नाइजीरिया के कडुना में बंदूकधारियों का हमला: 30 से अधिक मौतें, बच्चे भी शिकार
सारांश
मुख्य बातें
नाइजीरिया के उत्तरी राज्य कडुना में 27 जुलाई 2025 की देर रात अज्ञात बंदूकधारियों ने कौरू लोकल गवर्नमेंट एरिया के नारिडोन समुदाय पर हमला किया, जिसमें बच्चों समेत 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने घरों और दुकानों में आग लगा दी तथा अंधाधुंध गोलीबारी की।
हमले का घटनाक्रम
सामुदायिक नेताओं के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, यह हमला रविवार रात लगभग 11 बजे स्थानीय समयानुसार (रात 22:00 GMT) शुरू हुआ। बंदूकधारियों ने इस दूरदराज के समुदाय को चारों ओर से घेरकर हमला किया। स्थानीय निवासी डोगोन राना ने पत्रकारों को बताया कि उनका घर भी इस हमले में पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
हमले में कई निवासी घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, गंभीर रूप से घायलों की संख्या को देखते हुए मृतकों का आँकड़ा और बढ़ सकता है।
हमले का मकसद अज्ञात
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस हमले के पीछे क्या कारण था। स्थानीय पुलिस ने सोमवार तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था। कडुना राज्य हाल के वर्षों में सांप्रदायिक हिंसा और सशस्त्र हमलों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र रहा है।
अनाम्ब्रा में इमारत ढहने की घटना
इसी बीच, नाइजीरिया के दक्षिणी राज्य अनाम्ब्रा में भी रविवार देर रात एक तीन मंजिला इमारत 'एलीट फाइव स्टार लॉज' के ढह जाने से दर्जनों लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। अनाम्ब्रा पुलिस के प्रवक्ता टोचुकु इकेन्गा ने बताया कि मलबे से कई घायलों को बचाया जा चुका है।
इस इमारत में मुख्य रूप से फेडरल पॉलिटेक्निक ओको के छात्र रहते थे, जो वर्तमान में 2025-26 शैक्षणिक सत्र के दूसरे सेमेस्टर में हैं। इकेन्गा ने कहा कि बचाव अभियान सोमवार को भी जारी रहा और आपातकालीन दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में लगे हुए हैं।
कडुना में हिंसा का इतिहास
गौरतलब है कि कडुना राज्य उत्तरी नाइजीरिया के उन इलाकों में शामिल है जहाँ पिछले कई वर्षों में सशस्त्र समूहों द्वारा सांप्रदायिक हमलों की घटनाएँ बार-बार सामने आई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नाइजीरियाई सरकार उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति सुधारने के लिए प्रयासरत है।
आगे क्या
स्थानीय अधिकारियों से मामले की जाँच की उम्मीद है, हालाँकि पुलिस की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। घायलों की बढ़ती संख्या और गंभीर स्थिति को देखते हुए मृतकों का आँकड़ा बदलने की आशंका बनी हुई है।