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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का जेनजी से संवाद सराहनीय: शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम

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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का जेनजी से संवाद सराहनीय: शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने नागपुर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जेनजी संवाद को समय की ज़रूरत बताया। साथ ही शिवसेना सिंबल मामले में सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद जताई, कांग्रेस से 'गूंगी गुड़िया' टिप्पणी पर माफी माँगी और राहुल गांधी पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

संजय निरुपम ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जेनजी के साथ संवाद को स्वागतयोग्य और समयोचित पहल बताया।
निरुपम ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग दोनों पहले ही एकनाथ शिंदे की शिवसेना को वास्तविक शिवसेना घोषित कर चुके हैं।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार की कथित 'गूंगी गुड़िया' टिप्पणी पर निरुपम ने तत्काल सार्वजनिक माफी की माँग की।
निरुपम ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे कांग्रेस शासित राज्यों के मुद्दों पर मौन रहते हैं, जबकि अन्य राज्यों के मामलों का राजनीतिकरण करते हैं।
निरुपम ने राहुल गांधी को झारखंड के रांची जाकर कथित पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने की चुनौती दी।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 6 अगस्त को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के जेनजी (Gen-Z) के साथ संवाद को एक स्वागतयोग्य और समयोचित पहल करार दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को सही दिशा में मार्गदर्शन देने के लिए इस प्रकार के संवाद आज की सबसे बड़ी ज़रूरत हैं। इसके साथ ही निरुपम ने सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े मामले, कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों और राहुल गांधी की राजनीति पर भी बेबाकी से अपने विचार रखे।

भागवत-जेनजी संवाद पर निरुपम का समर्थन

निरुपम ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना से ही व्यक्तित्व निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाला संगठन रहा है। उनके अनुसार, लगभग सौ वर्षों से संघ देशभर में लाखों शाखाओं के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान का भाव जागृत करता आया है। उन्होंने कहा, 'आज कुछ लोग युवाओं को भ्रमित कर उन्हें गलत दिशा में ले जाने और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे माहौल में मोहन भागवत का संवाद युवाओं को सकारात्मक सोच, राष्ट्रहित और सामाजिक जिम्मेदारी की ओर प्रेरित करेगा।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि युवाओं की समस्याओं से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन राजनीतिक प्रभाव में आकर छात्रों को भटकने से बचाना भी उतना ही आवश्यक है।

शिवसेना सिंबल मामले में सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद

सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जारी सुनवाई पर निरुपम ने कहा कि उनकी पार्टी को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग दोनों पहले ही तकनीकी और कानूनी आधार पर यह निर्णय दे चुके हैं कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ही वास्तविक शिवसेना है और चुनाव चिह्न उसी के पास रहना चाहिए। निरुपम ने दावा किया कि बड़ी संख्या में शिवसेना के विधायक, सांसद और वरिष्ठ नेता उद्धव ठाकरे की कार्यशैली और विचारधारा से असहमति के कारण शिंदे के साथ आए थे। उन्हें विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला भी उनकी पार्टी के पक्ष में होगा।

कांग्रेस की 'गूंगी गुड़िया' टिप्पणी पर तीखी आपत्ति

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए 'गूंगी गुड़िया' शब्द को लेकर उठे विवाद पर निरुपम ने कहा कि यह केवल किसी शब्द का मामला नहीं, बल्कि एक महिला जनप्रतिनिधि के सम्मान का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ एक सक्रिय सार्वजनिक व्यक्तित्व हैं। राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक है कि उनके प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया जाए। निरुपम ने माँग की कि कांग्रेस इस टिप्पणी के लिए तत्काल सार्वजनिक रूप से माफी माँगे।

राहुल गांधी पर सीधा हमला

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए निरुपम ने कहा कि महात्मा गांधी और राहुल गांधी की तुलना संभव नहीं है। उनके अनुसार, महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पथ पर चलकर देश को स्वतंत्रता दिलाने वाले नेता थे, जबकि राहुल गांधी राजनीतिक लाभ के लिए हर मुद्दे का राजनीतिकरण करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर छात्रों के मुद्दे से शुरू हुआ आंदोलन बाद में राजनीतिक रंग देने की कोशिश का शिकार हो गया। निरुपम ने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के हितैषी हैं, तो उन्हें झारखंड के रांची जाकर उन छात्रों से मिलना चाहिए जो कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आलोचना की कि कांग्रेस शासित राज्यों के ऐसे मुद्दों पर राहुल गांधी प्रायः मौन रहते हैं, जबकि अन्य राज्यों के मामलों को राजनीतिक रूप से उठाते हैं।

आगे की राजनीतिक दिशा

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब शिवसेना का सिंबल विवाद सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक चरण में है और महाराष्ट्र की राजनीति में विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। निरुपम के इन बयानों से स्पष्ट है कि एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना न्यायिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले पर जनमत तैयार करना और कांग्रेस को महिला-विरोधी भाषा के मुद्दे पर घेरना। हालाँकि, शिवसेना सिंबल मामले में 'जीत का भरोसा' जताना राजनीतिक बयानबाज़ी अधिक लगती है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अभी जारी है। राहुल गांधी पर 'राजनीतिकरण' का आरोप लगाते हुए निरुपम स्वयं उसी मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाते दिखते हैं — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में प्रायः अनदेखा रह जाता है। जेनजी और आरएसएस का संवाद वास्तव में एक नई सामाजिक रणनीति का संकेत है, जिसकी गहराई से पड़ताल होनी चाहिए।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत का जेनजी के साथ संवाद क्या है और संजय निरुपम ने इस पर क्या कहा?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जेनजी (नई पीढ़ी) के साथ सीधा संवाद किया, जिसे शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने स्वागतयोग्य और समयोचित पहल बताया। निरुपम के अनुसार, यह संवाद युवाओं को राष्ट्रहित, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करेगा।
सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के चुनाव चिह्न मामले में क्या स्थिति है?
शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। संजय निरुपम ने दावा किया कि विधानसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग पहले ही एकनाथ शिंदे की शिवसेना को वास्तविक शिवसेना घोषित कर चुके हैं और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर भी भरोसा है।
विजय वडेट्टीवार की 'गूंगी गुड़िया' टिप्पणी विवाद क्या है?
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कथित तौर पर महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के लिए 'गूंगी गुड़िया' शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर विवाद खड़ा हो गया। संजय निरुपम ने इसे महिला जनप्रतिनिधि के सम्मान का प्रश्न बताते हुए कांग्रेस से तत्काल सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की।
संजय निरुपम ने राहुल गांधी की राजनीति पर क्या आरोप लगाए?
निरुपम ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी राजनीतिक लाभ के लिए हर मुद्दे का राजनीतिकरण करते हैं और कांग्रेस शासित राज्यों की समस्याओं पर मौन रहते हैं। उन्होंने राहुल गांधी को झारखंड के रांची में कथित पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने की चुनौती दी।
एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उद्धव ठाकरे गुट में विभाजन का कारण क्या था?
संजय निरुपम के अनुसार, बड़ी संख्या में शिवसेना के विधायक, सांसद और वरिष्ठ नेता उद्धव ठाकरे की कार्यशैली और विचारधारा से असहमति के कारण एकनाथ शिंदे के साथ आए थे। यह विभाजन महाराष्ट्र की राजनीति का एक बड़ा मोड़ साबित हुआ, जिसका कानूनी विवाद अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
राष्ट्र प्रेस
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