पार्थ माने का एशियन गेम्स 2026 में पहला सिल्वर, कोच और माता-पिता को किया समर्पित
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शूटर पार्थ माने ने एशियन गेम्स 2026 में नागोया के मैदान पर पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह सीनियर स्तर पर उनके करियर का पहला एशियन गेम्स पदक है, जिसे उन्होंने अपने कोच और माता-पिता को समर्पित किया। हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्राक्ष पाटिल की तिकड़ी ने इस ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई।
पार्थ माने की भावुक प्रतिक्रिया
पदक जीतने के बाद पार्थ माने ने कहा, 'यह मेडल मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण और खास है, क्योंकि सीनियर टीम के साथ और यह एशियन गेम्स का भी मेरा पहला मेडल है। क्वालिफिकेशन अच्छे नहीं रहे थे और मैं अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं था, लेकिन जाहिर तौर पर मैंने इससे काफी कुछ सीखा, जो आगे मैचों में मेरी मदद करेंगे।' यह बयान उनकी परिपक्वता और आत्मविश्लेषण की क्षमता को दर्शाता है।
संघर्ष से सफलता तक की यात्रा
पार्थ ने अपनी यात्रा के उतार-चढ़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया, 'साल 2024 में जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मैं सीनियर टीम में आया। शुरुआत में मेरे लिए सीनियर प्लेयर्स के जितना स्कोर करना मुश्किल हो रहा था, लेकिन कोच और मेरी पूरी टीम की मदद से मैं उस स्तर पर पहुंचने में सफल रहा।' यह एशियन गेम्स जीत उनके उस संघर्ष का प्रमाण है।
पार्थ ने आगे कहा, 'मेरे माता-पिता ने भी मेरी इस यात्रा में मुझे शुरुआत से ही सपोर्ट किया और उन्होंने मुझसे कभी भी कोई सवाल नहीं पूछा। मैं अपने इस मेडल को अपने माता-पिता और कोच को समर्पित करना चाहता हूं।' उनके इस बयान ने भारतीय खेल जगत में एक भावुक पल रच दिया।
भारत का एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग में दबदबा
गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अब तक कुल 6 पदक जीते हैं, जिनमें से 5 पदक अकेले शूटिंग से आए हैं — यह भारतीय निशानेबाज़ी के उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। रविवार को महिला टीम ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इसके बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में इलावेनिल वलारिवन ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
पुरुष टीम के रजत पदक के बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों ने रजत पदक जीता, जबकि रुद्राक्ष पाटिल ने कांस्य पदक अपने नाम किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय शूटिंग महासंघ ने युवा प्रतिभाओं को वरिष्ठ टीम में शामिल करने की नीति पर ज़ोर दिया है।
आगे की चुनौतियाँ
पार्थ माने ने स्वीकार किया कि क्वालिफिकेशन राउंड में उनका प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं था, लेकिन टीम स्पर्धा में उन्होंने उम्दा वापसी की। इस अनुभव से मिली सीख उन्हें आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और मजबूत बनाएगी। भारतीय शूटिंग दल अब एशियन गेम्स 2026 के शेष कार्यक्रम में और पदकों की उम्मीद के साथ मैदान में उतरेगा।