मोहन भागवत का मुंबई में जेन-जी से सीधा संवाद: शिक्षा, LGBTQ अधिकार और युवा भूमिका पर एक घंटे की खुली चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने 6 अगस्त 2026 को मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मॉडल यूनाइटेड नेशंस (IIMUN) द्वारा आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी के युवाओं से सीधी बातचीत की। एक घंटे तक चले इस इंटरैक्टिव सत्र में शिक्षा, राजनीति, लैंगिक समानता, LGBTQ+ अधिकार और देश में युवाओं की भूमिका जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम का संचालन IIMUN के संस्थापक और अध्यक्ष ऋषभ शाह ने किया।
कार्यक्रम की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
IIMUN पिछले कई वर्षों से देशभर के स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए मॉडल यूनाइटेड नेशंस और नेतृत्व मंच संचालित करता आ रहा है। इस बार मंच पर RSS प्रमुख के साथ सीधा संवाद आयोजित कर युवाओं को विविध विचारों को सुनने और समझने का अवसर दिया गया — जो अपने आप में एक असामान्य पहल मानी जा रही है।
ऋषभ शाह ने कार्यक्रम के बाद कहा, 'बातचीत करना बहुत ज़रूरी है। हमारे जैसे देश में अगर बातचीत नहीं होगी, तो टकराव और आंदोलन बढ़ेंगे। लेकिन अगर बातचीत होती है, तो अनावश्यक विरोध की ज़रूरत नहीं पड़ती।' उन्होंने जेन-जी और जेन-अल्फा से अपील करते हुए कहा कि वे अपना जुड़ाव बनाए रखें और संवाद जारी रखें।
युवाओं की प्रतिक्रिया और मुख्य विषय
कार्यक्रम में शामिल एक छात्र ने कहा, 'मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे मोहन भागवत से बातचीत करने का मौका मिला। यह मेरे लिए बहुत सार्थक अनुभव था।' एक अन्य प्रतिभागी ने विचारों की विविधता का सम्मान करते हुए कहा कि वे लेफ्ट हों, राइट हों या किसी भी विचारधारा से — जो अपनी आवाज़ मज़बूती से उठाना जानते हैं, उनका वे सम्मान करते हैं।
LGBTQ+ समुदाय के अधिकारों पर हुई चर्चा को लेकर एक छात्र ने कहा, 'जब उन्होंने LGBTQ अधिकारों के बारे में बात की, तो वह बहुत महत्वपूर्ण था। एक ही लिंग से जुड़े लोगों के लिए भी लैंगिक समानता और विवाह के अधिकारों पर कानून बनना चाहिए।' शिक्षा और जेंडर इक्वालिटी पर भी छात्रों ने गहरी रुचि दिखाई।
सार्वजनिक हस्तियों और नेताओं की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा, 'ऋषभ शाह ने मोहन भागवत के साथ बहुत अच्छी बातचीत की। इतने युवा दर्शकों के सामने एक घंटे का इंटरव्यू करना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने इसे बखूबी संभाला।' शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा कि युवा पीढ़ी न केवल भविष्य है, बल्कि वर्तमान भी है और वे ईमानदारी की भाषा ही समझते हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा, 'यह हम सभी के लिए एक सीख है। हमें बातचीत करनी चाहिए, विचारों का आदान-प्रदान करना चाहिए — लेकिन प्यार और सम्मान के साथ।' उदयपुर के राजकुमार लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि विचारों में मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें लोगों के बीच मतभेद में नहीं बदलना चाहिए।
फिल्म जगत की उपस्थिति और नज़रिया
कार्यक्रम में अभिनेत्री कुब्रा सैत, अभिनेता साइरस ब्रोचा और जैकी भगनानी भी मौजूद रहे। कुब्रा सैत ने कहा कि हाल के विरोध-प्रदर्शनों के संदर्भ में यह एक-दूसरे को समझने का मौका है और खुले मन से सोचना ज़रूरी है। साइरस ब्रोचा ने IIMUN के मंच की सराहना करते हुए कहा, 'RSS प्रमुख और जेन-जी के बीच जो जुड़ाव बना है, वह एक सकारात्मक संकेत है।'
जैकी भगनानी ने कहा कि भागवत ने हर सवाल का जवाब बहुत सोच-समझकर दिया और उन्हें सुनकर कई मुद्दों पर बेहतर समझ मिली। यह संवाद इस बात का संकेत है कि पीढ़ियों के बीच की खाई को खुली बातचीत से पाटा जा सकता है।
आगे क्या
IIMUN का यह प्रयोग — जहाँ एक विचारधारा के शीर्ष प्रतिनिधि को युवाओं के कठिन सवालों का सामना करना पड़ा — भविष्य में ऐसे और संवाद की राह खोल सकता है। ऋषभ शाह के अनुसार IIMUN किसी एक पक्ष का मंच नहीं है, बल्कि यह विविध नज़रियों का प्रतिनिधित्व करता है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि जेन-जी केवल सोशल मीडिया पर नहीं, बल्कि सीधे संवाद में भी अपनी बात रखने को तैयार है।