खैबर पख्तूनख्वा में एलीट फोर्स के जवान की हत्या, सुरक्षा बलों पर बढ़ रहा खतरा
सारांश
Key Takeaways
- बाचा यूसुफ खान की हत्या ने सुरक्षा बलों के सामने बढ़ते खतरे को दर्शाया।
- पुलिस ने हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
- पाकिस्तान में पिछले कुछ समय में सुरक्षा बलों पर हमलों में वृद्धि हुई है।
- इस घटना ने खैबर पख्तूनख्वा की सुरक्षा स्थिति को चिंताजनक बना दिया है।
इस्लामाबाद, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अपर दीर जिले के गंडीगर के मनो बंदा क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने एलीट फोर्स के सहायक उप-निरीक्षक बाचा यूसुफ खान की गोली मारकर हत्या कर दी। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को पुलिस के हवाले से दी।
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बाचा यूसुफ खान को उनके निवास के बाहर निशाना बनाया गया। उन्हें तात्कालिक रूप से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि बाचा नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जा रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। घटना के बाद, पुलिस की एक बड़ी टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को घेर लिया और हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
गंडीगर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू की है। अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पिछले सप्ताह, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत जिले के बेट्टानी कबीले में एक पुलिस गाड़ी के पास हुए धमाके में कम से कम छह पुलिसकर्मी मारे गए और एक घायल हुआ।
जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि धमाका एक पुलिस मोबाइल के पास हुआ, जिसमें छह पुलिसवालों की जान गई और एक पुलिसकर्मी घायल हुआ।
स्थानीय मीडिया ने बताया कि 8 मार्च को पाकिस्तान के क्वेटा के किल्ली इस्माइल क्षेत्र में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने कहा कि इंस्पेक्टर मेथा खान हाल ही में सीटीडी में शामिल हुए थे। उन्हें 8 मार्च को किल्ली इस्माइल क्षेत्र में जाते समय हमलावरों ने गोली मारी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि मोटरसाइकिल पर सवार हथियारबंद लोगों ने सीटीडी अधिकारी पर गोली चलाई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
एक अधिकारी ने आगे कहा कि घटना के बाद हमलावर मौके से भाग गए।
इस्लामाबाद के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में पाकिस्तान में लड़ाई से संबंधित मौतों में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस वृद्धि का कारण देश भर में आत्मघाती हमलों में वृद्धि है।
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में 470 लोगों की मृत्यु हुई और 333 घायल हुए। पीड़ितों में 96 आम नागरिक, 80 सुरक्षा बल के सदस्य और 294 आतंकवादी शामिल हैं। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, घायलों में 259 आम नागरिक, 50 सुरक्षा बल के सदस्य और 24 आतंकवादी शामिल हैं।
ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि जनवरी की तुलना में सुरक्षा बल के जवानों की मौत में 74 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि आम लोगों की मौत में 32 प्रतिशत और उग्रवादी मौत में 21 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
फरवरी में खैबर पख्तूनख्वा में 53 सुरक्षा बल के जवान और छह आम नागरिक मारे गए, जबकि 35 सुरक्षा बल के जवान और 48 आम नागरिक घायल हुए। खैबर पख्तूनख्वा में तीन आत्मघाती हमलों की घटनाएं हुईं, जिसमें 14 सुरक्षा बल के जवानों समेत 17 लोगों की जान चली गई और 20 लोग घायल हुए।