नाइजीरिया के प्लेटो राज्य में अलग-अलग हमले: बस और चर्च जाते लोगों समेत ९ की मौत
सारांश
मुख्य बातें
मध्य नाइजीरिया के प्लेटो राज्य में शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच अज्ञात बंदूकधारियों ने बरकिन लाडी, रियोम और आसपास के कई समुदायों में अलग-अलग हमले किए, जिनमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। हमलों के बाद प्रभावित क्षेत्रों में भय और तनाव का माहौल है और कई परिवारों ने अपने गाँव छोड़ दिए हैं।
हमलों का घटनाक्रम
शनिवार रात बरकिन लाडी इलाके में एक व्यावसायिक बस पर बंदूकधारियों ने हमला किया, जिसमें पाँच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। म्वाघावुल डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष बुलुस डाबिट के अनुसार, बस में सवार लोग दूसरे शहर में काम पर जा रहे मज़दूर थे।
रविवार सुबह एक अलग घटना में चर्च जा रहे चार लोगों को गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों हमले आपस में जुड़े हो सकते हैं, हालाँकि अब तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
संभावित कारण और पृष्ठभूमि
बरकिन लाडी शाखा के मियेट्टी अल्लाह कैटल ब्रीडर्स एसोसिएशन ऑफ नाइजीरिया के सचिव गाम्बो अबुबकर ने दावा किया कि कुछ मवेशियों की कथित चोरी हुई थी और यह हमला उसी विवाद से जुड़ा हो सकता है। हालाँकि यह केवल एक संभावना है और जाँच एजेंसियों ने अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
गौरतलब है कि प्लेटो राज्य नाइजीरिया के 'मिडिल बेल्ट' क्षेत्र में स्थित है, जहाँ भूमि और संसाधनों को लेकर विभिन्न समुदायों के बीच हिंसक झड़पें अक्सर होती रहती हैं। यह क्षेत्र दशकों से किसानों और चरवाहों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है।
हाल की पिछली घटनाएँ
यह ऐसे समय में आया है जब मात्र एक सप्ताह पहले, 13 सितंबर 2026 को भी प्लेटो राज्य में मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों ने एक व्यावसायिक बस पर हमला किया था, जिसमें नौ लोगों की मौत हुई थी। उस मामले की जाँच अभी भी जारी है। इस प्रकार, केवल एक सप्ताह के भीतर इस राज्य में १८ लोगों की हत्या हो चुकी है।
प्रभावित समुदाय और सुरक्षा स्थिति
हमलों के बाद कई लोगों ने अपने गाँव छोड़ दिए हैं, जबकि कुछ स्थानीय निवासी आगे के हमलों का सामना करने के लिए अपने समुदायों में ही डटे हुए हैं। नाइजीरिया पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
आगे की स्थिति
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक 'मिडिल बेल्ट' में भूमि-विवाद और संसाधन-साझाकरण के मुद्दों का दीर्घकालिक समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक इस तरह की हिंसा की पुनरावृत्ति होती रहेगी। पुलिस और प्रशासन पर दबाव है कि वे दोनों मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करें।