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ईरान ने इजरायली रिफाइनरी पर हमला किया: अमेरिका-इजरायल के हमलों का प्रतिशोध

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ईरान ने इजरायली रिफाइनरी पर हमला किया: अमेरिका-इजरायल के हमलों का प्रतिशोध

सारांश

ईरान ने इजरायली रिफाइनरी पर हमले की घोषणा की है, यह अमेरिका-इजरायल के हालिया हमलों के जवाब में किया गया। इस घटना से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की संभावनाएं हैं।

मुख्य बातें

ईरान ने इजरायली रिफाइनरी पर हमला किया।
संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल के हमलों का प्रतिशोध था।
ईरान के आईआरजीसी ने हमले की जिम्मेदारी ली।
कई तेल डिपो मिसाइलों की चपेट में आए।
मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की संभावना।

तेहरान, ८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान ने अपने ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के बाद इजरायली रिफाइनरी पर हमला किया है। यह जानकारी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने दी। आईआरजीसी ने बताया कि उसने शनिवार रात को इजरायल के हाइफा में एक रिफाइनरी पर हमला किया, जो कि अमेरिका-इजरायल के हमलों के प्रतिशोध में किया गया था।

ईरान के राष्ट्रीय सैन्य बल (आईआरजीसी) ने अपने आधिकारिक समाचार प्लेटफार्म सेपाह न्यूज़ पर एक बयान में कहा कि हाइफा रिफाइनरी पर हमले के लिए खेइबरशेकान मिसाइलों का उपयोग किया गया। इस बीच, सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि राष्ट्रीय ईरानी ऑयल रिफाइनरी और वितरण कंपनी ने कहा कि शनिवार रात को अमेरिका-इजरायल के हमलों में देश का ऊर्जा ढांचा प्रभावित हुआ है।

कंपनी ने कहा कि तेहरान और अल्बोरज प्रांतों में कई तेल डिपो मिसाइलों की चपेट में आ गए और उनमें आग लग गई। अग्निशामक दल ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। शनिवार रात को तेहरान पर जोरदार हमले किए गए, जिसके परिणामस्वरूप शहर के विभिन्न हिस्सों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।

२८ फरवरी को, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने तेहरान और अन्य कई ईरानी शहरों पर संयुक्त हमले किए थे। इनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और उनके परिवार के कुछ सदस्य, उच्च पदस्थ सैन्य कमांडरों और अनेक नागरिक भी मारे गए। ईरान ने मध्य पूर्व में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और कई ड्रोन हमलों के माध्यम से जवाब दिया।

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने इन हमलों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल का उद्देश्य ईरान को कमजोर करना और विभाजित करना है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से यह स्वीकार करने का अनुरोध किया कि उन्होंने गलती की है और इजरायल से धोखा खा गए हैं।

लारीजानी ने कहा कि अमेरिकियों ने हमारे लोगों के दिलों पर गहरा घाव छोड़ा है, जिसे हम नहीं भूलेंगे। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अरबिया को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि वह और उनके सऊदी समकक्ष फैसल बिन फरहान अल सऊद लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने आगे कहा कि सऊदी अधिकारियों ने ईरान को आश्वासन दिया है कि वे अपने क्षेत्र, हवाई क्षेत्र या जलक्षेत्र को ईरान के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि ईरान और इजरायल के बीच के तनाव ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस हमले से स्पष्ट होता है कि ईरान अपनी ऊर्जा बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए तैयार है और इसका क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने इजरायली रिफाइनरी पर हमला क्यों किया?
ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों का प्रतिशोध देने के लिए इजरायली रिफाइनरी पर हमला किया।
इस हमले के पीछे किसका हाथ है?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
क्या इस हमले से क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ जाएगी?
हां, यह हमले क्षेत्र में तनाव को बढ़ा सकते हैं और संभावित रूप से आगे के संघर्ष को जन्म दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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