सेवा संकल्प यात्रा मध्य प्रदेश-राजस्थान पहुंची, BJYM का सेवा अभियान चौथे दिन भी जारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की 'सेवा संकल्प यात्रा' अपने चौथे दिन मध्य प्रदेश और राजस्थान में दाखिल हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जन-सेवा कार्यकाल के उपलक्ष्य में यह यात्रा 17 सितंबर 2026 को वडनगर (गुजरात) और वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से एक साथ प्रारंभ हुई थी। देशभर में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और जन-भागीदारी का संदेश फैलाना इस अभियान का मूल उद्देश्य बताया जा रहा है।
यात्रा का मार्ग और विस्तार
गुजरात और उत्तर प्रदेश से एक साथ निकली यह यात्रा कई राज्यों के रास्तों से होते हुए रविवार, 20 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमाओं में प्रवेश कर गई। यात्रा के दौरान हजारों BJYM कार्यकर्ता और आम नागरिक विभिन्न सेवा-संबंधी गतिविधियों में सहभागी हो रहे हैं। हर पड़ाव पर कार्यकर्ता स्थानीय समुदायों से मिलकर उनकी जरूरतों को समझ रहे हैं और जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।
प्रमुख नेताओं की भागीदारी
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 'सेवा यात्री' के रूप में इस अभियान में हिस्सा लिया और खेड़ा जिले के कनिज गाँव में ग्रामीणों के साथ 'जन संवाद' कार्यक्रम में शिरकत की। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रभारी वीडी शर्मा भी यात्रा के एक रूट में शामिल हुए और जमीनी गतिविधियों में भाग लिया।
उत्तर प्रदेश से राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और लोकसभा सांसद राजमणि कोल ने भी यात्रा में सहभागिता की। गुजरात के मंत्री कमलेश पटेल और रिवाबा जडेजा भी उन प्रमुख नेताओं में शामिल रहीं जिन्होंने सेवा-कार्यों में भाग लिया। चुने हुए प्रतिनिधि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।
आयोजित गतिविधियाँ और कार्यक्रम
यात्रा के हर पड़ाव पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सार्वजनिक स्थलों और गाँवों में स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण, भजन गायन और आध्यात्मिक सभाएँ, नागरिकों से सीधे संवाद के लिए जन चौपाल और जन संवाद कार्यक्रम, वृद्धाश्रमों का दौरा और बुजुर्गों की सेवा, तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार समुदाय-केंद्रित अन्य गतिविधियाँ शामिल हैं।
अभियान का व्यापक उद्देश्य
BJYM के अनुसार, यह यात्रा इस विचार को मूर्त रूप देती है कि सेवा कोई आकस्मिक या मौसमी काम नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक निरंतर दायित्व है। अभियान का मकसद युवा पीढ़ी को निस्वार्थ सेवा, अनुशासन, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों से जोड़ना बताया जा रहा है — जो प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन की पहचान रहे हैं। गौरतलब है कि यह यात्रा उस समय निकाली जा रही है जब BJYM देशभर में युवाओं को संगठनात्मक रूप से जोड़ने की कोशिशें तेज कर रही है।
आगे क्या
यात्रा अभी जारी है और आने वाले दिनों में अन्य राज्यों में भी पहुँचने की उम्मीद है। हर पड़ाव पर स्थानीय नेता और कार्यकर्ता अभियान से जुड़ते जा रहे हैं। यह देखना होगा कि बड़े पैमाने पर चले इस सेवा अभियान का जमीनी प्रभाव कितना स्थायी सिद्ध होता है।