ट्रंप का बयान: ईरान की सैन्य शक्ति को कमजोर करने में अमेरिका की भूमिका, खाड़ी देश एकजुट

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ट्रंप का बयान: ईरान की सैन्य शक्ति को कमजोर करने में अमेरिका की भूमिका, खाड़ी देश एकजुट

सारांश

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करने का दावा किया है। उनके अनुसार, खाड़ी के देशों ने ईरान के खिलाफ एकजुटता दिखाई है, जिससे अमेरिका और इन देशों के रिश्ते मजबूत हुए हैं। यह स्थिति क्षेत्रीय कूटनीति को भी प्रभावित कर सकती है।

मुख्य बातें

ईरान की सैन्य ताकत कमजोर हुई है।
खाड़ी के देशों में एकजुटता बढ़ी है।
अमेरिकी कार्रवाई का फोकस मिसाइल और ड्रोन पर है।
ईरान की स्थिति क्षेत्रीय कूटनीति को प्रभावित कर सकती है।
अमेरिका टेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करने के लिए तैयार है।

वाशिंगटन, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहा है कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर कर दिया है। ट्रंप के अनुसार, इस संघर्ष ने खाड़ी के देशों को वाशिंगटन के करीब ला दिया है और स्थानीय सरकारें अब तेहरान के खिलाफ ज्यादा एकजुट हैं।

फॉक्स न्यूज रेडियो के ब्रायन किलमीड के साथ एक साक्षात्कार में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अभियानों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप ने कहा, "हम उन्हें खत्म कर रहे हैं। हमने उनकी ज्यादातर मिसाइलें तबाह कर दी हैं। उनके कई ड्रोन नष्ट कर दिए हैं। उन कई मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों को भी बर्बाद कर दिया है, जहां वे मिसाइलें और ड्रोन बनाते थे।"

उन्होंने आगे कहा, "हम उन पर उतना कठोर हमला कर रहे हैं जितना दूसरे विश्व युद्ध के बाद से किसी पर हुआ।" ट्रंप ने यह भी बताया कि बढ़ते टकराव ने खाड़ी देशों के साथ अमेरिका के रिश्तों को मजबूत किया है, क्योंकि इस संकट के दौरान रीजन के कई देशों पर हमले हुए।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "हम बहुत मजबूत स्थिति में हैं। हमारे रिश्ते और एकता जबरदस्त हैं। मैंने आज उनमें से अधिकांश से बात की।" ट्रंप के अनुसार, कुछ खाड़ी देशों ने शुरू में टकराव से बाहर रहने की कोशिश की थी, लेकिन ईरान से जुड़े हमलों के बाद वे लड़ाई में शामिल हो गए।

ट्रंप ने कहा, "उन्हें भी हमले झेलने पड़े और किसी ने इसकी उम्मीद नहीं की थी। वे शुरुआत में इससे दूर रहने और तटस्थ रहने की कोशिश कर रहे थे।" उन्होंने बताया कि ईरान के पास इस क्षेत्र में बड़े सपने थे। अमेरिकी कार्रवाई का मकसद तेहरान को मिडिल ईस्ट पर हावी होने से रोकना था।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पूरे मिडिल ईस्ट पर कब्जा करना चाहता था। अगर हमने उन्हें बी-2 बॉम्बर से नहीं रोका होता, तो वे ऐसा कर चुके होते। राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि लड़ाई के दौरान ईरान की सशस्त्र सेनाओं को गंभीर नुकसान हुआ है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने साक्षात्कार में कहा कि ईरान की नौसेना और एयरफोर्स खत्म हो गई है। उनकी पहली और दूसरी लीडरशिप भी खत्म हो चुकी है। अब, उनकी तीसरी लीडरशिप मुश्किल में है।" उन्होंने कहा कि अभियान उम्मीद से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि हम तय समय से बहुत आगे हैं। हमें अंदाजा नहीं था कि हम इतने आगे होंगे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी ऑपरेशन के कारण ईरान के मिसाइल हमलों में तेजी से कमी आई है। उन्होंने कहा, "हमने उनकी करीब 90 प्रतिशत मिसाइलों को मार गिराया है।

दुनिया के सबसे जरूरी एनर्जी रूट में से एक होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग के बारे में पूछे जाने पर, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट कर सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी ऑपरेशन का अभी का फोकस ईरान के यूरेनियम स्टॉक को सुरक्षित करने के बजाय उसके मिसाइल और ड्रोन इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करना है।

यूरेनियम जब्त करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "नहीं, बिल्कुल नहीं, और हम उस पर फोकस नहीं कर रहे हैं। अभी हम उनकी मिसाइलों और उनके ड्रोन को तबाह करने पर ध्यान दे रहे हैं।"

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान की कमजोर होती स्थिति क्षेत्रीय कूटनीति को नया रूप दे सकती है, जिसमें अब्राहम समझौते का संभावित विस्तार भी शामिल है। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या खाड़ी देश इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य करने के करीब आ सकते हैं, तो उन्होंने कहा, "इससे यह प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है।"

गौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र में लाखों प्रवासी श्रमिक रहते हैं, जिनमें सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और अन्य देशों में एक बड़ा भारतीय समुदाय भी शामिल है, जिससे मिडिल ईस्ट से एनर्जी फ्लो पर निर्भर कई एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए रीजनल स्टेबिलिटी एक बड़ी चिंता बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ईरान और अमेरिका के बीच के तनाव को दर्शाता है। यह स्थिति न केवल खाड़ी के देशों के लिए, बल्कि पूरी वैश्विक कूटनीति के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर कर दिया है और खाड़ी के देशों ने तेहरान के खिलाफ एकजुटता दिखाई है।
क्या खाड़ी देश इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य कर सकते हैं?
ट्रंप ने कहा कि ईरान की कमजोर होती स्थिति से यह प्रक्रिया आसान हो गई है।
अमेरिका का ईरान के खिलाफ क्या फोकस है?
अमेरिका का वर्तमान फोकस ईरान के मिसाइल और ड्रोन इन्फ्रास्ट्रक्चर को खत्म करना है।
ईरान की स्थिति का खाड़ी देशों पर क्या प्रभाव है?
ईरान की स्थिति कमजोर होने से खाड़ी देशों में एकजुटता बढ़ी है और यह क्षेत्रीय कूटनीति को नया रूप दे सकती है।
क्या अमेरिका तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करेगा?
ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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