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युवाओं को 'देशविरोधी' क्यों कहा गया — प्रियंका चतुर्वेदी की अमित शाह से सदन में जवाब की माँग

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युवाओं को 'देशविरोधी' क्यों कहा गया — प्रियंका चतुर्वेदी की अमित शाह से सदन में जवाब की माँग

सारांश

RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने जेन-ज़ी को 'देशविरोधी' न कहने की बात इशारों में कही — लेकिन शिवसेना (UBT) की प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे नाकाफी बताते हुए गृहमंत्री अमित शाह से सदन में सीधा जवाब माँगा: लाठीचार्ज, पैलेट गन और एफआईआर किसके आदेश पर हुए?

मुख्य बातें

RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि जेन-ज़ी पीढ़ी को 'देशविरोधी' नहीं कहा जाना चाहिए।
शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने 7 अगस्त को भागवत के बयान को 'इशारों में बात' करना बताते हुए खुलकर बोलने की माँग की।
चतुर्वेदी ने गृहमंत्री अमित शाह से संसद में आकर यह बताने को कहा कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, पैलेट गन और एफआईआर किसके निर्देश पर हुए।
उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सांसदों और विधायकों ने बार-बार युवा प्रदर्शनकारियों को 'देशविरोधी' करार दिया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी का हवाला देते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि विपक्ष हर सरकार में युवाओं के साथ खड़ा रहेगा।

शिवसेना (यूबीटी) नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के जेन-ज़ी आंदोलन संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और गृहमंत्री अमित शाह से संसद में आकर सीधा जवाब देने की माँग की। चतुर्वेदी ने कहा कि यदि भागवत युवाओं को 'देशविरोधी' न कहने की बात कर रहे हैं, तो यह संदेश इशारों में नहीं, खुलकर और स्पष्ट रूप से दिया जाना चाहिए।

मोहन भागवत का बयान और विवाद की पृष्ठभूमि

RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा था कि जेन-ज़ी पीढ़ी यदि विरोध-प्रदर्शन कर रही है तो उसे 'देशविरोधी' नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि यह देश की अपनी पीढ़ी है और उनके मुद्दों को संवाद के ज़रिये समझकर समाधान निकाला जाना चाहिए। यह बयान हाल के छात्र आंदोलनों के संदर्भ में आया, जिनके दौरान कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, पैलेट गन और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई।

प्रियंका चतुर्वेदी की सीधी चुनौती

चतुर्वेदी ने कहा, 'क्यों इशारों में बात कर रहे हैं? खुलकर और साफ-साफ बोलना चाहिए। चूंकि वे खुद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मुख्य नेता और मार्गदर्शक हैं, इसलिए उन्हें स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि BJP के राज्यसभा और लोकसभा सांसदों के साथ-साथ विधायकों ने बार-बार उन्हें देशविरोधी करार देने की कोशिश की।'

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी युवाओं पर यह इल्ज़ाम भी लगाया गया कि उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पैसे दिए गए हैं। चतुर्वेदी ने कहा, 'उन पर लाठीचार्ज करना, पैलेट गन चलाना या एके-47 लेकर कर्मियों को तैनात करना — क्या यह सही था? इसे खुलकर संबोधित किया जाना चाहिए क्योंकि जो हुआ वह बिल्कुल गलत था। उनकी माँगें बिल्कुल जायज़ थीं।'

अमित शाह से संसद में जवाब की माँग

संसद में लगातार कार्यवाही स्थगित होने के बीच चतुर्वेदी ने गृहमंत्री अमित शाह को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, 'खुद अमित शाह सदन में चुनकर आए हैं। प्रधानमंत्री भी लोकसभा क्षेत्र से जीतकर सदन में आए हैं। नई दिल्ली से लेकर पूरे देश में यह सवाल उठ रहा है कि इस तरह की एफआईआर करना, लाठियाँ चलाना, गोलियाँ चलाना — यह सब किसके कहने पर हुआ था। अमित शाह सदन में आकर जवाब दें।'

राहुल गांधी और विपक्ष की एकजुटता

चतुर्वेदी ने युवाओं के मुद्दों को व्यापक राजनीतिक संदर्भ में रखते हुए कहा कि युवाओं की समस्या समाज की सामूहिक समस्या है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने युवाओं से बात की है और आश्वासन दिया है कि वे हर संभव प्रयास करेंगे — चाहे सरकार BJP की हो या गैर-BJP की, जहाँ भी युवाओं की समस्या होगी, विपक्ष उनके साथ खड़ा रहेगा।

आगे क्या

यह विवाद संसद के मानसून सत्र के बीच उठा है, जब विपक्ष लगातार सदन की कार्यवाही ठप होने को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है। RSS प्रमुख के बयान के बाद BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है, और यह देखना होगा कि गृहमंत्री अमित शाह इस माँग पर संसद में कोई स्पष्टीकरण देते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिना सीधे पार्टी की आलोचना किए। लेकिन चतुर्वेदी का सवाल ज़्यादा तीखा है: यदि भागवत मानते हैं कि युवाओं को 'देशविरोधी' कहना गलत था, तो क्या वे यह भी स्वीकार करेंगे कि उनके ही संगठन से जुड़ी सरकार ने वह किया? मुख्यधारा की कवरेज भागवत के बयान को 'संतुलित' बता रही है, लेकिन असली जवाबदेही का सवाल — कि लाठीचार्ज और पैलेट गन के आदेश किसने दिए — अनुत्तरित है। संसद का मंच इस जवाबदेही के लिए सबसे उचित जगह है, और विपक्ष इसी को अपना हथियार बना रहा है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका चतुर्वेदी ने अमित शाह से क्या माँग की?
प्रियंका चतुर्वेदी ने गृहमंत्री अमित शाह से संसद में आकर यह स्पष्ट करने की माँग की कि युवा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, पैलेट गन का इस्तेमाल और एफआईआर किसके निर्देश पर हुए। उन्होंने कहा कि शाह लोकसभा से चुनकर आए हैं, इसलिए उन्हें सदन में जवाब देना चाहिए।
मोहन भागवत ने जेन-ज़ी आंदोलन पर क्या कहा था?
RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा था कि यदि जेन-ज़ी पीढ़ी विरोध-प्रदर्शन कर रही है तो उसे 'देशविरोधी' नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पीढ़ी के मुद्दों को संवाद के ज़रिये समझकर समाधान निकालने की ज़रूरत है।
शिवसेना (UBT) ने भागवत के बयान को अपर्याप्त क्यों बताया?
शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भागवत 'इशारों में' बात कर रहे हैं, जबकि BJP के सांसदों और विधायकों ने खुलेआम युवाओं को देशविरोधी करार दिया। उनका कहना है कि जब तक BJP स्वयं यह स्वीकार नहीं करती कि वह कार्रवाई गलत थी, तब तक भागवत का बयान अधूरा है।
इस विवाद में राहुल गांधी की क्या भूमिका बताई गई?
चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने युवाओं से बात की है और आश्वासन दिया है कि विपक्ष हर सरकार में — चाहे BJP की हो या गैर-BJP की — युवाओं के साथ खड़ा रहेगा।
यह विवाद संसद की कार्यवाही से कैसे जुड़ा है?
यह बयान मानसून सत्र के दौरान आया है, जब संसद की कार्यवाही लगातार स्थगित हो रही है। विपक्ष इस मुद्दे को सदन में उठाने की माँग कर रहा है और गृहमंत्री से जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ज़ोर दे रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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