ट्रंप का दावा: ईरान के खिलाफ सैन्य संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है

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ट्रंप का दावा: ईरान के खिलाफ सैन्य संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है

सारांश

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में अमेरिका और इजराइल की निर्णायक बढ़त की बात की है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष कुछ दिनों में समाप्त हो सकता है। ट्रंप ने ईरान को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा डालने से बचने की चेतावनी दी है।

Key Takeaways

  • ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संघर्ष में अमेरिका और इजराइल की बढ़त की बात की।
  • संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है, ट्रंप का दावा।
  • ईरान की सैन्य क्षमता में भारी कमी आई है।
  • ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा न डाले।
  • संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा प्रभाव डाला है।

वाशिंगटन, १० मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में अमेरिका और इजराइल को “निर्णायक बढ़त” मिल रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह संघर्ष कुछ ही दिनों में समाप्त हो सकता है। ट्रंप ने हाल के हमलों का बचाव करते हुए ईरान को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करने की कोशिश न करने की चेतावनी दी।

मियामी में ट्रंप नेशनल डोराल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका और इजराइल का संयुक्त सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” हाल के वर्षों के सबसे बड़े सैन्य अभियानों में से एक है।

ट्रंप ने कहा, “पिछले नौ दिनों में हमने दुनिया के सबसे शक्तिशाली और जटिल सैन्य हमलों और अभियानों में से कुछ को अंजाम दिया है।”

उन्होंने दावा किया कि इस अभियान से ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है, जिसमें उसकी नौसेना, ड्रोन ढांचा और मिसाइल लॉन्च सिस्टम शामिल हैं।

ट्रंप ने कहा, “हमने ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह कमजोर कर दिया है। उसकी नौसेना का बड़ा हिस्सा समुद्र में डुबो दिया गया है।”

उन्होंने बताया कि ईरान के लगभग ५० नौसैनिक जहाज नष्ट कर दिए गए हैं। ट्रंप ने कहा, “करीब ५० जहाज थे। मुझे अभी जानकारी दी गई है कि कुल ५१ जहाज नष्ट हुए हैं।”

राष्ट्रपति के अनुसार लगातार किए गए हमलों के कारण ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता में भी भारी कमी आई है।

उन्होंने कहा, “उनकी मिसाइल क्षमता अब करीब १० प्रतिशत या उससे भी कम रह गई है।” ट्रंप ने यह भी बताया कि अब ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “हमें पता है कि वे ड्रोन कहां बनाते हैं और उन सभी ठिकानों पर एक-एक करके हमले किए जा रहे हैं।”

ट्रंप के मुताबिक इस अभियान के दौरान अब तक ५,००० से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए गए हैं, इनमें हथियार भंडार, मिसाइल लॉन्चर और उत्पादन केंद्र शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “अब तक ५,००० से ज्यादा लक्ष्यों पर हमला किया जा चुका है, जिनमें कई बहुत बड़े सैन्य ठिकाने भी शामिल हैं।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि लंबी दूरी के बी-२ बमवर्षक विमानों ने कई महत्वपूर्ण हथियार प्रणालियों को नष्ट किया है।

उन्होंने बताया, “हमारे बी-२ बमवर्षकों ने हाल ही में २,००० पाउंड के कई बम गिराए, जिससे ईरान के अलग-अलग हिस्सों में मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए गए, जो जमीन के काफी नीचे छिपाए गए थे।”

ट्रंप का कहना था कि इस अभियान ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोक दिया है। उन्होंने पहले किए गए हमलों का जिक्र करते हुए “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, “अगर हमने मिडनाइट हैमर अभियान के तहत कार्रवाई नहीं की होती, तो ईरान के पास परमाणु हथियार होता और वह उसे बहुत पहले इस्तेमाल कर चुका होता।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने नागरिक उपयोग के लिए परमाणु ऊर्जा से जुड़ा एक कूटनीतिक प्रस्ताव भी ठुकरा दिया था।

उन्होंने कहा, “उन्हें नागरिक उपयोग के लिए हमेशा के लिए मुफ्त परमाणु ईंधन देने का प्रस्ताव भी दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे भी ठुकरा दिया।”

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि वह होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही में बाधा डालने की कोशिश न करे। यह दुनिया के लिए ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

उन्होंने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित रहेगा। अगर ईरान ने वहां किसी तरह की बाधा डालने की कोशिश की, तो उसे और भी कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”

ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में चलने वाले वाणिज्यिक तेल टैंकरों को पॉलिटिकल रिस्क इंश्योरेंस उपलब्ध कराएगा। जब ट्रंप से पूछा गया कि यह संघर्ष कितने समय तक चल सकता है, तो उन्होंने संकेत दिया कि सैन्य कार्रवाई जल्द समाप्त हो सकती है।

उन्होंने कहा, “कुछ ही दिन लग सकते हैं। मुझे लगता है कि यह जल्द खत्म हो सकता है।”

ट्रंप ने यह भी बताया कि उनकी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत हुई है। उन्होंने कहा, “मेरी राष्ट्रपति पुतिन से अच्छी बातचीत हुई। हमने यूक्रेन और मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा की।”

पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम में अमेरिका के आठ सैनिकों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों के परिवारों ने उनसे अभियान जारी रखने की अपील की है।

अमेरिका ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हमले तब शुरू किए, जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया था। वाशिंगटन का कहना है कि यह स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरा बन रही थी।

ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल खपत का लगभग पांचवा हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन सकती है।

Point of View

NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संघर्ष को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजराइल को संघर्ष में निर्णायक बढ़त मिल रही है और यह संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है।
ईरान की सैन्य क्षमता पर क्या असर पड़ा है?
ट्रंप के अनुसार, ईरान की सैन्य क्षमता में भारी कमी आई है, जिसमें उसकी नौसेना और मिसाइल क्षमता शामिल है।
क्या ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है?
हाँ, ट्रंप ने ईरान को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा डालने की कोशिश न करने की चेतावनी दी है।
क्या ट्रंप ने किसी अन्य नेता से बातचीत की?
जी हाँ, ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की है।
ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष की स्थिति क्या है?
यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरा बन रहा है।
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