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बोर्नो में सैन्य ठिकाने पर हमला नाकाम, नाइजीरियाई सेना ने 12 संदिग्ध आतंकवादी मार गिराए

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बोर्नो में सैन्य ठिकाने पर हमला नाकाम, नाइजीरियाई सेना ने 12 संदिग्ध आतंकवादी मार गिराए

सारांश

नाइजीरिया-कैमरून सीमा के पास किरावा में सैन्य चौकी पर आतंकी हमला नाकाम — 12 संदिग्ध ढेर, भारी हथियार बरामद। यह घटना उस बड़े संयुक्त अभियान के ठीक बाद आई है जिसमें नाइजीरियाई और अमेरिकी बलों ने मिलकर 175 ISWAP लड़ाके और शीर्ष कमांडर मार गिराए थे।

मुख्य बातें

बोर्नो के किरावा में 153 टास्क फोर्स बटालियन ने सैन्य चौकी पर हमला नाकाम किया, कम से कम 12 संदिग्ध हमलावर मारे गए।
हमलावर कैमरून सीमा की ओर भागे; कुछ घायल अवस्था में निकले।
बरामद हथियारों में एके-47 राइफलें , रॉकेट लॉन्चर और एक मशीन गन शामिल।
19 मई को नाइजीरियाई-अमेरिकी संयुक्त अभियान में 175 ISWAP लड़ाके और कई शीर्ष कमांडर मारे गए थे।
मारे गए नेताओं में ISWAP का कथित वैश्विक दूसरा सबसे बड़ा नेता अबू-बिलाल अल-मिनुकी भी शामिल।
नाइजीरिया-अमेरिका के नए आतंकवाद-रोधी और खुफिया सहयोग के तहत ये अभियान जारी रहेंगे।

नाइजीरिया की सेना ने 24 मई 2026 को बताया कि उत्तर-पूर्वी राज्य बोर्नो के किरावा कस्बे में स्थित एक सैन्य चौकी पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए सुरक्षाबलों ने कम से कम 12 संदिग्ध हमलावरों को मार गिराया। सेना के अनुसार, यह हमला नाइजीरिया-कैमरून सीमा के निकट शुक्रवार सुबह हुआ, जिसे 153 टास्क फोर्स बटालियन और सहयोगी बलों ने विफल कर दिया।

मुख्य घटनाक्रम

सेना के प्रवक्ता सानी उबा ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि संदिग्ध आतंकवादियों ने किरावा स्थित सैन्य पोस्ट में घुसने की कोशिश की, लेकिन तैनात जवानों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की। भारी गोलीबारी के बाद हमलावर पीछे हटने पर मजबूर हो गए और कैमरून सीमा की ओर भाग निकले। सेना के अनुसार, कुछ हमलावर घायल अवस्था में भागे।

सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से एके-47 राइफलें, रॉकेट लॉन्चर और एक मशीन गन सहित भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया।

पिछले सप्ताह का बड़ा संयुक्त अभियान

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नाइजीरियाई सेना ने 19 मई को बताया था कि नाइजीरियाई और अमेरिकी बलों के संयुक्त हवाई व जमीनी अभियानों में कुल 175 इस्लामिक स्टेट के लड़ाके और उनके वरिष्ठ कमांडर मारे जा चुके हैं। इन अभियानों में आतंकी संगठन के कई ठिकाने, हथियारों के भंडार, लॉजिस्टिक केंद्र और फंडिंग नेटवर्क भी नष्ट किए गए।

मारे गए आतंकियों में संगठन के कथित वैश्विक स्तर के दूसरे सबसे बड़े नेता अबू-बिलाल अल-मिनुकी का नाम प्रमुख है, जो फंडिंग, भर्ती, लॉजिस्टिक और हमलों की योजना बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाता था। इसके अलावा अब्द-अल वहाब — जो इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) में हमलों और प्रचार का जिम्मा संभालता था — अबू मूसा अल-मंगावी और मीडिया प्रोडक्शन से जुड़े अबू अल-मुथन्ना अल-मुहाजिर भी इस अभियान में मारे गए।

नाइजीरिया-अमेरिका सहयोग की भूमिका

ये अभियान नाइजीरिया और अमेरिका के बीच हाल ही में शुरू हुए नए आतंकवाद-रोधी और खुफिया सूचना साझाकरण समझौते के तहत संचालित किए जा रहे हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य पश्चिम अफ्रीका में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को व्यापक स्तर पर निशाना बनाना है।

सेना के प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि क्षेत्र में सक्रिय सभी आतंकी नेटवर्क को समूल नष्ट किया जा सके।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि बोर्नो राज्य वर्षों से ISWAP और बोको हराम जैसे आतंकी संगठनों की गतिविधियों का केंद्र रहा है। किरावा में हुई ताज़ा घटना यह दर्शाती है कि इन संगठनों की सैन्य चौकियों को निशाना बनाने की क्षमता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। नाइजीरियाई सेना के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और गश्त और अधिक सघन की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बोर्नो में दशकों पुरानी आतंकी जड़ें केवल हवाई हमलों और कमांडरों के खात्मे से नहीं उखड़तीं। असली सवाल यह है कि क्या इन सफलताओं के साथ-साथ स्थानीय शासन और पुनर्वास की कोई ठोस रणनीति भी तैयार है, जो इन संगठनों की भर्ती की नींव को कमज़ोर करे।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरावा में नाइजीरियाई सेना पर हमला कब और कैसे हुआ?
शुक्रवार सुबह नाइजीरिया-कैमरून सीमा के पास किरावा कस्बे में स्थित सैन्य चौकी पर संदिग्ध आतंकवादियों ने घुसपैठ की कोशिश की। 153 टास्क फोर्स बटालियन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 12 हमलावरों को मार गिराया और बाकी को सीमा पार खदेड़ दिया।
घटनास्थल से कौन-से हथियार बरामद हुए?
सेना ने मौके से एके-47 राइफलें, रॉकेट लॉन्चर और एक मशीन गन सहित भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया। ये हथियार हमलावरों द्वारा छोड़े गए थे।
19 मई के संयुक्त अभियान में क्या हुआ था?
नाइजीरियाई और अमेरिकी बलों के संयुक्त हवाई व जमीनी अभियानों में 175 ISWAP लड़ाके और कई शीर्ष कमांडर मारे गए थे। इनमें संगठन का कथित वैश्विक दूसरा सबसे बड़ा नेता अबू-बिलाल अल-मिनुकी भी शामिल था।
अबू-बिलाल अल-मिनुकी कौन था और उसकी मौत का क्या असर होगा?
अल-मिनुकी को ISWAP का वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा नेता बताया गया था, जो फंडिंग, भर्ती, लॉजिस्टिक और हमलों की योजना बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाता था। सेना के अनुसार, उसकी मौत से संगठन की कमान और नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा।
नाइजीरिया और अमेरिका के बीच आतंकवाद-रोधी सहयोग क्या है?
दोनों देशों के बीच हाल ही में एक नया आतंकवाद-रोधी और खुफिया सूचना साझाकरण समझौता शुरू हुआ है, जिसका उद्देश्य पश्चिम अफ्रीका में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को निशाना बनाना है। इसी के तहत 19 मई का बड़ा संयुक्त अभियान संचालित किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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