खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू में पुलिस वाहन पर रॉकेट हमला, कांस्टेबल रजा अली शाह की मौत, दो घायल
सारांश
Key Takeaways
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू शहर स्थित कंगर जान बहादुर इलाके में शुक्रवार, 1 मई को सशस्त्र हमलावरों ने एक पुलिस वाहन को रॉकेट से निशाना बनाया, जिसमें कांस्टेबल (ड्राइवर) रजा अली शाह की मौत हो गई और दो अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। पाकिस्तानी समाचार पत्र 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला उस वक्त हुआ जब पुलिसकर्मी फतेह खेल चेकपॉइंट से लौट रहे थे।
हमले का घटनाक्रम
बन्नू के जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) यासिर अफरीदी ने बताया कि रॉकेट हमले के तुरंत बाद इलाके में गोलीबारी और धमाके भी हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने मिरयान रोड पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल इलाज के लिए नज़दीकी अस्पताल भेजा गया।
सुरक्षा बलों ने हमले के बाद पूरे इलाके को घेर लिया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। अब तक किसी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।
सुरक्षा बलों पर बढ़ते हमलों का संदर्भ
यह घटना पाकिस्तान के सीमावर्ती प्रांतों — विशेषकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा — में कानून प्रवर्तन कर्मियों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों में हो रही वृद्धि के बीच हुई है। गौरतलब है कि यह इस क्षेत्र में हाल के हफ्तों में हुई कई ऐसी घटनाओं में से एक है।
इसी सप्ताह की शुरुआत में बलूचिस्तान के पिशिन जिले के हुरमजई इलाके में सशस्त्र हमलावरों ने एक चेकपोस्ट को निशाना बनाया था, जिसमें एक पुलिस हेड कांस्टेबल की जान चली गई। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर स्वचालित हथियारों से लैस थे और दोनों ओर से हुई गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गए।
पिछले हमलों की श्रृंखला
19 अप्रैल को खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम गढ़ी इलाके में बाइक पर सवार हमलावरों ने बाज़ार में खरीदारी कर रहे दो फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी (एफसी) जवानों को गोली मार दी थी। इससे पहले 18 मार्च को ऊपरी दीर के मनो बंडा इलाके में एलीट फोर्स के एक सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) को उनके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी, जिन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
आगे क्या
सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में पुलिस व अर्धसैनिक बलों पर हमलों की यह श्रृंखला पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों को और गहरा करती है। तलाशी अभियान जारी है और जाँच एजेंसियाँ हमलावरों की पहचान करने में जुटी हैं।