खैबर पख्तूनख्वा: घोरा गांव में बम धमाके से सरकारी स्कूल को नुकसान

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खैबर पख्तूनख्वा: घोरा गांव में बम धमाके से सरकारी स्कूल को नुकसान

सारांश

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में घोरा गांव में बम धमाके से एक सरकारी स्कूल ध्वस्त हो गया। पुलिस ने संदिग्धों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। जानें इस घटना की विस्तृत जानकारी।

मुख्य बातें

घोरा गांव में बम धमाका हुआ।
एक सरकारी स्कूल ध्वस्त हो गया।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
खैबर पख्तूनख्वा में हमलों की संख्या बढ़ रही है।
सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस ने कदम उठाए हैं।

इस्लामाबाद, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू शहर के घोरा गांव में गुरुवार को एक बम धमाका हुआ, जिसके कारण एक सरकारी स्कूल पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। धमाके के बाद स्कूल की संरचना को गंभीर नुकसान हुआ। पुलिस के सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों ने स्कूल के अंदर आईईडी बनाने का प्रयास किया था, तभी यह धमाका हुआ। इस घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी की जानी बाकी है।

पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि संभावित आत्मघाती हमलावर की सूचना मिली है। ऐसा माना जा रहा है कि बन्‍नू पुलिस लाइन्स उसका संभावित निशाना हो सकता है। इस कारण से बन्‍नू पुलिस लाइन्स रोड को सभी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है और शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पिछले वर्ष के दौरान लक्षित हमलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 'सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज' (सीआरएसएस) की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस प्रांत में पिछले साल हिंसा में वृद्धि हुई थी। मरने वालों की संख्या 2024 में 1,620 से बढ़कर 2025 में 2,331 हो गई।

पिछले सप्ताह, अज्ञात बंदूकधारियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के 'अपर दीर' जिले के 'गांडीगर' क्षेत्र में एलीट फोर्स के एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) को गोली मारकर हत्या कर दी।

'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, यूसुफ खान को अज्ञात हमलावरों ने उनके आवास के बाहर निशाना बनाया। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, खान नमाज अदा करने के लिए मस्जिद जा रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। गांडीगर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

'जियो न्यूज' के अनुसार, 13 मार्च को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवाट जिले में एक पुलिस वाहन के पास हुए विस्फोट में कम से कम सात पुलिसकर्मी मारे गए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में घटनाओं की बढ़ती संख्या के बीच। स्थानीय प्रशासन को इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घोरा गांव में धमाका कब हुआ?
यह धमाका 26 मार्च को हुआ।
इस धमाके में कितने लोग प्रभावित हुए?
बम धमाके के कारण स्कूल ध्वस्त हुआ, लेकिन लोगों की हताहती की जानकारी अभी तक नहीं आई है।
क्या पुलिस ने इस मामले में कुछ किया?
पुलिस ने संदिग्धों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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