क्या पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में अज्ञात हमलावरों ने पुल को उड़ा दिया?
सारांश
Key Takeaways
- पुल का उड़ा जाना क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डालता है।
- स्थानीय लोगों के लिए आवाजाही में बाधा उत्पन्न हुई है।
- स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
- सरकार को सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
- इस घटना ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
इस्लामाबाद, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में कुर्रम नदी पर स्थित एक महत्वपूर्ण पुल को बुधवार को अज्ञात हमलावरों ने विस्फोटकों से उड़ा दिया।
यह घटना प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले की शेवा तहसील में हुई, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर नई चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं। पुल के टूटने से इस क्षेत्र और प्रांत के कई नजदीकी इलाकों के बीच जमीनी संपर्क कट गया है, जिनमें मीरानशाह और बन्नू भी शामिल हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन ने बताया कि अज्ञात हमलावरों ने सुबह के समय पुल के नीचे बड़ी मात्रा में विस्फोटक रख दिए थे। जोरदार धमाके की आवाज कई मील दूर तक सुनी गई, जिससे स्थानीय निवासियों में डर और घबराहट फैल गई।
हमले के बाद पाकिस्तानी पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और इलाके को घेर लिया, जबकि जांच शुरू कर दी गई। रिपोर्टों के अनुसार, क्षतिग्रस्त पुल इस क्षेत्र में एक आवश्यक संचार लिंक का कार्य करता है। यह आम लोगों, मरीजों, छात्रों, व्यापारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण यात्रा मार्ग था।
पुल के टूटने से स्वास्थ्य सेवाओं, आवश्यक सामान की डिलीवरी और दैनिक व्यावसायिक गतिविधियों में रुकावट आई है। इसकी वजह से लोगों को लंबी और कठिन वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
हालांकि, बलूचिस्तान प्रांत में लंबे समय से इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले होते रहे हैं, लेकिन हाल के महीनों में खैबर पख्तूनख्वा में भी ऐसी घटनाएँ बढ़ी हैं। पिछले साल 7 दिसंबर को, अनजान हमलावरों ने बन्नू जिले के ममंदखेल इलाके में एक लिंक पुल को विस्फोटकों से उड़ा दिया, जिससे लोगों की आवाजाही में रुकावट आई।
पिछले महीने, एक हफ्ते के अंदर, हमलावरों ने रात में नॉर्थ वजीरिस्तान की मीर अली तहसील में दो सरकारी स्कूलों को उड़ा दिया। हाल ही में पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने 2025 तक खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई।