7 अगस्त 2026
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मोहन भागवत के 'जेनजी' बयान पर BJP का समर्थन, कांग्रेस बोली — चुनावी मैनेजमेंट है यह

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मोहन भागवत के 'जेनजी' बयान पर BJP का समर्थन, कांग्रेस बोली — चुनावी मैनेजमेंट है यह

सारांश

RSS सरसंघचालक मोहन भागवत के जेनजी पर बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। BJP ने इसे युवाओं के लिए मार्गदर्शन बताया, जबकि कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने इसे चुनाव से पहले युवा असंतोष को मैनेज करने की कोशिश करार दिया और कथित सुरक्षाबल कार्रवाई पर माफी व जाँच की माँग की।

मुख्य बातें

RSS सरसंघचालक मोहन भागवत के 'जेनजी' पर दिए बयान ने 7 अगस्त को राजनीतिक विवाद खड़ा किया।
BJP विधायक संजय उपाध्याय (मुंबई) ने कहा कि भागवत का हर शब्द उनके लिए आदेश के समान है।
BJP युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा (लखनऊ) ने भी बयान का पूर्ण समर्थन किया।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी (मुर्शिदाबाद) ने इसे आगामी चुनावों से पहले जेनजी के गुस्से को मैनेज करने की कोशिश बताया।
चौधरी ने माँग की कि भागवत युवाओं पर हुई कथित कार्रवाई पर माफी और निष्पक्ष जाँच की पहल करें।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा 'जेनजी' (Gen-Z) को लेकर दिए गए बयान ने 7 अगस्त को राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने भागवत के विचारों को युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बताते हुए पूरा समर्थन दिया, वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इसे आगामी चुनावों से पहले युवाओं के असंतोष को शांत करने की राजनीतिक कोशिश करार दिया।

BJP का समर्थन: 'भागवत का हर शब्द आदेश के समान'

मुंबई से BJP विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि सरसंघचालक के वक्तव्य पर टिप्पणी करना उनके लिए उचित नहीं है, क्योंकि भागवत द्वारा कहा गया हर शब्द उनके लिए आदेश के समान है। उन्होंने कहा, 'जिस प्रकार से मोहन भागवत ने जेनजी और नई युवा पीढ़ी के साथ संवाद किया है, उसे गंभीरता से समझने की आवश्यकता है।'

उपाध्याय ने आगे कहा कि आज की युवा पीढ़ी देशभक्त है और देश का हित चाहती है। उनके अनुसार, युवाओं की अभिव्यक्ति का तरीका भले अलग हो, लेकिन उनकी भावनाओं को समझना और महत्व देना ज़रूरी है — और भागवत ने इसी बात पर ज़ोर दिया है।

BJP युवा मोर्चा का भी समर्थन

लखनऊ में BJP युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने भी भागवत के बयान की पुरज़ोर हिमायत की। उन्होंने कहा, 'देश का युवा हमेशा ईमानदार रहा है और यदि मोहन भागवत इस विषय पर कुछ कह रहे हैं तो उसमें कोई असामान्य बात नहीं है। मैं उनके विचारों के साथ हूँ और उनका पूरा समर्थन करता हूँ।'

कांग्रेस का पलटवार: 'जेनजी के गुस्से को मैनेज करने की कोशिश'

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने BJP और RSS पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों को देखते हुए जेनजी के गुस्से को 'मैनेज' करने की कोशिश की जा रही है। चौधरी ने कहा कि जिन युवाओं ने आंदोलन किया था, उनके आंदोलन को दबाने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी और उस दौरान हुई कथित हिंसा तथा कार्रवाई पूरी दुनिया ने देखी। 'अब उसी घटना पर मरहम लगाने की कोशिश की जा रही है ताकि युवा वर्ग का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सके,' उन्होंने कहा।

चौधरी ने यह भी कहा कि BJP और RSS को आशंका है कि यदि जेनजी का समर्थन उनसे दूर हो गया तो आगामी चुनावों में इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है — इसीलिए युवाओं को साधने का प्रयास किया जा रहा है।

चौधरी की माँग: माफी और निष्पक्ष जाँच

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि यदि मोहन भागवत वास्तव में युवाओं के पक्ष में खड़े हैं, तो उन्हें केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से इस पूरे मामले पर सार्वजनिक बयान दिलवाना चाहिए था, युवाओं के साथ हुई कथित कार्रवाई पर माफी माँगनी चाहिए थी और निष्पक्ष जाँच की माँग करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई ऐसे की गई मानो आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा हो, जिसकी जाँच होनी चाहिए।

आगे क्या

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब देश में युवा बेरोज़गारी और सामाजिक असंतोष को लेकर राजनीतिक दलों के बीच खींचतान जारी है। गौरतलब है कि जेनजी को लेकर RSS प्रमुख की यह टिप्पणी व्यापक विमर्श का हिस्सा बन गई है, और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर बयानबाज़ी से साधा जाता है। असली सवाल यह है कि क्या RSS और BJP नीतिगत बदलाव लाएँगे या केवल भाषा बदलकर युवाओं को संतुष्ट करने की कोशिश करेंगे। बिना ठोस कदमों के, यह संवाद महज़ चुनावी मौसम की बयानबाज़ी बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत ने 'जेनजी' पर क्या कहा था?
RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने जेनजी (Gen-Z) और नई युवा पीढ़ी के साथ संवाद की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और उनकी भावनाओं को समझने व महत्व देने की बात कही। उनके इस बयान को BJP ने मार्गदर्शक बताया जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीतिक रणनीति करार दिया।
BJP ने भागवत के बयान का समर्थन क्यों किया?
BJP विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि भागवत का हर शब्द उनके लिए आदेश के समान है और युवाओं की देशभक्ति को स्वीकार करना ज़रूरी है। BJP युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने भी कहा कि देश का युवा ईमानदार है और भागवत के विचारों में कुछ भी असामान्य नहीं है।
कांग्रेस ने इसे 'चुनावी मैनेजमेंट' क्यों कहा?
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों को देखते हुए जेनजी के गुस्से को शांत करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि पहले युवा आंदोलनों को सुरक्षाबलों से दबाया गया और अब उसी पर 'मरहम' लगाने की कोशिश हो रही है।
अधीर रंजन चौधरी ने भागवत से क्या माँग की?
चौधरी ने माँग की कि यदि भागवत सच में युवाओं के पक्षधर हैं तो वे केंद्र सरकार से युवाओं पर हुई कथित कार्रवाई पर सार्वजनिक माफी और निष्पक्ष जाँच की माँग करें। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई आतंकवाद-विरोधी अभियान जैसी थी।
इस विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह बयानबाज़ी आगामी चुनावों से पहले जेनजी मतदाताओं को लेकर BJP-RSS और कांग्रेस के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। युवा बेरोज़गारी और सामाजिक असंतोष के माहौल में दोनों पक्ष इस पीढ़ी को अपने पक्ष में करने की कोशिश में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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