बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने डेरा मुराद जमाली सड़क निर्माण साइट हमले की जिम्मेदारी ली, मशीनें तबाह
सारांश
Key Takeaways
बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने 1 मई 2026 को घोषणा की कि उसके लड़ाकों ने 29 अप्रैल को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के डेरा मुराद जमाली के निकट पिट फीडर पिरोपल इलाके में एक सड़क निर्माण साइट पर हमला किया, जिसमें साइट की मशीनरी को भारी नुकसान पहुँचाया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पुलिस ने पुष्टि की है कि हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और मामले की जाँच जारी है।
हमले का विवरण
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने निर्माण साइट पर रॉकेट दागे, जिससे मशीनें तबाह हो गईं और निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर जाँच शुरू कर दी गई है। यह हमला नसीराबाद ज़िले के अंतर्गत आने वाले डेरा मुराद जमाली क्षेत्र में हुआ।
BRG का दावा और चेतावनी
BRG के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने एक बयान में कहा कि उनके लड़ाकों ने उस इलाके में सरकारी निर्माण परियोजना पर काम कर रही एक 'मिलिट्री कंपनी' को निशाना बनाया और उसकी मशीनें पूरी तरह नष्ट कर दी गईं। प्रवक्ता ने स्थानीय ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी दी कि वे 'सरकारी प्रोजेक्ट्स' से दूर रहें, अन्यथा जान और माल के नुकसान की जिम्मेदारी उन्हें खुद उठानी होगी।
दोस्तैन बलूच ने यह भी कहा कि संगठन 'बलूचिस्तान की आज़ादी' तक इस तरह के ऑपरेशन जारी रखेगा और बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों के कथित 'शोषण' का विरोध करता रहेगा।
पिछले हमलों का संदर्भ
गौरतलब है कि पिछले महीने बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) और BRG ने बलूचिस्तान के अवारन, झाओ, बसीमा और सिबी इलाकों में सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों पर किए गए कई हमलों की जिम्मेदारी ली थी। इसके अलावा, मार्च में BRG ने सुई गैस फील्ड से कराची तक गैस पहुँचाने वाली एक बड़ी गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुँचाने की जिम्मेदारी भी ली थी, जिसमें पाइपलाइन को भारी क्षति हुई थी।
बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा
हाल के महीनों में बलूचिस्तान में इस तरह के हमलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इन हमलों में पाकिस्तानी सेना और पुलिस को निशाना बनाया जा रहा है और बुनियादी ढाँचे को भी गंभीर नुकसान पहुँचाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है और बलूचिस्तान में अलगाववादी आंदोलन की तीव्रता बढ़ती जा रही है।
आगे क्या
पाकिस्तानी अधिकारियों ने अभी तक इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जाँच जारी है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार, जब तक बलूचिस्तान में राजनीतिक और आर्थिक असंतोष का समाधान नहीं होता, इस तरह की घटनाएँ जारी रहने की आशंका है।