अरुणाचल के चांगलांग में मुठभेड़: एनएससीएन (के) के दो कैडर ढेर, हथियार बरामद

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अरुणाचल के चांगलांग में मुठभेड़: एनएससीएन (के) के दो कैडर ढेर, हथियार बरामद

सारांश

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में सुरक्षा बलों के तलाशी अभियान के दौरान एनएससीएन (के) के दो वरिष्ठ कैडर मारे गए। संगठन ने 'बिना उकसावे की गोलीबारी' का आरोप लगाया, जबकि मुठभेड़ स्थल से हथियार बरामद हुए और उग्रवादियों पर जबरन वसूली के आरोप भी हैं।

मुख्य बातें

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के दोइमुख नाला इलाके में सोमवार रात मुठभेड़ हुई।
एनएससीएन (के) के दो कैडर — स्वयंभू लेफ्टिनेंट कर्नल उमकोंग (नयांग गांव) और स्वयंभू सार्जेंट एनू (चिथोक गांव) — मारे गए।
मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।
एनएससीएन (के) ने 'बिना उकसावे की गोलीबारी' का आरोप लगाया और सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।
खबरों के अनुसार उग्रवादी स्थानीय ग्रामीणों पर जबरन वसूली का दबाव डाल रहे थे।
सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान क्षेत्र में जारी है।

सुरक्षा बलों ने सोमवार रात अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में मियाओ सर्कल के अंतर्गत दोइमुख नाला इलाके में तलाशी अभियान के दौरान आंग माई के नेतृत्व वाले उग्रवादी संगठन एनएससीएन (के) के दो कैडर मार गिराए। मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

सोमवार को सुरक्षा बलों ने दोइमुख नाला क्षेत्र में एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान कथित तौर पर उग्रवादियों की ओर से भारी गोलीबारी की गई, जिसके बाद सुरक्षा बल के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की और दोनों पक्षों के बीच जोरदार मुठभेड़ छिड़ गई। इस मुठभेड़ के परिणामस्वरूप एनएससीएन (के) के दो कैडर मारे गए।

मारे गए कैडरों की पहचान

एनएससीएन (के) ने मारे गए लोगों की पहचान स्वयंभू लेफ्टिनेंट कर्नल उमकोंग के रूप में की, जो तांगशांग क्षेत्र के नयांग गांव का रहने वाला था। दूसरे मृतक की पहचान स्वयंभू सार्जेंट एनू के रूप में की गई, जो लीनोंग क्षेत्र के चिथोक गांव का निवासी था। संगठन ने इन मौतों को मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 'कभी न पूरी होने वाली क्षति' बताया।

एनएससीएन (के) का दावा और आरोप

एनएससीएन (के) ने अपने बयान में दावा किया कि उसके 'पांगसाऊ पास कमांड ग्रुप' के सदस्य उस समय 'शांति जुटाने' की गतिविधियों और स्टिलवेल इंटरनेशनल हाईवे को पुनः शुरू करने के प्रयासों में संलग्न थे। संगठन ने आरोप लगाया कि उन पर 'जोरदार और बिना किसी उकसावे के गोलीबारी' की गई। हालांकि, खबरों के अनुसार एनएससीएन (के) के उग्रवादी लगातार गांव वालों पर जबरन वसूली की रकम देने का दबाव भी डाल रहे थे।

सरकार से स्पष्टीकरण की मांग

एनएससीएन (के) ने अधिकारियों से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि क्या यह कथित कार्रवाई भारत सरकार के निर्देशों के तहत की गई थी, या सुरक्षा बलों द्वारा स्वतंत्र रूप से। संगठन ने चेतावनी दी कि बल का प्रयोग अविश्वास को गहरा करेगा और राजनीतिक बातचीत के प्रयासों को कमज़ोर करेगा। उसने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का भी आग्रह किया।

क्या होगा आगे

यह मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब पूर्वोत्तर भारत में नागा शांति प्रक्रिया वर्षों से जारी है और विभिन्न गुटों के साथ बातचीत का दौर चल रहा है। गौरतलब है कि एनएससीएन (के) के विभिन्न धड़े समय-समय पर सुरक्षा बलों के साथ टकराव में आते रहे हैं। सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान क्षेत्र में जारी बताया जा रहा है, और आने वाले दिनों में सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऐसी घटनाएं बताती हैं कि ज़मीनी हकीकत वार्ता-मेज़ से बहुत अलग है। सरकार की चुप्पी — यदि जारी रही — तो संगठन को एकतरफा आख्यान गढ़ने का मौका देगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरुणाचल में एनएससीएन (के) मुठभेड़ कहाँ और कब हुई?
यह मुठभेड़ सोमवार रात अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में मियाओ सर्कल के अंतर्गत दोइमुख नाला इलाके में हुई। सुरक्षा बलों के तलाशी अभियान के दौरान उग्रवादियों की गोलीबारी के बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ छिड़ी।
एनएससीएन (के) के कौन से कैडर मारे गए?
मारे गए कैडरों की पहचान स्वयंभू लेफ्टिनेंट कर्नल उमकोंग (तांगशांग क्षेत्र, नयांग गांव) और स्वयंभू सार्जेंट एनू (लीनोंग क्षेत्र, चिथोक गांव) के रूप में की गई है। ये दोनों एनएससीएन (के) के 'पांगसाऊ पास कमांड ग्रुप' के सदस्य बताए गए हैं।
एनएससीएन (के) ने इस मुठभेड़ पर क्या आरोप लगाए हैं?
एनएससीएन (के) ने दावा किया कि उसके कैडर 'शांति जुटाने' और स्टिलवेल इंटरनेशनल हाईवे को पुनः शुरू करने की गतिविधियों में थे, तब उन पर 'बिना उकसावे' गोलीबारी की गई। संगठन ने इसे 'गैर-जिम्मेदाराना और उकसाने वाला कृत्य' बताया और सरकार से स्पष्टीकरण माँगा।
मुठभेड़ स्थल से क्या बरामद हुआ?
खबरों के अनुसार मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि उग्रवादी स्थानीय ग्रामीणों पर जबरन वसूली का दबाव डाल रहे थे।
नागा शांति प्रक्रिया पर इस घटना का क्या असर पड़ सकता है?
एनएससीएन (के) ने चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाएं 'नाजुक शांति और आपसी समझ' को अस्थिर कर सकती हैं और राजनीतिक बातचीत के प्रयासों को कमज़ोर कर सकती हैं। पूर्वोत्तर में नागा शांति वार्ता वर्षों से जारी है, और इस तरह की मुठभेड़ें प्रक्रिया को और जटिल बना सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस