7 अगस्त 2026
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मोहन भागवत के 'जेन-जी' बयान पर भाजपा सांसदों का समर्थन: 'छात्र विपक्ष के बहकावे में नहीं आएंगे'

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मोहन भागवत के 'जेन-जी' बयान पर भाजपा सांसदों का समर्थन: 'छात्र विपक्ष के बहकावे में नहीं आएंगे'

सारांश

RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'जेन-जी' बयान के बाद भाजपा सांसदों ने एकजुट होकर कहा कि देश का युवा विपक्ष की राजनीतिक चालों में नहीं फँसेगा। 18 साल की 'जागृति यात्रा' का हवाला देते हुए सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने भागवत के दृष्टिकोण को सटीक बताया, जबकि दामोदर अग्रवाल ने राहुल गांधी पर सीधे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'जेन-जी' और छात्रों पर दिए बयान को 7 अगस्त को भाजपा सांसदों ने समर्थन दिया।
भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी पिछले 18 वर्षों से 'जागृति यात्रा' के तहत हर साल 500 युवाओं के साथ 8,000 किलोमीटर की यात्रा करते हैं।
त्रिपाठी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान व्हाइट हाउस में धोती-कुर्ता पहनकर भारतीय परंपरा का प्रतिनिधित्व किया।
भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने रांची में छात्रों से राहुल गांधी की मुलाकात पर सवाल उठाए।
भाजपा का कहना है कि सरकार को छात्रों से नहीं, बल्कि छात्र आंदोलनों का राजनीतिक लाभ उठाने वाले विपक्षी दलों से आपत्ति है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा 'जेन-जी' पीढ़ी और छात्रों को लेकर दिए गए बयान को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने 7 अगस्त को मज़बूत समर्थन दिया। सांसदों का कहना है कि देश का युवा वर्ग विपक्ष की राजनीतिक चालबाज़ियों में नहीं फँसेगा और वह राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है।

भागवत के बयान पर भाजपा सांसदों का रुख

भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि वह मोहन भागवत की बात से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले 18 वर्षों से 'जागृति यात्रा' का आयोजन करते आ रहे हैं, जिसके तहत हर साल 500 युवाओं के साथ ट्रेन से करीब 8,000 किलोमीटर की यात्रा की जाती है। इस प्रत्यक्ष अनुभव के आधार पर उन्होंने कहा कि भागवत का दृष्टिकोण देश के युवाओं की सोच और आकांक्षाओं को समझने में बिल्कुल सटीक है।

त्रिपाठी ने यह भी कहा कि सरकार युवाओं की आकांक्षाओं और समस्याओं को समझते हुए संवाद की नीति पर काम कर रही है। उनके अनुसार देश का युवा भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है और उसे किसी राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

हथकरघा और भारतीय परंपरा का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील का समर्थन करते हुए शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि वह स्वयं हमेशा पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनते हैं। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अमेरिका यात्रा पर व्हाइट हाउस में भी उन्होंने धोती-कुर्ता पहनकर भारतीय परंपरा का प्रतिनिधित्व किया। त्रिपाठी ने सभी नागरिकों से हथकरघा उत्पादों को अपनाने और स्थानीय बुनकरों का समर्थन करने की अपील की।

छात्र आंदोलनों पर सरकार का दृष्टिकोण

छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के मुद्दे पर त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि सरकार को छात्रों से कोई आपत्ति नहीं है। उनका कहना है कि युवाओं की शिकायतों और आकांक्षाओं को बातचीत के माध्यम से समझा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आपत्ति उन विपक्षी दलों से है जो छात्र आंदोलनों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते हैं, और ऐसे विषयों पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

दामोदर अग्रवाल का बयान और राहुल गांधी पर सवाल

भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि देश का युवा देशद्रोही नहीं है, बल्कि वही देश का भविष्य है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी 'परीक्षा पे चर्चा' और 'मन की बात' जैसे कार्यक्रमों के ज़रिए लगातार छात्रों से संवाद करते रहे हैं और युवाओं के शोध, नवाचार तथा साहस को प्रोत्साहित करते रहे हैं।

अग्रवाल ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों के दौरान कुछ विपक्षी दलों ने राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया। उन्होंने रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुलाकात पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि वह छात्रों के साथ थे, तो पहले दिन से उनके बीच क्यों नहीं पहुँचे और परीक्षा रद्द करने की माँग का समर्थन क्यों नहीं किया।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब देशभर में छात्र आंदोलनों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। भाजपा का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह युवा वर्ग को अपने पक्ष में रखने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष पर छात्रों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया जा रहा है। आने वाले दिनों में संसद में इस विषय पर बहस की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्हें केवल 'परीक्षा पे चर्चा' से नहीं सुलझाया जा सकता। असली सवाल यह है कि क्या सरकार युवाओं की बात सुनने को तैयार है, या केवल उनकी आवाज़ को फ्रेम करने में रुचि है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत ने 'जेन-जी' पर क्या कहा था?
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने 'जेन-जी' पीढ़ी और छात्रों को लेकर एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने युवाओं की सोच और आकांक्षाओं पर अपना दृष्टिकोण रखा। भाजपा सांसदों ने इस बयान को पूरी तरह सही और समयोचित बताया है।
भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी की 'जागृति यात्रा' क्या है?
'जागृति यात्रा' एक वार्षिक युवा संवाद कार्यक्रम है जिसे भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी पिछले 18 वर्षों से आयोजित कर रहे हैं। इसके तहत हर साल 500 युवाओं के साथ ट्रेन से करीब 8,000 किलोमीटर की यात्रा की जाती है।
भाजपा ने छात्र आंदोलनों पर क्या रुख अपनाया है?
भाजपा का कहना है कि सरकार को छात्रों से कोई आपत्ति नहीं है और उनकी शिकायतें संवाद से सुलझाई जानी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि विपक्षी दल छात्र आंदोलनों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते हैं।
दामोदर अग्रवाल ने राहुल गांधी पर क्या सवाल उठाए?
भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों से राहुल गांधी की मुलाकात पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के साथ थे, तो वह पहले दिन से उनके बीच क्यों नहीं पहुँचे और परीक्षा रद्द करने की माँग का समर्थन क्यों नहीं किया।
प्रधानमंत्री मोदी युवाओं से कैसे जुड़ते हैं?
भाजपा सांसदों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'परीक्षा पे चर्चा' और 'मन की बात' जैसे कार्यक्रमों के ज़रिए लगातार छात्रों से संवाद करते रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के शोध, नवाचार और साहस को प्रोत्साहित किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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