क्या पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गोलीबारी से चार पुलिसकर्मियों की जान गई?
सारांश
Key Takeaways
- खैबर पख्तूनख्वा में चार पुलिसकर्मियों की हत्या।
- अज्ञात हमलावरों द्वारा किए गए हमले।
- पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया।
- मानवाधिकार आयोग की चिंता।
- पुलिस कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल।
इस्लामाबाद, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में रविवार को गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं में चार पुलिसकर्मियों की जान चली गई। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से दी।
पाकिस्तानी समाचार चैनल जियो न्यूज के अनुसार, पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि लक्की मारवत के सराय नौरंग कस्बे में मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात हमलावरों ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की, जिसमें तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
मृतकों की पहचान नौरंग के ट्रैफिक पुलिस प्रभारी जलाल खान, कांस्टेबल अजीजुल्लाह और कांस्टेबल अब्दुल्ला के रूप में हुई है। पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और जांच आरंभ कर दी है।
इस बीच, बन्नू के मंदान क्षेत्र में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल राशिद खान को उस समय निशाना बनाया गया जब वह अपने घर से मंदान पुलिस स्टेशन ड्यूटी पर जा रहे थे।
ये हालिया घटनाएं पाकिस्तान में, विशेषकर सीमावर्ती प्रांतों खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में पुलिस कर्मियों को निशाना बनाकर किए गए हमलों की श्रृंखला में शामिल हैं।
शनिवार को खैबर पख्तूनख्वा में एक पुलिस चौकी पर हुए हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो पुलिसकर्मियों समेत तीन अन्य घायल हो गए। पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक अखबार डॉन ने पुलिस और स्थानीय निवासियों के हवाले से बताया कि यह हमला बाजौर जिले की बरंग तहसील स्थित पुलिस चौकी पर तड़के करीब 2 बजे हुआ।
डॉन से बात करते हुए जिला पुलिस के प्रवक्ता इसरार खान ने बताया कि मृतक की पहचान 60 वर्षीय स्थानीय निवासी नसीम गुल के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घायलों में दो पुलिसकर्मी, कांस्टेबल सुलेमान खान (35) और कांस्टेबल साज मोहम्मद (58) तथा एक स्कूल चौकीदार साहिबजादा (28) शामिल हैं। खान ने आगे बताया कि आतंकवादियों ने हमले को अंजाम देने के लिए भारी और हल्के दोनों तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया।
इस बीच, पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने 2025 के दौरान देश के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है।