमेरिकी सैनिकों पर हमलों की साजिश रचने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा, "वे बहुत से लोगों को मार रहे थे। हमारे बहुत से लोग मारे जा रहे थे। वे अपाहिज हो रहे थे। कुछ के पैर नहीं रहे, कुछ के हाथ नहीं रहे, चेहरा बुरी तरह घायल हो गया।"
ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को एक बहुत ही खराब और बीमार मानसिकता वाला समूह बताया। उन्होंने कहा कि इन हमलों को रोकने के लिए अमेरिकी कार्रवाई आवश्यक थी। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि इस सैन्य अभियान से दुनिया में अमेरिका की ताकत की धारणा और मजबूत हुई है।