4 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भागवत के WSJ विज्ञापन पर हिंदू-अमेरिकी नेताओं ने जताया गर्व, 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश गूँजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भागवत के WSJ विज्ञापन पर हिंदू-अमेरिकी नेताओं ने जताया गर्व, 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश गूँजा

सारांश

आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत का 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित अखबारों में से एक 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' में पूरे पेज के विज्ञापन के रूप में प्रकाशित हुआ — और हिंदू-अमेरिकी नेताओं ने इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान के वैश्विक मंच पर उभरने का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

मोहन भागवत का संदेश 3 सितंबर 2025 को 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के पेज ए5 पर पूरे पेज के पेड विज्ञापन के रूप में प्रकाशित हुआ।
विज्ञापन का खर्च 'आरएसएस फ्रेंड्स' ने उठाया; संदेश 29 अगस्त के मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम से लिया गया।
कार्यक्रम में अमेरिका के 39 राज्यों के 853 शहरों से 250 संगठनों के 5,000 प्रतिनिधि शामिल हुए।
सामुदायिक नेता रमेश भूताडा और एएचईएडी फोरम के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल ने विज्ञापन का स्वागत किया।
आरएसएस की स्थापना 1925 में हुई थी और संगठन 2025 में अपनी शताब्दी मना रहा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत का संदेश 3 सितंबर 2025 को अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के पेज ए5 पर एक पूरे पेज के पेड विज्ञापन के रूप में प्रकाशित हुआ, जिसे हिंदू-अमेरिकी नेताओं ने समुदाय के लिए गर्व का क्षण बताया। यह विज्ञापन 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' में दिए गए उनके भाषण के संदेश पर आधारित था।

विज्ञापन में क्या था संदेश

विज्ञापन में मोहन भागवत के हवाले से कहा गया: 'हमें अपनी एकता और विविधता का जश्न मनाना चाहिए, उसका सम्मान करना चाहिए और उसे स्वीकार करना चाहिए। भारत की सभ्यतागत सोच 'वसुधैव कुटुंबकम' पर आधारित है, यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। भारत इस विविधता का जीता-जागता उदाहरण है।' विज्ञापन में भागवत को भारत में 'दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन' के प्रमुख के रूप में परिचित कराया गया।

पेज पर छपी जानकारी के अनुसार, इस विज्ञापन का खर्च 'आरएसएस फ्रेंड्स' ने उठाया था।

मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम का विस्तार

29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित 'यूनिवर्सल वननेस' कार्यक्रम में अमेरिका के 39 राज्यों के 853 शहरों से 250 संगठनों के 5,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम सामुदायिक सहयोग, एकता और विविध समाजों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देने में भारतीय सभ्यता के मूल्यों की भूमिका पर केंद्रित था।

हिंदू-अमेरिकी नेताओं की प्रतिक्रिया

जाने-माने सामुदायिक नेता और व्यवसायी रमेश भूताडा ने इस विज्ञापन को हिंदू-अमेरिकियों के लिए गर्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, 'वॉल स्ट्रीट जर्नल में पूरे पेज का विज्ञापन देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। यह हिंदू धर्म की असली भावना को दिखाता है और सभी हिंदू अमेरिकियों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस कराता है।'

एएचईएडी फोरम के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल ने कहा, 'अमेरिका में हिंदू समुदाय ने साफ तौर पर यह दिखाया है कि वे इंसानियत की सामूहिक तरक्की के लिए दूसरे सभी समुदायों के साथ बातचीत और सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह बहुत जरूरी है कि हम इस प्रतिबद्धता को असल कामों में बदलें।' उन्होंने 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' का आभार भी व्यक्त किया कि उसने इस संदेश के लिए एक प्रतिष्ठित मंच प्रदान किया।

आरएसएस और उसकी शताब्दी पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना 1925 में नागपुर में हुई थी और संगठन 2025 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब संगठन अपनी वैश्विक उपस्थिति और संदेश को अमेरिकी मुख्यधारा मीडिया तक पहुँचाने की कोशिश कर रहा है। 'वसुधैव कुटुंबकम' के विचार को केंद्र में रखकर दिया गया यह विज्ञापन उस व्यापक प्रयास का हिस्सा प्रतीत होता है।

यह विज्ञापन हिंदू-अमेरिकी समुदाय के लिए न केवल सांस्कृतिक पहचान की अभिव्यक्ति है, बल्कि अमेरिकी समाज में भारतीय मूल्यों की स्वीकार्यता का भी संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अधिक समावेशी अंतरराष्ट्रीय पहचान गढ़ने की दिशा में है। सवाल यह है कि क्या यह संवाद केवल प्रवासी हिंदू समुदाय तक सीमित रहेगा, या अमेरिकी नीति-निर्माताओं और व्यापक जनमानस तक भी पहुँचेगा।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वॉल स्ट्रीट जर्नल में मोहन भागवत का विज्ञापन कब और कहाँ छपा?
यह पेड विज्ञापन 3 सितंबर 2025 को 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के पेज ए5 पर प्रकाशित हुआ। इसमें भागवत की तस्वीर और 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में दिए गए उनके भाषण का संदेश शामिल था।
इस विज्ञापन का खर्च किसने उठाया?
पेज पर छपी जानकारी के अनुसार, इस विज्ञापन का खर्च 'आरएसएस फ्रेंड्स' ने उठाया था।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन के 'यूनिवर्सल वननेस' कार्यक्रम में कितने लोग शामिल हुए?
29 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम में अमेरिका के 39 राज्यों के 853 शहरों से 250 संगठनों के 5,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
हिंदू-अमेरिकी नेताओं ने इस विज्ञापन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सामुदायिक नेता रमेश भूताडा ने इसे 'हिंदू धर्म की असली भावना' का प्रतिबिंब बताया और कहा कि इससे हिंदू-अमेरिकियों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस होता है। एएचईएडी फोरम के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल ने कहा कि समुदाय इंसानियत की सामूहिक तरक्की के लिए सभी समुदायों के साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
आरएसएस क्या है और 2025 में इसका क्या महत्व है?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) एक हिंदू स्वयंसेवी संगठन है जिसकी स्थापना 1925 में नागपुर में हुई थी। 2025 में संगठन अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है और भारत में इसकी स्थानीय शाखाओं व संबद्ध संगठनों का एक विस्तृत नेटवर्क है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 6 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 11 महीने पहले