मोहन भागवत के 'जेनजी' बयान पर BJP का समर्थन, कांग्रेस बोली — चुनावी मैनेजमेंट है यह
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा 'जेनजी' (Gen-Z) को लेकर दिए गए बयान ने 7 अगस्त को राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने भागवत के विचारों को युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बताते हुए पूरा समर्थन दिया, वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इसे आगामी चुनावों से पहले युवाओं के असंतोष को शांत करने की राजनीतिक कोशिश करार दिया।
BJP का समर्थन: 'भागवत का हर शब्द आदेश के समान'
मुंबई से BJP विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि सरसंघचालक के वक्तव्य पर टिप्पणी करना उनके लिए उचित नहीं है, क्योंकि भागवत द्वारा कहा गया हर शब्द उनके लिए आदेश के समान है। उन्होंने कहा, 'जिस प्रकार से मोहन भागवत ने जेनजी और नई युवा पीढ़ी के साथ संवाद किया है, उसे गंभीरता से समझने की आवश्यकता है।'
उपाध्याय ने आगे कहा कि आज की युवा पीढ़ी देशभक्त है और देश का हित चाहती है। उनके अनुसार, युवाओं की अभिव्यक्ति का तरीका भले अलग हो, लेकिन उनकी भावनाओं को समझना और महत्व देना ज़रूरी है — और भागवत ने इसी बात पर ज़ोर दिया है।
BJP युवा मोर्चा का भी समर्थन
लखनऊ में BJP युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने भी भागवत के बयान की पुरज़ोर हिमायत की। उन्होंने कहा, 'देश का युवा हमेशा ईमानदार रहा है और यदि मोहन भागवत इस विषय पर कुछ कह रहे हैं तो उसमें कोई असामान्य बात नहीं है। मैं उनके विचारों के साथ हूँ और उनका पूरा समर्थन करता हूँ।'
कांग्रेस का पलटवार: 'जेनजी के गुस्से को मैनेज करने की कोशिश'
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने BJP और RSS पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों को देखते हुए जेनजी के गुस्से को 'मैनेज' करने की कोशिश की जा रही है। चौधरी ने कहा कि जिन युवाओं ने आंदोलन किया था, उनके आंदोलन को दबाने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी और उस दौरान हुई कथित हिंसा तथा कार्रवाई पूरी दुनिया ने देखी। 'अब उसी घटना पर मरहम लगाने की कोशिश की जा रही है ताकि युवा वर्ग का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सके,' उन्होंने कहा।
चौधरी ने यह भी कहा कि BJP और RSS को आशंका है कि यदि जेनजी का समर्थन उनसे दूर हो गया तो आगामी चुनावों में इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है — इसीलिए युवाओं को साधने का प्रयास किया जा रहा है।
चौधरी की माँग: माफी और निष्पक्ष जाँच
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि यदि मोहन भागवत वास्तव में युवाओं के पक्ष में खड़े हैं, तो उन्हें केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से इस पूरे मामले पर सार्वजनिक बयान दिलवाना चाहिए था, युवाओं के साथ हुई कथित कार्रवाई पर माफी माँगनी चाहिए थी और निष्पक्ष जाँच की माँग करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई ऐसे की गई मानो आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा हो, जिसकी जाँच होनी चाहिए।
आगे क्या
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब देश में युवा बेरोज़गारी और सामाजिक असंतोष को लेकर राजनीतिक दलों के बीच खींचतान जारी है। गौरतलब है कि जेनजी को लेकर RSS प्रमुख की यह टिप्पणी व्यापक विमर्श का हिस्सा बन गई है, और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज़ होने की संभावना है।