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मोहन भागवत के मैडिसन स्क्वायर कार्यक्रम पर ममदानी के बयान से भड़के नेता, बोले — 'सोच विकृत और पक्षपाती'

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मोहन भागवत के मैडिसन स्क्वायर कार्यक्रम पर ममदानी के बयान से भड़के नेता, बोले — 'सोच विकृत और पक्षपाती'

सारांश

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने मैडिसन स्क्वायर में RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध किया — और भारत में BJP व शिवसेना नेताओं ने उन्हें 'विकृत सोच' वाला और 'राजनीति से प्रेरित' करार दिया। अमेरिका में RSS की 100 साल पुरानी उपस्थिति और 200 से अधिक सेवा प्रोजेक्ट के बावजूद यह विवाद दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक तनाव की नई परत उघाड़ता है।

मुख्य बातें

न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में RSS प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम का विरोध किया।
महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष अमित साटम ने ममदानी को 'अति-वामपंथी, कट्टरपंथी और अलगाववादी' बताते हुए उनकी सोच को 'विकृत और पक्षपाती' कहा।
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि अमेरिका में RSS के 200 से अधिक सेवा प्रोजेक्ट हैं और FBI ने इसे कभी चरमपंथी नहीं माना।
BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने ममदानी के बयान को 'स्थानीय राजनीति' से प्रेरित बताया।
BJP नेता नलिन कोहली ने ममदानी के बहुलवाद के दावे और RSS विरोध में विरोधाभास उजागर किया।

नई दिल्ली, 26 अगस्तन्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा मैडिसन स्क्वायर गार्डन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम का विरोध किए जाने पर भारतीय नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना के नेताओं ने ममदानी के बयान को 'विकृत', 'पक्षपाती' और 'राजनीति से प्रेरित' करार दिया।

महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि किसी 'अति-वामपंथी, कट्टरपंथी और अलगाववादी' व्यक्ति से 'अलग-थलग करने वाली सोच' पर सीख लेने की कोई ज़रूरत नहीं है। उन्होंने ममदानी पर देश-विरोधी गतिविधियों से जुड़े उमर खालिद के प्रति सहानुभूति रखने का आरोप भी लगाया।

साटम ने आगे लिखा कि RSS एक ऐसी संस्था है जो बिना किसी जाति, पंथ, धर्म या लिंग के भेदभाव के — विशेषकर संकट और आपदा के समय — राष्ट्र-निर्माण और मानवता की सेवा करती है। उन्होंने कहा, 'असल में विविधता का सम्मान यही है, जबकि विविधता के बारे में आपकी सोच विकृत और पक्षपाती है और किसी खास समूह या कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुकी हुई है।'

शिवसेना प्रवक्ता का पलटवार

शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि RSS एक सौ साल पुराना सांस्कृतिक संगठन है जो अपनी शाखाओं में लोगों को 'एके-47 नहीं बल्कि लाठी चलाना' सिखाता है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका में RSS के 200 से अधिक सेवा प्रोजेक्ट सक्रिय हैं — चाहे तूफान हो या कोविड महामारी।

शाइना एनसी ने यह भी रेखांकित किया कि FBI ने कभी RSS को चरमपंथी संगठन नहीं कहा, बल्कि उसकी तारीफ की गई है। उन्होंने ममदानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस देश में खालिस्तानी प्रदर्शन और हमास समर्थन को जगह मिलती हो, वहाँ RSS के कार्यक्रम पर आपत्ति करना दोहरे मानदंड को दर्शाता है।

अन्य नेताओं की राय

BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि ममदानी का बयान संभवतः उनकी 'स्थानीय राजनीति' से प्रेरित है। उन्होंने RSS को दुनिया के सबसे अनुशासित संगठनों में से एक बताया, जो लाखों लोगों की सेहत और भलाई के लिए बिना किसी स्वार्थ के काम करता है।

BJP नेता नलिन कोहली ने ममदानी के रुख में विरोधाभास की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि एक ओर ममदानी बहुलवाद की बात करते हैं, दूसरी ओर भागवत की रैली का विरोध करते हैं — यह दोनों बातें एक साथ नहीं चल सकतीं। कोहली ने कहा, 'अगर वे बहुलवाद की बात करते हैं, तो मोहन भागवत की रैली से उन्हें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।'

आगे क्या

मैडिसन स्क्वायर गार्डन में RSS प्रमुख मोहन भागवत का कार्यक्रम अभी भी प्रस्तावित है। ममदानी के बयान के बाद भारत-अमेरिका सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों के संदर्भ में यह मामला ध्यान का केंद्र बना हुआ है। भारतीय नेताओं की यह प्रतिक्रिया संकेत देती है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय नेताओं की प्रतिक्रिया भी पूरी तरह तथ्य-आधारित विमर्श से कम, राजनीतिक जवाबी हमले की शैली में अधिक है। असली सवाल यह है कि क्या अमेरिका में RSS की गतिविधियों और उसके प्रभाव पर खुला, तथ्यपरक संवाद संभव है — या यह मामला दोनों तरफ से केवल राजनीतिक हथियार बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जोहरान ममदानी ने RSS कार्यक्रम का विरोध क्यों किया?
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में RSS प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम का विरोध किया। उनके बयान का सटीक आधार स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन भारतीय नेताओं ने इसे 'राजनीति से प्रेरित' बताया।
भारतीय नेताओं ने ममदानी के बयान पर क्या कहा?
BJP और शिवसेना के नेताओं ने ममदानी के बयान को 'विकृत और पक्षपाती' करार दिया। महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष अमित साटम ने उन्हें 'अति-वामपंथी और कट्टरपंथी' बताया, जबकि BJP नेता नलिन कोहली ने उनके बहुलवाद के दावे में विरोधाभास उजागर किया।
अमेरिका में RSS की क्या उपस्थिति है?
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी के अनुसार, अमेरिका में RSS के 200 से अधिक सेवा प्रोजेक्ट सक्रिय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि FBI ने कभी RSS को चरमपंथी संगठन नहीं माना है।
क्या मैडिसन स्क्वायर में मोहन भागवत का कार्यक्रम रद्द हुआ?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार मैडिसन स्क्वायर गार्डन में RSS प्रमुख मोहन भागवत का कार्यक्रम अभी भी प्रस्तावित है। ममदानी के विरोध के बाद इस पर अंतिम निर्णय की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
नलिन कोहली ने ममदानी पर किस विरोधाभास की बात की?
BJP नेता नलिन कोहली ने कहा कि ममदानी एक ओर बहुलवाद की वकालत करते हैं और दूसरी ओर मोहन भागवत की रैली का विरोध करते हैं — ये दोनों रुख एक साथ नहीं चल सकते। उनके अनुसार, सच्चे बहुलवाद में RSS जैसे संगठनों के कार्यक्रमों को भी जगह मिलनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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