1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बन्नू में हथियारबंद हमलावरों ने दो पुलिसकर्मियों को गोली मारी, खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा संकट गहराया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बन्नू में हथियारबंद हमलावरों ने दो पुलिसकर्मियों को गोली मारी, खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा संकट गहराया

सारांश

बन्नू में एक ही दिन दो पुलिसकर्मियों की हत्या — और उसी सप्ताह बलूचिस्तान में तीन और हमले। PICSS की रिपोर्ट पहले ही चेतावनी दे चुकी थी कि मई में उग्रवाद फिर उभरा है। पाकिस्तान के दो सबसे अशांत प्रांतों में सुरक्षाबलों पर हमलों की यह लहर गहराते संकट की ओर इशारा करती है।

मुख्य बातें

बन्नू, खैबर पख्तूनख्वा में 12 जून को दो अलग-अलग घटनाओं में अज्ञात हमलावरों ने दो पुलिस कांस्टेबलों की गोली मारकर हत्या की।
पहला हमला बन्नू-मीरानशाह रोड पर, दूसरा एक कांस्टेबल के घर के बाहर हुआ; दोनों हमलावर फरार।
उसी सप्ताह बलूचिस्तान के किला अब्दुल्ला, पिशिन और डुकी में पुलिस ठिकानों पर हमलों में एक पुलिसकर्मी की मौत और दो घायल।
किला अब्दुल्ला हमले में हमलावर दो एके-47 राइफलें , एक कार और एक मोटरसाइकिल लूटकर ले गए।
PICSS की मासिक रिपोर्ट के अनुसार मई में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में उग्रवादी हमलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में शुक्रवार, 12 जून को अलग-अलग दो घटनाओं में अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने दो पुलिस कांस्टेबलों की गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। यह हमले ऐसे समय में हुए हैं जब पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी प्रांतों में सुरक्षाबलों पर हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पहली घटना में एक पुलिस कांस्टेबल किसी कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहा था, तभी बन्नू-मीरानशाह रोड पर अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियाँ चला दीं। गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल की मौके पर ही मौत हो गई।

दूसरी घटना में एक अन्य पुलिस कांस्टेबल को उसके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। दोनों ही मामलों में हमलावर फरार हो गए।

सर्च ऑपरेशन जारी

पुलिस ने दोनों घटनाओं के बाद संबंधित इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अब तक किसी हमलावर की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

बलूचिस्तान में भी हमलों की लहर

इसी सप्ताह बलूचिस्तान प्रांत के किला अब्दुल्ला, पिशिन और डुकी जिलों में पुलिस ठिकानों पर हमले हुए, जिनमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। किला अब्दुल्ला के पुलिस अधीक्षक अथर रशीद के अनुसार, मोटरसाइकिलों पर सवार हथियारबंद हमलावरों के एक समूह ने गिलो पुलिस चेकपोस्ट पर भारी हथियारों से हमला किया और बाद में उसमें आग लगा दी।

रशीद ने बताया कि हमलावर अपने साथ दो एके-47 राइफलें, एक निजी कार और एक मोटरसाइकिल ले गए। आग लगने से चेकपोस्ट को भारी नुकसान पहुँचा और वहाँ मौजूद रिकॉर्ड तथा फर्नीचर पूरी तरह जल गए।

पिशिन के सरानान इलाके में सुल्तान पुलिस स्टेशन पर हुए हमले में हमलावरों ने पुलिसकर्मियों से हथियार छीन लिए और विस्फोटकों का उपयोग कर इमारत को क्षतिग्रस्त किया। डुकी में मंगलवार रात एक पुलिस स्टेशन पर हमले के दौरान हुई गोलीबारी में एक पुलिस अधिकारी की जान गई और दो अन्य घायल हुए।

सुरक्षा स्थिति पर विशेषज्ञों की चिंता

पिछले सप्ताह पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट में कहा गया था कि मई 2025 में पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति और बिगड़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में उग्रवादी हमलों, मौतों, आत्मघाती हमलों और अपहरण की घटनाओं में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो यह दर्शाती है कि इन प्रांतों में सुरक्षा चुनौतियाँ अभी भी गंभीर बनी हुई हैं।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि बन्नू और आसपास के जिले वर्षों से उग्रवादी गतिविधियों के केंद्र रहे हैं। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि बिना ठोस रणनीतिक बदलाव के इन हमलों पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के लिए यह बढ़ता दबाव आने वाले हफ्तों में नीतिगत प्रतिक्रिया की माँग करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये हमले सुरक्षाबलों के मनोबल पर गहरा असर डालते रहेंगे।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बन्नू में पुलिसकर्मियों पर हमला कब और कहाँ हुआ?
12 जून को खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर हमले हुए — एक बन्नू-मीरानशाह रोड पर और दूसरा एक कांस्टेबल के घर के बाहर। दोनों घटनाओं में एक-एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हुई।
हमलावरों को पकड़ा गया या नहीं?
अभी तक किसी हमलावर की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने दोनों घटनाओं के बाद संबंधित इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
उसी सप्ताह बलूचिस्तान में क्या हुआ?
बलूचिस्तान के किला अब्दुल्ला, पिशिन और डुकी जिलों में पुलिस ठिकानों पर हमले हुए जिनमें एक पुलिसकर्मी की मौत हुई और दो घायल हुए। किला अब्दुल्ला में हमलावर दो एके-47 राइफलें, एक कार और एक मोटरसाइकिल लूटकर ले गए और चेकपोस्ट में आग लगा दी।
पाकिस्तान में उग्रवादी हमलों का ताज़ा रुझान क्या है?
PICSS की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार मई 2025 में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में उग्रवादी हमलों, मौतों, आत्मघाती हमलों और अपहरण की घटनाओं में तेज बढ़ोतरी देखी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ समय की कमी के बाद हमले फिर बढ़ गए हैं।
बन्नू जिला सुरक्षा के लिहाज़ से इतना संवेदनशील क्यों है?
बन्नू खैबर पख्तूनख्वा का एक सीमावर्ती जिला है जो वर्षों से उग्रवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है। बन्नू-मीरानशाह रोड उत्तरी वज़ीरिस्तान को जोड़ती है, जो ऐतिहासिक रूप से उग्रवादी समूहों की सक्रियता का क्षेत्र रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले