ईरान पर हमले से मिली सफलता, ट्रंप ने दी बड़ी जानकारी
सारांश
Key Takeaways
- ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान की सफलता।
- ईरान की सैन्य ताकत को गंभीर नुकसान।
- संघर्ष का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रभाव।
- ट्रंप की चीन और इजरायल के नेताओं से बातचीत।
- खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव।
वॉशिंगटन, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान "बहुत अच्छी तरह" प्रगति कर रहा है और अमेरिकी बलों ने बड़े पैमाने पर हमले करते हुए "बहुत बड़ी सफलताएं" हासिल की हैं, क्योंकि मध्य-पूर्व में संघर्ष बढ़ता जा रहा है।
वॉशिंगटन के जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि सैन्य अभियान सफल रहा है और इससे ईरान की क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप ने कहा, "ईरान की स्थिति बहुत अच्छी है। आज बहुत बड़े हमले हुए हैं, बहुत बड़ी जीत मिली है, जैसा कि आपने सैन्य स्तर पर सुना होगा। मुझे लगता है कि सब कुछ बहुत अच्छी तरह नियंत्रण में है।"
राष्ट्रपति ने कहा कि यह अभियान उस परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है, जिसे उनके मुताबिक ईरान से उत्पन्न हो रहा था।
उन्होंने कहा, "हमें मध्य-पूर्व और पूरी दुनिया में मौजूद परमाणु खतरे को समाप्त करना था और हम इसे समाप्त करके रहेंगे।"
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि लड़ाई के दौरान ईरानी सेना को काफी कमजोर कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, "मेरे लिए इसका मतलब बहुत स्पष्ट है कि हम ऐसी प्रभुत्व वाली स्थिति में हैं, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई।"
बिना शर्त आत्मसमर्पण की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "उनकी नौसेना समाप्त हो गई है, उनकी वायुसेना समाप्त हो गई है, उनकी ज्यादातर सेना खत्म हो चुकी है। उनका बड़ा खतरा हर तरह से समाप्त हो गया है।"
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की वायु रक्षा और रडार प्रणालियों को बड़े पैमाने पर निष्क्रिय कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, "उनके पास रडार नहीं है, ज्यादातर मामलों में उनके पास एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार नहीं हैं। लगभग सब कुछ समाप्त हो चुका है और आप यह देखेंगे।"
संघर्ष कितने समय तक चलेगा, इस सवाल पर ट्रंप ने कोई निश्चित समयसीमा देने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि अभियान उम्मीद से कहीं तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, "मैं आपको समय नहीं बता सकता। मेरे मन में एक अनुमान है, लेकिन उसे बताने से क्या फायदा? यह उतने समय तक चलेगा जितना आवश्यक होगा। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि हम निर्धारित समय से काफी आगे हैं।"
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इस संघर्ष का प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है, लेकिन उनका मानना है कि हालात सामान्य होते ही कीमतों में गिरावट आएगी।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जैसे ही यह सब समाप्त होगा, पेट्रोल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। ऊर्जा से जुड़ी हर चीज की कीमतों में बड़ी कमी देखने को मिलेगी।"
ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने इस मुद्दे पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की है।
उन्होंने कहा, "हां, मैंने उनसे बात की है। हम इस मुद्दे पर और कुछ अन्य विषयों पर भी चर्चा कर रहे हैं।"
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस मामले में इजरायल के नेतृत्व से भी बातचीत हुई है, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और इजरायल के रणनीतिक लक्ष्य कुछ हद तक अलग हो सकते हैं। यहाँ उनका इशारा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर था।
ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि उनका नजरिया थोड़ा अलग हो सकता है, क्योंकि वे एक अलग देश हैं।"
फिर भी उन्होंने अमेरिकी सैन्य बल की प्रशंसा करते हुए कहा, "वह आपको बताएंगे कि संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी ताकत दुनिया में कभी नहीं रही।"
ये बयान ऐसे समय आए हैं जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी चिंता बढ़ रही है, जिसके जरिए दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल गुजरता है।