राम कुमार सिंह हत्याकांड: मुख्य शूटर पवन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल, ₹7 लाख की सुपारी का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
भोजपुर जिले में कस्टम विभाग के सेवानिवृत्त असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह हत्याकांड में बिहार पुलिस को 6 नवंबर 2026 की अलसुबह बड़ी सफलता हाथ लगी, जब बहोरनपुर थाना क्षेत्र के सारंगपुर मोड़ के निकट हुई मुठभेड़ में मामले का मुख्य शूटर घायल हो गया। घायल शूटर की पहचान नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा हाउसिंग निवासी निर्मल यादव के 22 वर्षीय पुत्र पवन यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे तत्काल आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसके दाहिने पैर में घुटने के नीचे लगी गोली का उपचार चल रहा है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
भोजपुर पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने मौके पर पहुँचकर बताया कि पवन यादव ने पूछताछ के दौरान हत्या में इस्तेमाल हथियार छिपाने की जगह का खुलासा किया था। पुलिस टीम उसे हथियार बरामदगी के लिए उसी स्थान पर लेकर गई थी। इसी दौरान मौका पाकर पवन यादव ने पुलिस दल पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की ओर से चेतावनी दिए जाने के बावजूद गोलीबारी जारी रहने पर आत्मरक्षा में पुलिसकर्मियों ने उसके पैर में गोली मारी।
₹7 लाख की सुपारी और हत्या की साजिश
एसपी दीक्षित ने खुलासा किया कि मुख्य आरोपी चंदन सिंह समेत अन्य नामजद अभियुक्तों ने मिलकर राम कुमार सिंह की हत्या की सुपारी दी थी। कुल सुपारी की रकम करीब ₹7 लाख तय हुई थी, जिसमें से पहली किस्त में ₹2 लाख पिस्टल और अन्य सामग्री खरीदने के लिए अग्रिम रूप से दिए गए। हत्या से पहले सभी आरोपियों ने एक साथ बैठकर पूरी साजिश रची थी। गौरतलब है कि 15 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 6 बजे आरा के नवादा थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुरी मोहल्ले में जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के निकट राम कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
अब तक पाँच गिरफ्तारियाँ, एसआईटी जाँच जारी
इस मामले में अब तक पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पहले मनोज कुमार सिंह उर्फ लक्की को घटना के तुरंत बाद पकड़ा गया था। इसके बाद छापेमारी में चंदन सिंह और अभिषेक कुमार को कोलकाता एयरपोर्ट से, तथा टीपू (पिता रामाधार सिंह, चंदवा हाउसिंग कॉलोनी) को भोजपुर के टाउन इलाके से पकड़ा गया। इससे पहले भोजपुर के कोईलवर इलाके से शूटर पिंटू कुमार को भी गिरफ्तार किया गया था, जो चंदन सिंह का दोस्त है। पिंटू के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास और शराब मामलों समेत करीब दस संगीन मामले दर्ज हैं। उसके घर से एक देशी कट्टा और दो कारतूस भी बरामद हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ सदर-1 के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है।
जमीन विवाद — हत्या की जड़
जाँच में सामने आया है कि हत्या की मूल वजह भोजपुर के सिंगही में स्थित विवादित जमीन है। वर्ष 2006 से यह जमीन राम कुमार सिंह के बेटे के नाम पर थी और वर्ष 2020 में उन्होंने जमीन की घेराबंदी भी कराई थी। पुलिस जाँच के अनुसार, विपक्षी पक्ष ने वर्ष 2025 में इस जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी हासिल की और उसके आधार पर अलग-अलग व्यक्तियों के नाम रजिस्ट्री व म्यूटेशन करा लिया। एसपी दीक्षित ने कहा कि पुलिस यह जाँच कर रही है कि जब राम कुमार सिंह का दीर्घकाल से जमीन पर कब्जा था, तब यह रजिस्ट्री और म्यूटेशन किस आधार पर सम्भव हुई। 14 कट्ठा जमीन में जितने भी लोगों की हिस्सेदारी है, उन सभी को चिह्नित कर लिया गया है।
आगे क्या होगा
एसपी अवधेश दीक्षित ने कहा है कि पकड़े गए शूटर पवन यादव की जानकारी के आधार पर फरार अन्य शूटरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है और जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। इस मामले का व्यापक नेटवर्क — सुपारी देने वाले, हथियार मुहैया कराने वाले और साजिश में शामिल अन्य व्यक्ति — अभी भी पुलिस की जाँच के दायरे में हैं।