8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बन्नू मुठभेड़: पुलिस-बंदूकधारी संघर्ष में 13 की मौत, 4 पुलिसकर्मी घायल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बन्नू मुठभेड़: पुलिस-बंदूकधारी संघर्ष में 13 की मौत, 4 पुलिसकर्मी घायल

सारांश

बन्नू के बराकजई इलाके में शनिवार को पुलिस और हथियारबंदों के बीच हुई मुठभेड़ में 13 की जान गई — 12 बंदूकधारी और एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी। यह घटना खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती हिंसा की उस श्रृंखला की नई कड़ी है जिसने मई में ही दर्जनों जानें ली हैं।

मुख्य बातें

बन्नू के बराकजई अखुंदखेल इलाके में 23 मई 2026 को पुलिस और बंदूकधारियों के बीच मुठभेड़ में 13 लोगों की मौत हुई।
डीपीओ यासिर अफरीदी के अनुसार पुलिस कार्रवाई में 12 बंदूकधारी मारे गए; एक सेवानिवृत्त फेडरल कॉन्स्टेबुलरी कर्मी भी मृत।
4 पुलिसकर्मी घायल ; इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात।
10 मई को बन्नू के फतेह खेल पुलिस पोस्ट पर आत्मघाती हमले में 15 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।
12 मई को लक्की मरवत बम धमाके में 9 मौतें , 33 घायल ; वाना विस्फोट में 3 और मौतें ।
पाकिस्तान सरकार इन हमलों के लिए कथित तौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को ज़िम्मेदार ठहराती है।

खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में 23 मई 2026 को पुलिस और हथियारबंद बंदूकधारियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 13 लोगों की मौत हो गई और 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह संघर्ष मिरयान तहसील के बराकजई अखुंदखेल इलाके में शनिवार को पुलिस पीस कमिटी और हथियारबंदों के बीच छिड़ा।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) यासिर अफरीदी ने बताया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान 12 बंदूकधारियों को मार गिराया गया। इसके अलावा एक पूर्व पुलिसकर्मी भी इस गोलीबारी में मारा गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दल के पुलिस स्टेशन पहुँचने से पहले ही हमलावरों ने गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी थीं।

बन्नू मेडिकल टीचिंग इंस्टीट्यूशन के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि मृत पूर्व पुलिसकर्मी को जिला मुख्यालय अस्पताल लाया गया था और उसकी पहचान फेडरल कॉन्स्टेबुलरी के सेवानिवृत्त कर्मी के रूप में हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बराकजई इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बराकजई इलाके में बड़ी संख्या में हथियारबंद सक्रिय हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान सरकार इन हमलों के लिए कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को ज़िम्मेदार ठहराती रही है।

गौरतलब है कि इस घटना से एक दिन पहले खैबर जिले की बारा तहसील में अज्ञात हमलावरों की गोलीबारी में एक पुलिस अधिकारी घायल हुआ था।

हाल के हमलों की पृष्ठभूमि

यह घटना ऐसे समय में आई है जब खैबर पख्तूनख्वा में हिंसा की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। 10 मई को बन्नू के फतेह खेल पुलिस पोस्ट पर हुए आत्मघाती हमले में 15 पुलिसकर्मियों की जान गई थी, जिसके बाद इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान को कड़ा विरोध पत्र जारी किया था।

12 मई को लक्की मरवत इलाके में हुए बम धमाके में 2 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों सहित 9 लोगों की मौत हुई और 33 घायल हुए। इसी सप्ताह लोअर साउथ वजीरिस्तान के वाना क्षेत्र में विस्फोट में एक कबायली प्रमुख सहित 3 लोगों की जान गई।

व्यापक विद्रोह की स्थिति

खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में पिछले कई वर्षों से सशस्त्र विद्रोह की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। बलोच आबादी पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ विभिन्न मंचों से आवाज़ उठाती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा बलों पर बढ़ते हमले इस क्षेत्र में राज्य की पकड़ को कमज़ोर करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।

बन्नू में ताज़ा मुठभेड़ इस बात का संकेत है कि खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा संकट अभी थमा नहीं है और आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों की चुनौतियाँ और बढ़ सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि पाकिस्तान की सुरक्षा रणनीति इस क्षेत्र में बुरी तरह चरमरा रही है। इस्लामाबाद का अफगानिस्तान को विरोध पत्र भेजना कूटनीतिक प्रतिक्रिया कम, असहायता का प्रदर्शन अधिक लगता है। सवाल यह है कि जब टीटीपी को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है लेकिन कोई ठोस जवाबी कार्रवाई नज़र नहीं आती, तो क्या यह आरोपण महज़ एक राजनीतिक ढाल बन चुका है? बराकजई जैसे इलाकों में हथियारबंदों की मज़बूत पकड़ यह भी बताती है कि ज़मीनी नियंत्रण कागज़ों पर जितना दिखता है, असलियत उससे कहीं अलग है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बन्नू मुठभेड़ में कितने लोग मारे गए?
बन्नू के बराकजई अखुंदखेल इलाके में 23 मई 2026 को हुई मुठभेड़ में कुल 13 लोगों की मौत हुई — जिनमें 12 बंदूकधारी और एक सेवानिवृत्त फेडरल कॉन्स्टेबुलरी कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा 4 पुलिसकर्मी घायल हुए।
बन्नू में गोलीबारी किसके बीच हुई?
यह मुठभेड़ पुलिस पीस कमिटी और हथियारबंद बंदूकधारियों के बीच हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दल के पुलिस स्टेशन पहुँचने से पहले ही हमला शुरू हो गया था।
खैबर पख्तूनख्वा में इन हमलों के लिए कौन ज़िम्मेदार है?
पाकिस्तान सरकार कथित तौर पर इन हमलों के लिए प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को ज़िम्मेदार ठहराती रही है। हालाँकि, हर घटना में आधिकारिक पुष्टि अलग-अलग रही है।
मई 2026 में खैबर पख्तूनख्वा में और कौन-सी हिंसक घटनाएँ हुई हैं?
10 मई को बन्नू के फतेह खेल पुलिस पोस्ट पर आत्मघाती हमले में 15 पुलिसकर्मी शहीद हुए। 12 मई को लक्की मरवत बम धमाके में 9 लोगों की मौत और 33 घायल हुए। इसी सप्ताह वाना क्षेत्र में विस्फोट में एक कबायली प्रमुख सहित 3 लोग मारे गए।
बन्नू में सुरक्षा स्थिति अभी कैसी है?
मुठभेड़ के बाद बराकजई इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इलाके में अभी भी बड़ी संख्या में हथियारबंद सक्रिय हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले