आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में हिंदू अमेरिकियों की बड़ी सभा को करेंगे संबोधित
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत 29 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क शहर में हिंदू अमेरिकियों की एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है और इसे अमेरिका में होने वाले सबसे विविध हिंदू सामुदायिक आयोजनों में से एक बताया जा रहा है।
कार्यक्रम का स्वरूप और उद्देश्य
आयोजकों के बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम का नाम 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' रखा गया है। इसमें अमेरिका भर से हिंदू सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, सेवा और सामुदायिक संगठन एक मंच पर आएंगे। कार्यक्रम में एकता, नागरिक ज़िम्मेदारी, सामाजिक सद्भाव और विभिन्न धर्मों के बीच आपसी समझ पर विशेष बल दिया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन प्राचीन भारतीय दार्शनिक सिद्धांत 'वसुधैव कुटुंबकम' — अर्थात 'पूरी दुनिया एक परिवार है' — को केंद्र में रखकर किया जा रहा है। इसे बातचीत, आपसी सम्मान, साझा जिम्मेदारी और सेवा की भावना का आधार बनाया जाएगा।
आयोजक और सहभागी संगठन
इस कार्यक्रम का आयोजन 'अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग' द्वारा सैकड़ों सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर किया जा रहा है। देश भर के मंदिरों, योग संगठनों, शिक्षण संस्थानों, सेवा समूहों, भाषाई एवं क्षेत्रीय संघों, सांस्कृतिक निकायों और विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधिमंडल इसमें शामिल होने की उम्मीद है।
आयोजकों के अनुसार, सभा में समुदाय के नेताओं, उद्यमियों, डॉक्टरों, शिक्षकों, वकीलों, कलाकारों, निर्वाचित अधिकारियों, पूर्व सैनिकों, युवा नेताओं, धार्मिक नेताओं और स्वयंसेवकों के भाग लेने की संभावना है।
रक्षाबंधन की भावना का विस्तार
रक्षाबंधन पारंपरिक रूप से भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और परस्पर सुरक्षा की भावना का प्रतीक है। आयोजकों के अनुसार, न्यूयॉर्क का यह कार्यक्रम इस भावना को समुदायों, देशों, मानवता और प्रकृति के बीच के संबंधों तक विस्तारित करेगा।
गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका में हिंदू समुदाय की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी लगातार बढ़ रही है। आयोजकों का कहना है कि विविध परंपराओं को बनाए रखते हुए भी साझा मूल्यों के आधार पर एकजुट होना इस कार्यक्रम का मूल संदेश होगा।
क्या होगा आगे
भागवत की यह यात्रा आरएसएस के अंतरराष्ट्रीय संपर्क विस्तार के नज़रिए से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 29 अगस्त का यह कार्यक्रम अमेरिका में हिंदू डायस्पोरा की एकजुटता और उनकी सांस्कृतिक पहचान को रेखांकित करने का एक बड़ा अवसर होगा।