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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मैडिसन स्क्वायर गार्डन में देंगे संबोधन, 39 प्रांतों से 5,000 लोग जुटेंगे

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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मैडिसन स्क्वायर गार्डन में देंगे संबोधन, 39 प्रांतों से 5,000 लोग जुटेंगे

सारांश

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में संबोधन — 39 अमेरिकी प्रांतों से 5,000 से अधिक लोग, 200 संगठनों की साझेदारी। रक्षाबंधन सप्ताहांत पर 'वसुधैव कुटुंबकम' के संदेश के साथ यह आयोजन भारतीय प्रवासी समुदाय की बढ़ती वैश्विक सांस्कृतिक उपस्थिति का प्रतीक है।

मुख्य बातें

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में सांस्कृतिक-आध्यात्मिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
अमेरिका के 39 प्रांतों और 85 शहरों से 5,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना।
200 से अधिक संगठनों ने इस आयोजन में साझेदारी की है; कार्यक्रम दोपहर 2 बजे शुरू होगा।
कार्यक्रम का केंद्रीय विषय 'वसुधैव कुटुंबकम' ; रक्षाबंधन सप्ताहांत पर आयोजित।
भारी मांग के कारण रजिस्ट्रेशन बंद ; जो शामिल नहीं हो सकते, उनके लिए ऑनलाइन प्रसारण उपलब्ध।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत शनिवार, 30 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित एक सांस्कृतिक-आध्यात्मिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। अमेरिका के 39 प्रांतों और 85 शहरों से 5,000 से अधिक लोगों के इस आयोजन में शामिल होने की संभावना है, जिसे 200 से अधिक संगठनों का सहयोग प्राप्त है।

कार्यक्रम का स्वरूप और संदेश

कार्यक्रम की प्रवक्ता प्रिया सामंत ने बताया कि यह आयोजन दोपहर 2 बजे शुरू होगा और इसका केंद्रीय विषय भारतीय दर्शन 'वसुधैव कुटुंबकम' — अर्थात 'संपूर्ण विश्व एक परिवार है' — पर आधारित है। उन्होंने कहा, 'यह कार्यक्रम भारतीय दर्शन वसुधैव कुटुंबकम का जश्न है।' इसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ भारतीय-अमेरिकी युवाओं द्वारा भजन गायन भी होगा।

यह कार्यक्रम रक्षाबंधन के सप्ताहांत पर आयोजित किया जा रहा है। सामंत के अनुसार, रक्षाबंधन 'सुरक्षा, देखभाल और परस्पर बंधन का प्रतीक' है, जो इस आयोजन के एकता-केंद्रित संदेश से मेल खाता है। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों और जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग शामिल होंगे।

जबरदस्त प्रतिक्रिया, रजिस्ट्रेशन बंद

आयोजकों के अनुसार, पंजीकरण प्रक्रिया को असाधारण प्रतिक्रिया मिली। सामंत ने कहा, 'हमें इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इतने अधिक अनुरोध प्राप्त हुए कि इसे बंद करना पड़ा, लेकिन रजिस्ट्रेशन सबके लिए खुला था।' जो लोग व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, वे कार्यक्रम को ऑनलाइन देख सकेंगे।

समुदाय की आवाज़

भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्य अविनाश गुप्ता ने कहा, 'इस विभाजित दुनिया और मुश्किल समय में हमारे लिए एकजुट होना और एक-दूसरे के साथ एकता, शांति और सद्भाव का संदेश फैलाना और भी जरूरी है।' उन्होंने इस सभा को भारत की प्राचीन संस्कृति के शाश्वत दर्शन की अभिव्यक्ति बताया।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन्स के स्वयंसेवक अंकुर वैद्य ने न्यूयॉर्क और व्यापक अमेरिकी समुदाय से इस आयोजन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा, 'हम बड़े अमेरिकी समुदाय और न्यूयॉर्क के लोगों से अपील करते हैं कि वे इसमें शामिल हों और हम जो साझा करना चाहते हैं, उसमें सच्चाई की तलाश करें।'

विरोध और संवाद पर रुख

कार्यक्रम के विरोध के संदर्भ में प्रिया सामंत ने कहा कि एक स्वतंत्र समाज में असहमति का अधिकार सबको है। उन्होंने कहा, 'हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं, गहरे मतभेद भी हो सकते हैं, लेकिन फिर भी हम एक साथ आ सकते हैं, एक ही मेज पर बैठकर अपने मतभेदों पर बातचीत कर सकते हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि 'एकता' का अर्थ 'एकरूपता' नहीं है — मतभेद रहते हुए भी साझा कार्य संभव है।

आगे क्या

यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब भारतीय-अमेरिकी समुदाय की वैश्विक उपस्थिति और सांस्कृतिक कूटनीति पर ध्यान बढ़ रहा है। मैडिसन स्क्वायर गार्डन जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर आरएसएस प्रमुख का संबोधन भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए एक उल्लेखनीय अवसर माना जा रहा है। जो लोग सशरीर उपस्थित नहीं हो सकते, उनके लिए ऑनलाइन प्रसारण की व्यवस्था की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि भागवत की उपस्थिति को लेकर अमेरिकी भारतीय समुदाय में भी एकमत नहीं है। 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश सार्वभौमिक है, किंतु आलोचक यह भी पूछते हैं कि क्या इसे प्रस्तुत करने वाली संस्था घरेलू स्तर पर भी उसी समावेशिता को व्यवहार में लाती है — यह प्रश्न मुख्यधारा की कवरेज अक्सर अनुत्तरित छोड़ देती है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का न्यूयॉर्क कार्यक्रम क्या है?
यह एक सांस्कृतिक-आध्यात्मिक सभा है जो न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित की जा रही है, जिसमें मोहन भागवत संबोधन देंगे। कार्यक्रम का विषय 'वसुधैव कुटुंबकम' है और इसमें अमेरिका के 39 प्रांतों से 5,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।
इस कार्यक्रम में कितने संगठन शामिल हैं?
200 से अधिक संगठनों ने इस आयोजन में साझेदारी की है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन्स सहित भारतीय-अमेरिकी समुदाय के कई संगठन इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
क्या यह कार्यक्रम ऑनलाइन देखा जा सकता है?
हाँ, जो लोग व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, उनके लिए ऑनलाइन प्रसारण की व्यवस्था की गई है। रजिस्ट्रेशन भारी मांग के कारण बंद हो चुका है, लेकिन शुरुआत में यह सभी के लिए खुला था।
कार्यक्रम रक्षाबंधन के सप्ताहांत पर क्यों रखा गया है?
आयोजकों के अनुसार, रक्षाबंधन 'सुरक्षा, देखभाल और परस्पर बंधन' का प्रतीक है, जो इस आयोजन के एकता और सद्भाव के संदेश से मेल खाता है। यह तिथि सांस्कृतिक दृष्टि से सार्थक मानी गई।
कार्यक्रम के विरोध पर आयोजकों का क्या कहना है?
प्रवक्ता प्रिया सामंत ने कहा कि एक स्वतंत्र समाज में असहमति का अधिकार सबको है और मतभेदों को बातचीत से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'एकता' का अर्थ 'एकरूपता' नहीं है — मतभेद रहते हुए भी साथ मिलकर काम किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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