बन्नू में हथियारबंद हमलावरों ने दो पुलिसकर्मियों को गोली मारी, खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा संकट गहराया
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में शुक्रवार, 12 जून को अलग-अलग दो घटनाओं में अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने दो पुलिस कांस्टेबलों की गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। यह हमले ऐसे समय में हुए हैं जब पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी प्रांतों में सुरक्षाबलों पर हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पहली घटना में एक पुलिस कांस्टेबल किसी कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहा था, तभी बन्नू-मीरानशाह रोड पर अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियाँ चला दीं। गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल की मौके पर ही मौत हो गई।
दूसरी घटना में एक अन्य पुलिस कांस्टेबल को उसके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। दोनों ही मामलों में हमलावर फरार हो गए।
सर्च ऑपरेशन जारी
पुलिस ने दोनों घटनाओं के बाद संबंधित इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अब तक किसी हमलावर की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
बलूचिस्तान में भी हमलों की लहर
इसी सप्ताह बलूचिस्तान प्रांत के किला अब्दुल्ला, पिशिन और डुकी जिलों में पुलिस ठिकानों पर हमले हुए, जिनमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। किला अब्दुल्ला के पुलिस अधीक्षक अथर रशीद के अनुसार, मोटरसाइकिलों पर सवार हथियारबंद हमलावरों के एक समूह ने गिलो पुलिस चेकपोस्ट पर भारी हथियारों से हमला किया और बाद में उसमें आग लगा दी।
रशीद ने बताया कि हमलावर अपने साथ दो एके-47 राइफलें, एक निजी कार और एक मोटरसाइकिल ले गए। आग लगने से चेकपोस्ट को भारी नुकसान पहुँचा और वहाँ मौजूद रिकॉर्ड तथा फर्नीचर पूरी तरह जल गए।
पिशिन के सरानान इलाके में सुल्तान पुलिस स्टेशन पर हुए हमले में हमलावरों ने पुलिसकर्मियों से हथियार छीन लिए और विस्फोटकों का उपयोग कर इमारत को क्षतिग्रस्त किया। डुकी में मंगलवार रात एक पुलिस स्टेशन पर हमले के दौरान हुई गोलीबारी में एक पुलिस अधिकारी की जान गई और दो अन्य घायल हुए।
सुरक्षा स्थिति पर विशेषज्ञों की चिंता
पिछले सप्ताह पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट में कहा गया था कि मई 2025 में पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति और बिगड़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में उग्रवादी हमलों, मौतों, आत्मघाती हमलों और अपहरण की घटनाओं में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो यह दर्शाती है कि इन प्रांतों में सुरक्षा चुनौतियाँ अभी भी गंभीर बनी हुई हैं।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि बन्नू और आसपास के जिले वर्षों से उग्रवादी गतिविधियों के केंद्र रहे हैं। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि बिना ठोस रणनीतिक बदलाव के इन हमलों पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के लिए यह बढ़ता दबाव आने वाले हफ्तों में नीतिगत प्रतिक्रिया की माँग करेगा।